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गोरखपुर: मंडल में स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर खराब सड़क तक की सेहत दुरुस्त करने पर मंथन
Wed, 01 Sep 2021 12:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 12:48 PM IST
सार
आयुष्मान कार्ड, गंभीर बीमारी से जूझ रहे जरूरतमंदों के लिए कितना मायने रखता है, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसका पाठ पढ़ाने के साथ ही कार्ड बनाने की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई।
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गोरखपुर में कमिश्नर की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर में मंगलवार का दिन समीक्षा बैठकों के नाम रहा। कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने एक-एक कर पूरे मंडल में स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा और खराब सड़कों तक की नब्ज टटोली। आयुष्मान कार्ड, गंभीर बीमारी से जूझ रहे जरूरतमंदों के लिए कितना मायने रखता है, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसका पाठ पढ़ाने के साथ ही कार्ड बनाने की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई। आज से खुल रहे प्राथमिक विद्यालयों में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरतने को कहा। साथ ही खराब सड़कों को बरसात का मौसम खत्म होते ही दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति सिर्फ 22 फीसदी, कमिश्नर ने फटकारा
गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति गोरखपुर मंडल में महज 22 प्रतिशत पाए जाने पर कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि गरीबों के लिए यह महत्वपूर्ण योजना है। शासन की मंशा है कि इसका लाभ पात्र जनों को समय से मिलना चाहिए। बावजूद इसके इसमें लापरवाही की जा रही है जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को लाभ दिलाने के लिए उनकी सूची तैयार की जाए। इस कार्य में प्रधान, कोटेदार और जन सुविधा केंद्रों आदि की भी मदद ली जाए। सितंबर में कैंप लगाकर गोल्डन कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज होता है। कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना में छूटना नहीं चाहिए। अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। बताया गया कि कुशीनगर में दवाओं की कमी है। इसपर कमिश्नर ने कहा कि यदि दवाओं की आपूर्ति में देरी हो रही है तो एमडी से बात कर शीघ्र आपूर्ति कराई जाए। महत्वपूर्ण दवाएं सभी अस्पतालों में उपलब्ध होनी चाहिए। छोटी-छोटी कमियों के कारण एंबुलेंस खड़ी न रखी जाएं। जिस मद में धनराशि उपलब्ध है, उसका सदुपयोग किया जाए। विभिन्न मदों में व्यय प्रतिशत कम पाए जाने पर नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि व्यय प्रतिशत बढ़ाया जाए।
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आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति सिर्फ 22 फीसदी, कमिश्नर ने फटकारा
गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति गोरखपुर मंडल में महज 22 प्रतिशत पाए जाने पर कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि गरीबों के लिए यह महत्वपूर्ण योजना है। शासन की मंशा है कि इसका लाभ पात्र जनों को समय से मिलना चाहिए। बावजूद इसके इसमें लापरवाही की जा रही है जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को लाभ दिलाने के लिए उनकी सूची तैयार की जाए। इस कार्य में प्रधान, कोटेदार और जन सुविधा केंद्रों आदि की भी मदद ली जाए। सितंबर में कैंप लगाकर गोल्डन कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज होता है। कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना में छूटना नहीं चाहिए। अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। बताया गया कि कुशीनगर में दवाओं की कमी है। इसपर कमिश्नर ने कहा कि यदि दवाओं की आपूर्ति में देरी हो रही है तो एमडी से बात कर शीघ्र आपूर्ति कराई जाए। महत्वपूर्ण दवाएं सभी अस्पतालों में उपलब्ध होनी चाहिए। छोटी-छोटी कमियों के कारण एंबुलेंस खड़ी न रखी जाएं। जिस मद में धनराशि उपलब्ध है, उसका सदुपयोग किया जाए। विभिन्न मदों में व्यय प्रतिशत कम पाए जाने पर नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि व्यय प्रतिशत बढ़ाया जाए।
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काम की गुणवत्ता खराब हुई तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें अफसर
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने मंगलवार को मंडल के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के तहत पूरे किए जाएं और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए। यदि गुणवत्ता खराब मिली तो संबंधित अफसर पर कार्रवाई तय है। साथ ही संबंधित ठेकेदार, फर्म को भी काली सूची में डालते हुए उनपर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि बजट का अभाव हो तो शासन को पत्राचार किया जाए। निर्माण कार्यों में यदि कहीं कोई कठिनाई आ रही है तो शीघ्र प्रशासनिक अधिकारियों से उसे साझा किया जाए ताकि उसका समय से निस्तारण हो सके। बैठक के दौरान गोरखपुर जिले के अफसर मौजूद रहे जबकि देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के अफसर वर्चुअल तौर पर बैठक से जुड़े थे।
स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का हो पूरा पालन
