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Gorakhpur News: रोज डे पर बॉयफ्रेंड ने नहीं दिया गुलाब...खुदकुशी के लिए रेल ट्रैक पर पहुंची युवती
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर की घटना, जीआरपी की टीम ने युवती को बचाया
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर शनिवार को दोपहर में एक युवती खुदकुशी के लिए रेल ट्रैक पर पहुंच गई। जीआरपी को सूचना मिली तो टीम ने मौके पर जाकर उसे बचा लिया। युवती ने बताया कि रोज डे पर बॉयफ्रेंड ने उसे गुलाब का फूल नहीं दिया। इसके साथ ही दोनों मिल भी नहीं पाए। इससे नाराज होकर उसने खुदकुशी का मन बना लिया।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ कंट्रोल रूम से जीआरपी थाने को दोपहर करीब एक बजे सूचना मिली कि एक युवती गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सुसाइड करने पहुंची है। इसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की। काफी देर तक तलाश के बाद वह स्टेशन पर नहीं मिली। पुलिस ने कंट्रोल रूम से युवती का मोबाइल नंबर प्राप्त किया। इसके बाद नंबर ट्रैक किया तो उसकी उसकी लोकेशन प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर मिली।
पुलिस जब पहुंची तो जींस और जैकेट पहने युवती रेलवे ट्रैक के बीच खड़ी दिखी। उसी समय एक ट्रेन भी आ रही थी। पहले दूर से ही पुलिस ने चिल्लाकर उसे हटाना चाहा लेकिन युवती ने अनसुना कर दिया। इसके बाद दौड़ते हुए पुलिसकर्मी उसके पास पहुंच गए। ट्रेन आने से पहले ट्रैक से हटाकर उसकी जान बचाई।
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युवती ने पुलिस से पूछताछ में बताया कि वह रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में रहती है। वह एक लड़के से प्रेम करती है। वैलेंटाइन वीक में रोज डे के दिन बॉयफ्रेंड से झगड़ा हो गया था। उसने अपना वादा पूरा नहीं किया जिससे वह दुखी हो गई। दोनों उस दिन मिलने वाले भी थे लेकिन किसी वजह से प्लान कैंसिल हो गया। इसके बाद उसने खुदकुशी का मन बना लिया।
रेलवे स्टेशन पर वीडियो भी बनाया
रेलवे स्टेशन पर खड़ी होकर युवती ने वीडियो भी बनाया। इसमें वह कहती दिख रही है-बॉयफ्रेंड से नाराज होकर सुसाइड करने जा रही हूं। यह वीडियो उसने अपने सहेली को भेज दिया। सहेली ने पहले कॉल कर उसे समझाना चाहा लेकिन वह नहीं मानी। तब सहेली ने लखनऊ कंट्रोल रूम के नंबर 112 पर कॉल कर सूचना दी। वहां से तत्काल सूचना गोरखपुर जीआरपी को दी गई।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करती है युवती
पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर युवती की काउंसिलिंग कराई। उसने बताया कि वह स्नातक पास करके प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। इसके बाद परिवार वालों को बुलाकर सौंप दिया गया। युवती ने विश्वास दिलाया कि आगे ऐसा कदम कभी नहीं उठाएगी। जीआरपी थाना प्रभारी अनुज कुमार सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से एक वीडियो मिला था। टीम ने उसे बचाया और काउंसिलिंग करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
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एक्सपर्ट कमेंट
रिश्तों में दरार से अचानक हो जाते हैं इस तरह के फैसले
भावनात्मक रिश्तों में आई तीव्र निराशा कई बार युवाओं में आवेगपूर्ण निर्णयों को जन्म देती है। ब्रेकअप या अस्वीकृति के समय व्यक्ति को लगता है कि उसका भविष्य समाप्त हो गया है, जबकि यह भावना अस्थायी होती है। ऐसे क्षणों में सहारा, संवाद और समय बेहद जरूरी होते हैं। परिवार, मित्र और समाज को संकेतों को समझकर समय पर मदद करनी चाहिए।
- डॉ. आकृति पांडेय, मनोवैज्ञानिक
परिवार एक नियामक संस्था है जिसका मूलभूत आधार अंतरनिर्भरता है। टेक्नोलॉजी से संबंधों में उपस्थित भावनात्मकता उपेक्षित हुई है। व्यक्तित्व-निर्माण, पारिवारिक मूल्यों और प्रतिमानों की जगह प्रौद्योगिकी निर्देशित ताकतों से हो रहा है। इसके साथ ही उपभोक्तावादी संस्कृति, पारंपरिक मूल्यों के क्षरण और बढ़ती हुई व्यक्तिवादिता ने पारिवारिक बंधनों को कमजोर किया है। परिणामस्वरूप लोगों में हताशा एवं अवसाद में वृद्धि हुई है और इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
