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Gorakhpur News: बीआरडी में नहीं है ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, रिपोर्ट सवालों के घेरे में
Thu, 05 Jan 2023 11:32 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 05 Jan 2023 11:32 AM IST
सार
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि शासन से यह चूक डब्ल्यूएचओ के पर्यवेक्षक की गलत रिपोर्ट के कारण हुई है। इसे लेकर शासन को पत्र भी लिखा जा रहा है। मामले में उच्चाधिकारियों से वार्ता कर जानकारी भी दे दी गई है।
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BRD medical college
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की क्रियाशीलता को लेकर शासन को भेजी गई रिपोर्ट सवालों के घेरे में आ गई है। मेडिकल प्रशासन का दावा है कि कॉलेज में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर है ही नहीं तो क्रियाशील न होने का सवाल ही नहीं उठता। कॉलेज प्रशासन ने इसे लेकर शासन को पत्र लिखने का फैसला लिया है।
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प्राचार्य ने खुद डीजीएमई को फोन कर मामले की पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। इसलिए यहां ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की जरूरत नहीं है। कॉलेज में कुछ कंसंट्रेटर कोविड की दूसरी लहर के दौरान रखे गए थे, लेकिन उन्हें भी बाद में दूसरे अस्पतालों को दे दिया गया था।
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जानकारी के मुताबिक, कोरोना की तैयारियों को लेकर 27 दिसंबर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज, टीबी अस्पताल, होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज समेत छह अस्पतालों में मॉकड्रिल की गई थी। हर अस्पताल के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी तैनात किए गए थे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मॉकड्रिल की निगरानी की जिम्मेदारी यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ की टीम को मिली थी। यहां पर डॉ. मोहित डब्ल्यूएचओ की तरफ से पहुंचे हुए थे।
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उन्होंने मॉकड्रिल की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी थी। मंगलवार को शासन ने इस पर समीक्षा रिपोर्ट जारी की, जिसमें बीआरडी में 25 फीसदी से कम ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की क्रियाशीलता को लेकर सवाल खड़े कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। यह रिपोर्ट मीडिया में प्रकाशित होने के बाद हड़कंप मच गया।
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि शासन से यह चूक डब्ल्यूएचओ के पर्यवेक्षक की गलत रिपोर्ट के कारण हुई है। इसे लेकर शासन को पत्र भी लिखा जा रहा है। मामले में उच्चाधिकारियों से वार्ता कर जानकारी भी दे दी गई है।