Gorakhpur News: गोरखपुर जिले में कसौटी पर खरा नहीं उतरे कैंपियरगंज और गगहा थानेदार
एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि पुलिस के कामकाज में पहले की अपेक्षा में तेजी से सुधार हुआ है। दिसंबर में जोन की रैंकिंग जारी कर दी गई है, जो थाने पिछले महीने रैंक में पीछे रह गए थे, उन्होंने सुधार किया है। पुलिस पब्लिक से अच्छा व्यवहार और उनकी शिकायत सुने इसलिए पीएआर सिस्टम शुरू किया गया है।
विस्तार
हरेक माह के पब्लिक अप्रुवल रेटिंग सिस्टम के जरिये जिले के थानों की रैंकिंग जारी कर दी गई है। दिसंबर में कैंपियरगंज और गगहा थानेदार जनता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं।
नियम तो यह है कि खराब रैंकिंग वाले थानों पर कार्रवाई की जाए, लेकिन ऐसा होता कभी नहीं है। अभी तक वोटिंग में खराब होने की वजह से किसी भी थानेदार पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। दरअसल, इसकी सबसे बड़ी वजह है कि एक बार निचले पावदान पर आने के बाद जैसे-तैसे नंबर बढ़ जाता है और फिर लगातार न होने का फायदा मिल जाता है। वहीं, कोतवाली और बेलघाट थानेदार को जनता ने प्रथम स्थान दिया है।
जानकारी के मुताबिक, एडीजी ने पांच और दो पिलर्स पर अलग-अलग टॉप 5, बॉटम 5 थानों की लिस्ट जारी की है। इसमे एक लिस्ट दो पिलर्स आईजीआरएस और एफआईआर के आधार पर तैयार की गई है।
एडीजी ने बताया कि ये दोनों पिलर्स जनता से सीधे अटैच रहता है। वहीं, दूसरी लिस्ट पांचों पिलर्स आईजीआरएस, एफआईआर, सोशल मीडिया, अदर डिजिटल प्लेटफॉर्मस, पासपोर्ट और कैरेक्टर वेरिफिकेशन के आधार पर तैयारी की गई है।
पांच पिलर्स में 5 टॉप और बॉटम की लिस्ट
टॉप 5 थाने रैंक
बेलघाट 1
कोतवाली 2
कैंट 3
उरुवा बाजार 4
गुलरिहा 5
बॉटम 5 थाने रैंक
गगहा 28
झंगहा 27
महिला थाना 26
चौरीचौरा 25
चिलुआताल 24
दो पिलर्स आईजीआरएस और एफआईआर पर 5 टॉप और बॉटम थाने
टॉप 5 थाने रैंक
कोतवाली 1
कैंट 2
गोला 3
गुलरिहा 4
रामगढ़ताल 5
बॉटम 5 थाने रैंक
कैंपियरगंज 28
गगहा 27
महिला थाना 26
तिवारीपुर 25
सहजनवां 24
यह है नियम
एडीजी ने पीएआर सिस्टम के अंतर्गत नियम बनाया था कि जो थाने पब्लिक फीडबैक के आधार पर लगातार तीन माह बॉटम 5 में आएंगे, उन थानों के प्रभारियों को बदला जाएगा।
एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि पुलिस के कामकाज में पहले की अपेक्षा में तेजी से सुधार हुआ है। दिसंबर में जोन की रैंकिंग जारी कर दी गई है, जो थाने पिछले महीने रैंक में पीछे रह गए थे, उन्होंने सुधार किया है। पुलिस पब्लिक से अच्छा व्यवहार और उनकी शिकायत सुने इसलिए पीएआर सिस्टम शुरू किया गया है।