दो बच्चों की मौत से टूट गया है पूरा परिवार, परिजनों का आरोप पेट में कीड़े मारने वाली दवा से बिगड़ी थी तबीयत
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गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव में भाई-बहन की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर से खरीदकर पेट में कीड़े मारने की दवा खाने के बाद दोनों की तबीयत बिगड़ी थी। इस मामले की शिकायत एसडीएम व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से की गई है। विभागीय अधिकारियों ने जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। घटना 28 सितंबर व एक अक्तूबर की है।
एसएडीएम गोला को दिए गए पत्र में मिश्रौली गांव के अरूण कुमार शर्मा का आरोप है कि आठ साल के बेटे अनिमेष और छह साल की बेटी ज्योत्सना के पेट में दर्द हुआ था। पेट में कीड़े होने की आशंका हुई तो गोला कस्बे में स्थित एक मेडिकल स्टोर से एक प्रतिष्ठित कंपनी की एक शीशी कीड़े मारने वाली दवा ले आए। दोनों बच्चों को 28 सितंबर को दवा पिलाई तो कुछ देर बाद बेटे के शरीर में ऐंठन शुरू हो गई।
अस्पताल ले जाने का भी समय नहीं मिला और बेटे ने दम तोड़ दिया। इस बीच बेटी की हालत भी बिगड़ गई। बेटी को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दो दिनों तक इलाज चला लेकिन बेटी भी नहीं बच सकी। बताया जा रहा है कि बेटी की मौत एक अक्तूबर को हुई है। मौत के बाद दोनों बच्चों के शरीर नीले पड़ गए थे। दवा में कोई गड़बड़ी थी। लिहाजा, जांच कराई जानी चाहिए। हालांकि बिना पोस्टमार्टम ही बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
दो बच्चों की मौत से परिवार पर पहाड़ टूटा
अरुण कुमार के बेटे और बेटी की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। दोनों बच्चों की मौत के बाद दंपति निसंतान हो गए हैं। आठ वर्षीय पुत्र अनिमेष उर्फ आयुष कक्षा दो में व छह वर्षीय पुत्री ज्योत्सना उर्फ परी यूकेजी की छात्रा थी। दोनों की मौत ने परिवार को पूरी तरह से तोड़कर रख दिया है। बेटे और बेटी की मौत के बाद मां की हालत भी ठीक नहीं है। गांव का हर परिवार उनके दुख से दुखी है। सांत्वना के लिए लोगों को शब्द तक नहीं मिल रहे हैं। ग्रामीणों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
एसडीएम राजेंद्र कुमार ने बताया कि शिकायत मिली है। इस संबंध में ड्रग इंस्पेक्टर व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक को सूचित कर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ योगेंद्र ने बताया कि घटना से सीएमओ को अवगत करा दिया है। यदि बच्चों की मौत के बाद पोस्टमार्टम हो जाता तो मौत के कारणों का सही पता लग सकता था। दवा की जांच ड्रग विभाग करेगा।
ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। दवा का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद ही सही जानकारी सामने आ सकेगी।
सीएमओ ड्रग डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जाएगा। जांच के बाद ही मौत की सही जानकारी मिल सकेगी।