- डॉ. दीपेंद्र माेहन सिंह, समाजशास्त्री
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गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर शनिवार को दोपहर में एक युवती खुदकुशी के लिए रेल ट्रैक पर पहुंच गई। जीआरपी को सूचना मिली तो टीम ने मौके पर जाकर उसे बचा लिया। युवती ने बताया कि रोज डे पर बॉयफ्रेंड ने उसे गुलाब का फूल नहीं दिया। इसके साथ ही दोनों मिल भी नहीं पाए। इससे नाराज होकर उसने खुदकुशी का मन बना लिया।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ कंट्रोल रूम से जीआरपी थाने को दोपहर करीब एक बजे सूचना मिली कि एक युवती गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सुसाइड करने पहुंची है। इसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की। काफी देर तक तलाश के बाद वह स्टेशन पर नहीं मिली। पुलिस ने कंट्रोल रूम से युवती का मोबाइल नंबर प्राप्त किया। इसके बाद नंबर ट्रैक किया तो उसकी उसकी लोकेशन प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर मिली।
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पुलिस जब पहुंची तो जींस और जैकेट पहने युवती रेलवे ट्रैक के बीच खड़ी दिखी। उसी समय एक ट्रेन भी आ रही थी। पहले दूर से ही पुलिस ने चिल्लाकर उसे हटाना चाहा लेकिन युवती ने अनसुना कर दिया। इसके बाद दौड़ते हुए पुलिसकर्मी उसके पास पहुंच गए। ट्रेन आने से पहले ट्रैक से हटाकर उसकी जान बचाई।
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युवती ने पुलिस से पूछताछ में बताया कि वह रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में रहती है। वह एक लड़के से प्रेम करती है। वैलेंटाइन वीक में रोज डे के दिन बॉयफ्रेंड से झगड़ा हो गया था। उसने अपना वादा पूरा नहीं किया जिससे वह दुखी हो गई। दोनों उस दिन मिलने वाले भी थे लेकिन किसी वजह से प्लान कैंसिल हो गया। इसके बाद उसने खुदकुशी का मन बना लिया।
रेलवे स्टेशन पर वीडियो भी बनाया
रेलवे स्टेशन पर खड़ी होकर युवती ने वीडियो भी बनाया। इसमें वह कहती दिख रही है-बॉयफ्रेंड से नाराज होकर सुसाइड करने जा रही हूं। यह वीडियो उसने अपने सहेली को भेज दिया। सहेली ने पहले कॉल कर उसे समझाना चाहा लेकिन वह नहीं मानी। तब सहेली ने लखनऊ कंट्रोल रूम के नंबर 112 पर कॉल कर सूचना दी। वहां से तत्काल सूचना गोरखपुर जीआरपी को दी गई।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करती है युवती
पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर युवती की काउंसिलिंग कराई। उसने बताया कि वह स्नातक पास करके प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। इसके बाद परिवार वालों को बुलाकर सौंप दिया गया। युवती ने विश्वास दिलाया कि आगे ऐसा कदम कभी नहीं उठाएगी। जीआरपी थाना प्रभारी अनुज कुमार सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से एक वीडियो मिला था। टीम ने उसे बचाया और काउंसिलिंग करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
एक्सपर्ट कमेंट
रिश्तों में दरार से अचानक हो जाते हैं इस तरह के फैसले
भावनात्मक रिश्तों में आई तीव्र निराशा कई बार युवाओं में आवेगपूर्ण निर्णयों को जन्म देती है। ब्रेकअप या अस्वीकृति के समय व्यक्ति को लगता है कि उसका भविष्य समाप्त हो गया है, जबकि यह भावना अस्थायी होती है। ऐसे क्षणों में सहारा, संवाद और समय बेहद जरूरी होते हैं। परिवार, मित्र और समाज को संकेतों को समझकर समय पर मदद करनी चाहिए।
- डॉ. आकृति पांडेय, मनोवैज्ञानिक
परिवार एक नियामक संस्था है जिसका मूलभूत आधार अंतरनिर्भरता है। टेक्नोलॉजी से संबंधों में उपस्थित भावनात्मकता उपेक्षित हुई है। व्यक्तित्व-निर्माण, पारिवारिक मूल्यों और प्रतिमानों की जगह प्रौद्योगिकी निर्देशित ताकतों से हो रहा है। इसके साथ ही उपभोक्तावादी संस्कृति, पारंपरिक मूल्यों के क्षरण और बढ़ती हुई व्यक्तिवादिता ने पारिवारिक बंधनों को कमजोर किया है। परिणामस्वरूप लोगों में हताशा एवं अवसाद में वृद्धि हुई है और इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
- डॉ. दीपेंद्र माेहन सिंह, समाजशास्त्री