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खुशखबर: गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में लागू होगा सीबीसीएस, इन बच्चों की फीस होगी माफ

Fri, 09 Jul 2021 06:15 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 09 Jul 2021 06:15 PM IST
सार

कोविड से जान गंवाने वाले अभिभावकों के बच्चों की शुल्क होगी माफ, कुलपति ने प्राचार्यों के साथ बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर की चर्चा।

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CBCS will be applicable in colleges affiliated to Gorakhpur University
DDU gorakhpur - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में भी अब च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू होगा। प्रत्येक विद्यार्थी को एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स, एनएसएस, स्पोटर्स जैसे कोर्स लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा कोविड महामारी के चलते जान गंवाने वाले अभिभावकों के बच्चों का शुल्क माफ की जाएगी।

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कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के कमेटी हॉल में प्राचार्यों के साथ हुई बैठक में यह जानकारी दी। कुलपति ने कहा कि जल्द ही विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक एवं परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाएगा। ताकि सत्र को नियमित रखने के साथ वार्षिक परीक्षाओं का समय से आयोजन किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि नैंक मूल्यांकन, एनआईआएफ रैंकिंग, सीबीसीएस, ऑनलाइन पढ़ाई और मूल्यांकन का इसमें अहम योगदान होगा। इसके लिए महाविद्यालयों को अभी से तैयारियों में जुटना होगा। बैठक में वार्षिक परीक्षा, ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन, एडवांस सेटलमेंट, महाविद्यालयों में रिसर्च, सीबीसीएस, नैक मूल्यांकन, एनआईआरएफ रैंकिंग, आईसीटी सेल के गठन पर चर्चा हुई और प्राचार्यों से इन्हें और बेहतर बनाने का सुझाव लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्राचार्यों की समस्त मांगों को मानने पर सहमति जताई है।
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महाविद्यालय शिक्षक भी करा सकेंगे शोध

महाविद्यालयों के शिक्षकों को शोध कार्य कराने की अनुमति देने के मामले पर कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि उन्हें डीआरसी एवं आरडीसी के अनुमोदन के बाद एडवाइजर और को-एडवाइजर बनाया जा सकेगा। पीएचडी की कमेटी तीन सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। जिसके अनुसार विश्वविद्यालय के आर्डिनेंस में अपेक्षित परिवर्तन कर महाविद्यालय के शिक्षकों की मांग पूरी करने की दिशा में प्रयास होगा।

दूसरे और तीसरे शनिवार को होगी शिक्षकों से मुलाकात
बैठक में कुलपति ने कहा कि हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार की दोपहर तीन से पांच बजे तक विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के शिक्षकों से मुलाकात करेंगे। जबकि पहले और तीसरे शनिवार को प्राचार्य या शिक्षक  विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मिल सकेंगे।

मुलाकात के लिए आने वाले शिक्षक इसकी सूचना कुलपति कार्यालय को स्वयं अथवा मेल के माध्यम से कर दें, ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो। कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि परीक्षा समिति में अनुदानित महाविद्यालयों के दो शिक्षकों को सदस्य के रूप में नामित किया जाएगा। ऐसे संवाद आगे भी प्राचार्यों से जारी रहेंगे। कहा कि विश्वविद्यालय और अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के पाल्यों को प्रवेश में नियमानुसार छूट दी जाएगी।

 

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