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Gorakhpur News: किशोर ने बचाई लड़की की जान, खुद नदी में डूबा
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राजघाट क्षेत्र के तकियाघाट का मामला, एसडीआरएफ, गोताखोर कर रहे किशोर का तलाश
गोरखपुर। राजघाट क्षेत्र स्थित तकियाघाट पर बृहस्पतिवार को 14 वर्षीय विवेक ने नदी में डूब रही एक किशोरी (14) की जान तो बचा ली लेकिन खुद गहरे पानी में समाकर लापता हो गया। जानकारी पर एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हालांकि देर शाम तक उसका कहीं पता नहीं चला।
जानकारी के अनुसार, बसंतपुर खास निवासी विवेक अपने दोस्त के साथ तकिया घाट पर गया था। इसी दौरान एक मानसिक रूप से कमजोर किशोरी अचानक नदी में कूद गई। उसे डूबता देख विवेक भी बिना देर किए नदी में कूद गया और काफी मशक्कत के बाद किशोरी को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन खुद डूब गया।
घटना के समय मौजूद उसका दोस्त घबरा गया। उसने घरवालों को जानकारी दी जिसके बाद विवेक का परिवार पहुंचा। इसी बीच जानकारी पर पुलिस भी पहुंच गई और एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई।
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विवेक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा पांच का छात्र था। उसके पिता नगर निगम में सफाई कर्मी हैं। बेटे के लापता होने से परिवार में मातम पसरा है और पूरे गांव में शोक की लहर है। वहीं स्थानीय लोग विवेक की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना एक लड़की की जिंदगी बचा ली। फिलहाल प्रशासन की टीम नदी में उसकी तलाश में जुटी हुई है।
घर में पसरा मातम
घटना के बाद से विवेक के पिता विजेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। मां शिल्पी और अन्य परिजन सदमे में हैं। परिवार के लोग बार-बार यही कह रहे हैं कि उसने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी।
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गोरखपुर। राजघाट क्षेत्र स्थित तकियाघाट पर बृहस्पतिवार को 14 वर्षीय विवेक ने नदी में डूब रही एक किशोरी (14) की जान तो बचा ली लेकिन खुद गहरे पानी में समाकर लापता हो गया। जानकारी पर एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हालांकि देर शाम तक उसका कहीं पता नहीं चला।
जानकारी के अनुसार, बसंतपुर खास निवासी विवेक अपने दोस्त के साथ तकिया घाट पर गया था। इसी दौरान एक मानसिक रूप से कमजोर किशोरी अचानक नदी में कूद गई। उसे डूबता देख विवेक भी बिना देर किए नदी में कूद गया और काफी मशक्कत के बाद किशोरी को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन खुद डूब गया।
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घटना के समय मौजूद उसका दोस्त घबरा गया। उसने घरवालों को जानकारी दी जिसके बाद विवेक का परिवार पहुंचा। इसी बीच जानकारी पर पुलिस भी पहुंच गई और एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई।
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विवेक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा पांच का छात्र था। उसके पिता नगर निगम में सफाई कर्मी हैं। बेटे के लापता होने से परिवार में मातम पसरा है और पूरे गांव में शोक की लहर है। वहीं स्थानीय लोग विवेक की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना एक लड़की की जिंदगी बचा ली। फिलहाल प्रशासन की टीम नदी में उसकी तलाश में जुटी हुई है।
घर में पसरा मातम
घटना के बाद से विवेक के पिता विजेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। मां शिल्पी और अन्य परिजन सदमे में हैं। परिवार के लोग बार-बार यही कह रहे हैं कि उसने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी।