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नियुक्ति के नाम पर फर्जीवाड़ा: गोरखनाथ मंदिर में योग प्रशिक्षण कराने वाले दो भाइयों पर केस
Sat, 10 Apr 2021 07:29 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 10 Apr 2021 07:29 PM IST
सार
- सिद्धार्थनगर यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर पर नियुक्ति के नाम पर हड़के थे पांच लाख रुपये
- मुख्यमंत्री के आदेश पर गोरखनाथ पुलिस ने दर्ज किया केस, छानबीन शुरू
- जनता दरबार में पीड़िता ने लगाई थी गुहार, मंदिर का करीबी बताकर ऐंठ लिए थे रुपये
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
गोरखपुर जिले के गोरखनाथ मंदिर में योग प्रशिक्षक का काम करने वाले चंद्रजीत यादव और उनके भाई राजेश्वर यादव पर जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। दोनों पर सिद्धार्थनगर यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये हड़पने का आरोप है।
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शनिवार को जनता दरबार में पहुंची गोरखनाथ के नथमलपुर निवासी डॉ. अनीता चौरसिया का आरोप था कि उनके साथ मुख्यमंत्री आवास के उच्च पद पर होने का हवाला देकर जालसाजी की गई है। यह सुनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल केस दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दिया। शनिवार को पुलिस ने दोनों भाइयों पर जालसाजी, विश्वास हनन और धमकी देने की धारा में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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डॉ. अनीता चौरसिया ने दिए तहरीर में कहा है कि सिद्धार्थनगर यूनिवर्सिटी में आवेदन की थी। 11 फरवरी 2021 को उनका साक्षात्कार होना था। गोरखनाथ मंदिर में रोजाना ही योगाभ्यास के लिए आती रहती हूं। इस दौरान योग प्रशिक्षक व जटेपुर उत्तरी निवासी चंद्रजीत यादव ने कुशलक्षेम पूछते हुए हमसे पूछा कि इस समय आप क्या कर रही है तो बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर का साक्षात्कार होना है।
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इस पर चंद्रजीत यादव ने अपने आप को मुख्यमंत्री आवास में उच्च रसूख का हवाला देते हुए बताया कि मेरे बड़े भाई राजेश्वर यादव का यूनिवर्सिटी में अच्छी पकड़ है। पर इसके लिए चयन समिति के सभी लोगों को मैनेज करना होगा। जिसके लिए पांच लाख देने होंगे। आश्वासन देते हुए चंद्रजीत यादव ने अपने बड़े भाई राजेश्वर यादव से चयन के संबंध में बातचीत की।
उसके बातों में आकर आठ फरवरी को पति वरुण चौरसिया के खाते से पांच लाख रुपये निकालकर नौ फरवरी को दोनों भाइयों को दे दिए। बाद में परिणाम घोषित होने और चयन नहीं होने पर संपर्क किया और रुपये मांगा। एक अप्रैल को उन्होंने रुपये देने से मना कर दिए और बोले कि जो करना हो कर लो। पीड़िता की फरियाद पर केस दर्ज कर लिया गया है। इस संबंध में सीओ गोरखनाथ रत्नेश सिंह ने बताया कि इस संबंध में जांच की जा रही है।