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गोरखपुर: हत्या के प्रयास में जेल में बंद था आरोपी, इलाज के दौरान हुई मौत
Sat, 07 Nov 2020 10:41 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, मेडिकल कॉलेज (गोरखपुर) ।
संवाद न्यूज एजेंसी, मेडिकल कॉलेज (गोरखपुर) ।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 07 Nov 2020 10:41 AM IST
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सड़क जाम की आशंका को देकते हुए चौराहे पर तैनात पुलिस। (इनसेट में मृतक की फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिला जेल में निरुद्ध हत्या के प्रयास के आरोपी बंदी शुभम उर्फ सोनू (21) की इलाज के दौरान मौत हो गई। जेल प्रशासन ने तबीयत बिगड़ने पर उसे तीन नंवबर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। तभी से उसका इलाज पुलिस अभिरक्षा में चल रहा था। उसकी मौत के बाद जेल अधिकारियों ने उसके परिजनों व पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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जानकारी के अनुसार बांसगांव थाना क्षेत्र के विशुनपुर निवासी शुभम उर्फ सोनू कुमार पुत्र मुन्ना प्रसाद के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज था। पुलिस ने उसे बीते 11 अक्तूबर को डिघवा तिराहे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पहले वह अस्थायी जेल में रहा फिर 16 अक्तूबर को उसे मुख्य जेल की मिलेनियम बैरक में शिफ्ट कर दिया गया।
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जेल सूत्रों के अनुसार मिलेनियम बैरक में रहने के दौरान बीते 29 अक्तूबर को उसे बुखार व उल्टी की शिकायत हुई। उसे जेल के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जेल प्रशासन ने उसे दो नंवबर को जिला अस्पताल के डॉक्टरों को दिखाया।
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तबीयत न सुधरने पर तीन नवंबर को उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इस संबंध में वरिष्ठ जेल अधीक्षक व प्रभारी डीआईजी जेल डॉ. रामधनी ने कहा कि इलाज के दौरान बंदी की मौत हुई है। पोस्टमार्टम व डॉक्टरों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि उसे क्या बीमारी थी और कैसे उसकी मौत हुई।
पट्टीदारों से मारपीट में शुभम व उसके भाई पर दर्ज हुआ था केस
शुभम के परिजनों के अनुसार अक्तूबर माह में पट्टीदारों से मारपीट हुई थी जिसमें शुभम व उसके भाई साहिल पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ था। शुभम की गिरफ्तारी के बाद साहिल ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। साहिल अब भी जेल में ही है। शुभम की एक बड़ी बहन मुस्कान है।
शुभम की मौत के बाद मां विहुला रो-रो कर अचेत हो जा रही हैं। पिता मुन्ना कुमार तथा शुभम के दादा व बुआ ने पुलिस पर गिरफ्तारी के समय पीटने का मौखिक आरोप लगाया है। परिजनों व ग्रामीणों में मौत के बाद आक्रोश है। एहतियात के तौर पर कुछ पुलिसवालों को भी गांव के बाहर तैनात किया गया है।
पुलिस ने महावीर छपरा में डायवर्ट कर दिया था राष्ट्रीय राजमार्ग
बंदी शुभम की मेडिकल कॉलेज में मौत के बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर गोरखपुर-कौड़ीराम मार्ग को महावीर छपरा में डायवर्ट कर दिया था। पुलिस को आशंका थी शव को लेकर आ रहे परिजन कसिहार के पास बगहा बीर बाबा स्थान के समीप रास्ता जाम कर सकते हैं। लिहाजा बेलीपार पुलिस ने एहतियात के तौर पर कौड़ीराम मार्ग को महावीर छपरा में ब्लॉक कर दिया और महावीर छपरा से बांसगांव जाने वाली सड़क को खुला छोड़ दिया। जिससे एंबुलेंस से परिजन शव लेकर कौड़ीराम की बजाए सीधे बांसगांव के विशनुपर जा सकें। देर रात परिजन शव लेकर गांव पहुंचे।
शुभम की मौत के बाद मां विहुला रो-रो कर अचेत हो जा रही हैं। पिता मुन्ना कुमार तथा शुभम के दादा व बुआ ने पुलिस पर गिरफ्तारी के समय पीटने का मौखिक आरोप लगाया है। परिजनों व ग्रामीणों में मौत के बाद आक्रोश है। एहतियात के तौर पर कुछ पुलिसवालों को भी गांव के बाहर तैनात किया गया है।
पुलिस ने महावीर छपरा में डायवर्ट कर दिया था राष्ट्रीय राजमार्ग
बंदी शुभम की मेडिकल कॉलेज में मौत के बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर गोरखपुर-कौड़ीराम मार्ग को महावीर छपरा में डायवर्ट कर दिया था। पुलिस को आशंका थी शव को लेकर आ रहे परिजन कसिहार के पास बगहा बीर बाबा स्थान के समीप रास्ता जाम कर सकते हैं। लिहाजा बेलीपार पुलिस ने एहतियात के तौर पर कौड़ीराम मार्ग को महावीर छपरा में ब्लॉक कर दिया और महावीर छपरा से बांसगांव जाने वाली सड़क को खुला छोड़ दिया। जिससे एंबुलेंस से परिजन शव लेकर कौड़ीराम की बजाए सीधे बांसगांव के विशनुपर जा सकें। देर रात परिजन शव लेकर गांव पहुंचे।