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बीआरडी में अब प्लाज्मा और एंटीबॉडी दोनों की होगी जांच, सीएम योगी ने किया उद्घाटन
Tue, 24 Nov 2020 12:02 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 24 Nov 2020 12:02 PM IST
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CM yogi
- फोटो : अमर उजाला।
कोरोना से जंग जीत चुके लोगों को प्लाज्मा दान के लिए अब कहीं और जाने की जरूरत नहीं होगी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अब प्लाज्मा दान किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एफेरेसिस मशीन व एंटीबाडी की जांच करने वाली केमील्युमिनेसेंस मशीन का ऑनलाइन उद्घाटन किया।
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जानकारी के मुताबिक, अब तक गंभीर कोरोना मरीजों के इलाज के लिए लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए फातिमा हॉस्पिटल जाना पड़ता था। इस दौरान उनकी एंटीबाडी की एलाइजा जांच होती थी। इसके बाद उनका प्लाज्मा बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में रखा जाता था।
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हालांकि अभी एफेरेसिस मशीन से किसी का प्लाज्मा नहीं लिया गया है। बुधवार को कंपनी के इंजीनियर आएंगे और उनकी उपस्थिति में प्लाज्मा निकाला जाएगा। इसके लिए दानदाताओं को बुलाया गया है।
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कोविड-19 महामारी से बचाव और रोकथाम के तहत बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एफेरेसिस मशीन पहले ही आकर इंस्टाल हो चुकी है। लाइसेंस मिल चुका है। इसी के साथ केमील्युमिनेसेंस मशीन भी आई है। अब कोविड-19, डेंगू एवं अन्य वायरस जनित रोगों की जांच हो सकेगी।
सुविधाजनक है केमील्युमिनेसेंस मशीन
इस अवसर पर सदर सांसद रवि किशन, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, पिपराइच के विधायक महेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ इंद्रजीत सिंह, प्राचार्य बीआरडी मेडिकल कॉलेज डॉ. गणेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ. गिरीश चंद्र श्रीवास्तव, वित्त नियंत्रक एसपी सिंह, पैथोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. शैला मित्रा व रक्त कोष प्रभारी डॉ. राजेश कुमार राय आदि मौजूद रहे।
एलाइजा जांच में तीन से चार घंटे का समय लगता था। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इसकी सेमीओटोमेटेड मशीन है। इसलिए मानवीय भूल की आशंका बनी रहती थी। इसमें सीरम डालने के बाद लगातार एक लैब टेक्नीशियन को निगरानी करनी पड़ती थी। केमील्युमिनेसेंस मशीन में सीरम डालने के बाद आधा घंटे से कम समय में एंटीबाडी का सटीक निष्कर्ष सामने आ जाएगा।
एलाइजा जांच में तीन से चार घंटे का समय लगता था। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इसकी सेमीओटोमेटेड मशीन है। इसलिए मानवीय भूल की आशंका बनी रहती थी। इसमें सीरम डालने के बाद लगातार एक लैब टेक्नीशियन को निगरानी करनी पड़ती थी। केमील्युमिनेसेंस मशीन में सीरम डालने के बाद आधा घंटे से कम समय में एंटीबाडी का सटीक निष्कर्ष सामने आ जाएगा।