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गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोना वार्ड और वेंटिलेटर फुल, मरीज परेशान
Mon, 20 Jul 2020 10:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2020 10:15 AM IST
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BRD medical college
- फोटो : अमर उजाला
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एक तरफ गोरखपुर जिले में हर रोज कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, दूसरी ओर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर की सुविधा वाला 40 बेड का वार्ड फुल हो गया है। 160 बेड का कोरोना वार्ड भी खाली नहीं है।
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यहां मरीजों की भर्ती के लिए नो एंट्री का बोर्ड लगा दिया गया। ऐसे में कोरोना के गंभीर मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालात से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने रेलवे अस्पताल और 100 बेड के टीबी अस्पताल को अपग्रेड करने का फैसला किया है। यहां पर सोमवार से मरीज भर्ती किए जा सकेंगे।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बेड खाली नहीं होने के संबंध में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) व प्रशासनिक अफसरों से बात भी की है। प्राचार्य ने साफ कहा है कि मरीजों को मेडिकल कॉलेज न रेफर किया जाए। कोरोना वार्ड फुल है। अब सिर्फ बहुत गंभीर मरीजों को ही लिया जाएगा।
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कमिश्नर, डीएम और सीएमओ से कर चुके हैं अपील
बीआरडी के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि कमिश्नर, एडी हेल्थ, डीएम और सीएमओ को इस बात की जानकारी दी जा चुकी है कि मेडिकल कॉलेज में जगह नहीं है। ऐसे में मरीजों को रेफर करने से पहले बीआरडी की स्थिति जरूर जान लें। इसके बाद भी लोग बीआरडी में सीधे मरीज रेफर कर दे रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना आते हैं 10-12 गंभीर मरीज
बीआरडी मेडिकल कॉलेज फिलहाल गोरखपुर-बस्ती मंडल का एकमात्र लेवल टू-थ्री का अस्पताल है। यहां गोरखपुर-बस्ती मंडल से रोजाना कोरोना के 10-12 गंभीर हालात वाले मरीज पहुंचते हैं। इन्हें पहले ऑक्सीजन दिया जाता है। गंभीर स्थिति में वेंटिलेटर पर ले जाया जाता है। फिलहाल, गंभीर मरीजों को डिस्चार्ज किए जाने के बाद खाली हुई जगह पर इन्हें भर्ती किया जा रहा है।
100 बेड टीबी अस्पताल को लेवल-टू बनाया गया, आज से भर्ती हो सकेंगे मरीज
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए 100 बेड टीबी अस्पताल को लेवल-टू बना दिया गया है। यहां सोमवार से मरीज भी भर्ती होने लगेंगे। अस्पताल में ऑक्सीजन की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बताया कि एक से दो दिनों में रेलवे अस्पताल को भी लेवल-टू का बनाया जाएगा।
क्या है लेवल वन, टू, थ्री अस्पताल
लेवल वन अस्पताल में उन मरीजों को भर्ती किया जाता है, जो पॉजिटिव हैं लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं होता है। लक्षण आने पर उन्हें लेवल टू और स्थिति गंभीर होने पर लेवल थ्री अस्पताल में शिफ्ट किया जाता है।
कोरोना वार्ड पूरी तरह से फुल है। एक भी बेड खाली नहीं है। सीएमओ व जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि अब मरीजों को यहां न भेजें। - डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
क्वारंटीन सेंटर 90 बेड के टीबी अस्पताल में लेवल टू की व्यवस्था की गई है। सोमवार से वहां मरीजों को भर्ती किया जाएगा। रेलवे अस्पताल को भी लेवल-टू बनाने का प्रयास चल रहा है। - डॉ. श्रीकांत तिवारी, सीएमओ
मेडिकल कॉलेज में रोजाना आते हैं 10-12 गंभीर मरीज
बीआरडी मेडिकल कॉलेज फिलहाल गोरखपुर-बस्ती मंडल का एकमात्र लेवल टू-थ्री का अस्पताल है। यहां गोरखपुर-बस्ती मंडल से रोजाना कोरोना के 10-12 गंभीर हालात वाले मरीज पहुंचते हैं। इन्हें पहले ऑक्सीजन दिया जाता है। गंभीर स्थिति में वेंटिलेटर पर ले जाया जाता है। फिलहाल, गंभीर मरीजों को डिस्चार्ज किए जाने के बाद खाली हुई जगह पर इन्हें भर्ती किया जा रहा है।
100 बेड टीबी अस्पताल को लेवल-टू बनाया गया, आज से भर्ती हो सकेंगे मरीज
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए 100 बेड टीबी अस्पताल को लेवल-टू बना दिया गया है। यहां सोमवार से मरीज भी भर्ती होने लगेंगे। अस्पताल में ऑक्सीजन की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बताया कि एक से दो दिनों में रेलवे अस्पताल को भी लेवल-टू का बनाया जाएगा।
क्या है लेवल वन, टू, थ्री अस्पताल
लेवल वन अस्पताल में उन मरीजों को भर्ती किया जाता है, जो पॉजिटिव हैं लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं होता है। लक्षण आने पर उन्हें लेवल टू और स्थिति गंभीर होने पर लेवल थ्री अस्पताल में शिफ्ट किया जाता है।
कोरोना वार्ड पूरी तरह से फुल है। एक भी बेड खाली नहीं है। सीएमओ व जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि अब मरीजों को यहां न भेजें। - डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
क्वारंटीन सेंटर 90 बेड के टीबी अस्पताल में लेवल टू की व्यवस्था की गई है। सोमवार से वहां मरीजों को भर्ती किया जाएगा। रेलवे अस्पताल को भी लेवल-टू बनाने का प्रयास चल रहा है। - डॉ. श्रीकांत तिवारी, सीएमओ