गोरखपुर। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने कहा कि प्राइमरी स्कूल भी बुधवार से खुल जाएंगे। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो। सुनिश्चित कर लें कि शिक्षकों को वैक्सीन जरूर लगी हो। विद्यालय का वेंटिलेशन अच्छा हो, खिड़की -दरवाजे खुले रखे जाएं। मास्क सभी लगाएं तथा कहीं कोरोना के लक्षण दिखे तो तत्काल उसका उपचार किया जाए। उन्होंने कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों का सुंदरीकरण कराने का निर्देश दिया। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों की परिकल्पना के आधार पर कार्य किए जाएं। बीएसए एवं बीडीओ साथ बैठक कर लें और स्कूलों को सुंदर, सुरक्षित करने की दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करें।
कमिश्नर ने कहा कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा शिक्षकों, छात्रों की उपस्थिति देखी जाए। उन्होंने बच्चों का मोटिवेशन लेवल बढ़ाने पर भी जोर दिया। स्कूलों की विस्तृत निरीक्षण आख्या समय से बीएसए को उपलब्ध करा दी जाए। निरीक्षण के समय उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया जाए।
सामूहिक विवाह योजना में महराजगंज सबसे फिसड्डी
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा के दौरान पाया गया कि मंडल में सबसे खराब प्रगति महराजगंज की है। लक्ष्य के सापेक्ष गोरखपुर में 210, कुशीनगर 77 तथा देवरिया में 99 शादियां हुई हैं। कमिश्नर ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य हर हाल में समय से पूरे किए जाएं। पेंशन योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित नहीं होना चाहिए। समय से पेंशन की धनराशि लाभार्थी के खाते में पहुंचनी चाहिए। सूची का सत्यापन कराते हुए अपात्रों को सूची से अलग किया जाए और पात्रों को लाभ दिया जाए। छात्रवृत्ति के संबंध में बताया गया कि ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया है।
बरसात का मौसम खत्म होते ही दुरुस्त की जाएं सड़कें
सड़क और पुल निर्माण की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने लोनिवि समेत अन्य कार्यदायी संस्थाओं को भी निर्देश दिए कि बरसात का मौसम खत्म होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू कर दी जाए। कहा कि बरसात के कारण ज्यादातर सड़कें टूट गई हैं जिनपर चलना कठिन है। जब भी सड़कों को बनाने की कार्ययोजना बनाई जाए उसमें जलनिकासी के लिए नाली-नाले निर्माण को भी सम्मिलित किया जाए। जलनिकासी के अभाव में सड़कें क्षतिग्रस्त होती है। इसके साथ ही नियमित रूप से नालों की सफाई भी होनी चाहिए जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए। उन्होंने राजमार्गों के अनुरक्षण कार्यों को भी जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही पुलों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर समय से पूरा करने को कहा।
स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का हो पूरा पालन
गोरखपुर। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने कहा कि प्राइमरी स्कूल भी बुधवार से खुल जाएंगे। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो। सुनिश्चित कर लें कि शिक्षकों को वैक्सीन जरूर लगी हो। विद्यालय का वेंटिलेशन अच्छा हो, खिड़की -दरवाजे खुले रखे जाएं। मास्क सभी लगाएं तथा कहीं कोरोना के लक्षण दिखे तो तत्काल उसका उपचार किया जाए। उन्होंने कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों का सुंदरीकरण कराने का निर्देश दिया। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों की परिकल्पना के आधार पर कार्य किए जाएं। बीएसए एवं बीडीओ साथ बैठक कर लें और स्कूलों को सुंदर, सुरक्षित करने की दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करें।
कमिश्नर ने कहा कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा शिक्षकों, छात्रों की उपस्थिति देखी जाए। उन्होंने बच्चों का मोटिवेशन लेवल बढ़ाने पर भी जोर दिया। स्कूलों की विस्तृत निरीक्षण आख्या समय से बीएसए को उपलब्ध करा दी जाए। निरीक्षण के समय उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया जाए।
सामूहिक विवाह योजना में महराजगंज सबसे फिसड्डी
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा के दौरान पाया गया कि मंडल में सबसे खराब प्रगति महराजगंज की है। लक्ष्य के सापेक्ष गोरखपुर में 210, कुशीनगर 77 तथा देवरिया में 99 शादियां हुई हैं। कमिश्नर ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य हर हाल में समय से पूरे किए जाएं। पेंशन योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित नहीं होना चाहिए। समय से पेंशन की धनराशि लाभार्थी के खाते में पहुंचनी चाहिए। सूची का सत्यापन कराते हुए अपात्रों को सूची से अलग किया जाए और पात्रों को लाभ दिया जाए। छात्रवृत्ति के संबंध में बताया गया कि ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया है।
बरसात का मौसम खत्म होते ही दुरुस्त की जाएं सड़कें
सड़क और पुल निर्माण की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने लोनिवि समेत अन्य कार्यदायी संस्थाओं को भी निर्देश दिए कि बरसात का मौसम खत्म होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू कर दी जाए। कहा कि बरसात के कारण ज्यादातर सड़कें टूट गई हैं जिनपर चलना कठिन है। जब भी सड़कों को बनाने की कार्ययोजना बनाई जाए उसमें जलनिकासी के लिए नाली-नाले निर्माण को भी सम्मिलित किया जाए। जलनिकासी के अभाव में सड़कें क्षतिग्रस्त होती है। इसके साथ ही नियमित रूप से नालों की सफाई भी होनी चाहिए जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए। उन्होंने राजमार्गों के अनुरक्षण कार्यों को भी जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही पुलों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर समय से पूरा करने को कहा।