भाई की शादी के लिए सराफा कारोबारी से मांगी थी तीन लाख की रंगदारी, ऐसे हुए गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां खोराबार इलाके के ढोलबजवा में आभूषण की दुकान चलाने वाले सराफा कारोबारी से तीन लाख की रंगदारी मांग ली।
पुलिस ने दो आरोपियों विकास साहनी व उसके दोस्त आदर्श पासवान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को ढोलबजवा के पास से सोमवार की रात करीब सात बजे पकड़ा। दोनों के पास से रंगदारी मांगने में प्रयोग किया गया, सिम व मोबाइल फोन पुलिस ने बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विकास साहनी के भाई की शादी है। जिसमें वह परिवार की आर्थिक मदद करना चाहता था। इसलिए उसने अपने दोस्त आदर्श के साथ मिलकर रंगदारी मांगने की साजिश रची।
सोमवार की रात अपने कार्यालय में सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि गगहा कौड़ीराम के बलुआ बुजुर्ग निवासी श्रीराम वर्मा की खोराबार के ढोलबजवा में सराफा की दुकान है। 19 नवंबर की दोपहर उनके मोबाइल फोन पर एक अंजान नंबर से कॉल आया।
दूसरी तरफ से बोलने वाले ने उनसे तीन लाख रुपये रंगदारी मांगी। रुपये 24 नवंबर न तक न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। श्रीराम ने रविवार को पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने केस दर्ज किया और सराफा कारोबारी की सुरक्षा बढ़ा दी। पुलिस सर्विलांस के जरिए पता लगा रही थी। जिसके बाद इंस्पेक्टर नासिर हुसैन ने खोराबार के ढोलबजवा निवासी विकास साहनी व आदर्श पासवान को गिरफ्तार कर लिया।
विकास ने बताया कि वह तीन भाई है। बड़े भाई की शादी 26 नवंबर को होनी है। शादी के लिए रुपए की जरूरत पड़ी तो वह परिवार की मदद करना चाहता था। इसलिए उसने गांव के ही आदर्श के साथ मिलकर अपने परिचित सराफा कारोबारी श्रीराम से रंगदारी मांगने की साजिश रची थी। उसे लगा कि डर कर वह रकम दे देगा।
फायर ब्रिगेड के सिपाही का मोबाइल फोन का किया प्रयोग
सर्विलांस से पड़ताल में पता लगा कि जिस मोबाइल नंबर से रंगदारी मांगी गई है, वह फायर ब्रिगेड संतकबीरनगर में तैनात सिपाही विष्णुकांत के नाम से रजिस्टर्ड है। कुशीनगर जिले के मूल निवासी विष्णुकांत नंदानगर में मकान बनवा कर रहे हैं।
16 नवंबर को उन्होंने मोबाइल फोन गायब होने की सूचना संतकबीरनगर में दर्ज कराई थी। इस बीच रंगदारी के लिए फोन करने वाले शातिरों ने फोन करने के बाद सिमकार्ड निकालकर दूसरे मोबाइल में लगा दिया। लोकेशन मिलने पर पुलिस ने उनको धर दबोचा।
चोर से खरीदा था 270 रुपए में मोबाइल फोन
आरोपी विकास ने पुलिस को बताया कि नंदानगर में उसकी चाय की दुकान है। 16 नवंबर को नंदानगर में रहने वाले एक मोबाइल चोर ने उसे 270 रुपए में मोबाइल फोन बेचा था। उसे यह नहीं पता था कि वह मोबाइल व सिम किसी सिपाही का है। वह रुपए का इंतजाम करने के लिए परेशान था।
इस बीच उसे ध्यान आया कि श्रीराम वर्मा से पैसे मांगने पर वह चुपचाप दे देंगे और पुलिस को जानकारी नहीं हो पाएगी। इसलिए उसने चोर से मोबाइल खरीद कर उससे कॉल करके श्रीराम से रंगदारी मांग ली। पुलिस के अनुसार दोनों का कोई पुराना अपराधिक इतिहास नहीं है। दूसरा आरोपित आदर्श फर्नीचर की दुकान पर काम करता है।
आरोप सिद्ध हुआ तो हो सकती है दस वर्ष तक की सजा
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 504, 507 व 386 में केस दर्ज किया है। अगर आरोप कोर्ट में सिद्ध हुआ और दोनों दोषी हुए तो अधिकतम दस साल की सजा हो सकती है। क्योंकि धारा 507 में अधिकतम सात साल व 386 में दस वर्ष की सजा का प्रावधान है।