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MMMUT फर्जी प्रवेश का मामला: कुलसचिव को धमकी देने वाले लिपिक का पटल परिवर्तन, अब ड्यूटी चार्ट से खुलेगा राज

Fri, 13 Jan 2023 01:56 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 13 Jan 2023 01:56 PM IST
सार

बीटेक प्रवेश के दौरान काउंसिलिंग के समय शिक्षक-कर्मचारियों की ड्यूटी चार्ट से ही पर्दाफाश होगा। हालांकि, विवि प्रशासन ने ड्यूटी चार्ट को सील करा दिया है। फर्जी प्रवेश वाले छात्रों के दस्तावेज सत्यापन किसने किए हैं, रिपोर्ट किसने लगाई है, यह सब जांच में देखा जाएगा।

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Case of fake admission in MMMUT clerk threatened registrar changed table
MMMUT - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में फर्जी दस्तावेज के आधार पर बीटेक की कक्षाओं में प्रवेश लेने के मामले में एक लिपिक ने कुलसचिव को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर धमकी दी है। कुलसचिव ने लिपिक के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। उधर, उस लिपिक का पटल परिवर्तन कर दिया गया है। इसके अलावा चार और लिपिक का पटल परिवर्तन की तैयारी है।

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विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिन 40 विद्यार्थियों का प्रवेश फर्जी पाया है, सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए अपने अधिवक्ता से तहरीर देने के लिए विधिक राय मांगी है। अधिवक्ता की रिपोर्ट के बाद विवि प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। विश्वविद्यालय में फर्जी प्रवेश का मामला प्रकाश में आने के बाद परिसर में हड़कंप मचा हुआ है। सभी विभागों में प्रवेश को लेकर चर्चाएं हैं।
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कुछ वरिष्ठ शिक्षक भी डरे हुए हैं। अंदरखाने की खबर है कि कई शिक्षक और कर्मचारी सीयूजी नंबर पर फोन करने से कतरा रहे हैं। उन्हें डर है कि उनका फोन टेप कराया जा सकता है। वहीं, संदिग्ध लोगों पर भी विवि प्रशासन ने नजर बनाए हुए है।
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ड्यूटी चार्ट से खुलेगा राज

बीटेक प्रवेश के दौरान काउंसिलिंग के समय शिक्षक-कर्मचारियों की ड्यूटी चार्ट से ही पर्दाफाश होगा। हालांकि, विवि प्रशासन ने ड्यूटी चार्ट को सील करा दिया है। फर्जी प्रवेश वाले छात्रों के दस्तावेज सत्यापन किसने किए हैं, रिपोर्ट किसने लगाई है, यह सब जांच में देखा जाएगा।

छात्रों का शुल्क भी जमा नहीं
प्रवेश के दौरान छात्रों ने शुल्क भी जमा नहीं किया। शुल्क की फर्जी रसीद ही उन्होंने जमा कर दी। अब सवाल यह है कि सब कुछ ऑनलाइन हो रहा था तो शुल्क जमा करने का ब्यौरा ऑनलाइन कैसे दिखाया गया?  बिना नोड्यूज के अगले सत्र में प्रवेश कैसे व किसके आदेश से दिया गया? इन सवालों के जवाब भी विवि प्रशासन को तलाश करने हैं।

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