बजट: मेट्रो चलने का रास्ता साफ, गोरखपुर शहर में बढ़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें
एक्वा पार्क से गोरखपुर के साथ ही पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश को फायदा होगा। एक्वा पार्क में मत्स्य हेचरी, मत्स्य बीज बैंक, मत्स्य पालन, मत्स्य प्रसंस्करण, मछली की पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज सहित कई सुविधाएं होंगी।
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गोरखपुर शहर में मेट्रो चलाने का रास्ता साफ हो गया है। अंतरिम बजट में जिन पांच शहरों के लिए बजट का प्रावधान किया गया है, उसमें गोरखपुर भी शामिल है। वहीं, शहर में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में कुछ और बसें बढ़ जाएंगी। नई बसें अब अनुबंध पर चलाई जाएंगी। इसके अलावा ताल कंदला में प्रस्तावित 100 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले एक्वा पार्क की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इससे मछली पालकों को काफी फायदा होगा और मछली से जुड़े व्यवसाय को गति मिलेगी।
बजट में दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मेट्रो चलाने के लिए कहा गया है। इसमें गोरखपुर में मेट्रो के चलने की संभावना बढ़ गई है। 4672 करोड़ की लागत से दो रूटों पर तीन बोगी वाली मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को यूपी कैबिनेट की पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
वहीं शासन को गोरखपुर में 75 नई इलेक्ट्रिक चलाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बजट में अनुबंध में इन बसों को चलाने की बात कही गई है। अभी गोरखपुर में 40 इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिनमें 35 अयोध्या भेजी गई हैं। इसी प्रकार बजट में एक्वा पार्क की घोषणा की गई है। प्रदेश सरकार ने पहले से ही मथुरा और गोरखपुर में पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा हुआ है।
100 करोड़ की लागत से एक्वा पार्क स्थापित होने के लिए ताल कंदला में करीब 30 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। एक्वा पार्क में लोगों को मछली पालन का प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। मछली के अच्छे बीज मिलने से उसका पालन कर अधिक लाभ अर्जित कर सकेंगे। गोरखपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में निषाद समाज के लोगों की संख्या काफी अच्छी है। जिले में करीब तीन हजार मत्स्य पालक हैं।
एक्वा पार्क से गोरखपुर के साथ ही पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश को फायदा होगा। एक्वा पार्क में मत्स्य हेचरी, मत्स्य बीज बैंक, मत्स्य पालन, मत्स्य प्रसंस्करण, मछली की पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज सहित कई सुविधाएं होंगी।