गोरखपुर जिले के रामगढ़ ताल की तरह अब राप्ती नदी में भी बोटिंग का आनंद उठाया जा सकता है। रविवार को मेयर सीताराम जायसवाल ने बोटिंग सेवा का उद्घाटन किया। पार्षदों संग बोटिंग भी की। बोले कि एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो चुके इस राप्ती तट पर जल्द ही फूड कोर्ट समेत मनोरंजन के अन्य इंतजाम किए जाएंगे।
2 of 5
गोरखपुर राप्ती नदी में बोटिंग।
- फोटो : अमर उजाला।
मेयर सीताराम जायसवाल ने रविवार को उद्घाटन के मौके पर कहा कि कभी किसी ने नहीं सोचा न था कि राप्ती नदी में बोटिंग का आनंद उठाने की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राप्ती नदी में बोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मंशा जताई थी। निगम सदन में पार्षद संजय श्रीवास्तव ने भी प्रस्ताव रख कर दोनों ही घाटों पर बोटिंग की सुविधा की मांग की जिस पर तत्काल उन्होंने स्वीकृति प्रदान कर नगर आयुक्त को अग्रिम कार्रवाई के लिए कहा।
3 of 5
गोरखपुर राप्ती नदी में बोटिंग।
- फोटो : अमर उजाला।
इस घाट का पर्यटन विकास पहले ही किया जा चुका है। बोटिंग की शुरूआत भी हो गई, जल्द ही यहां फूडकोर्ट एवं मनोरंजन के अन्य संसाधान भी जुटाए जाएंगे। इसके लोगों को मनोरंजन के साथ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उप सभापति ऋषि मोहन वर्मा ने भी इसे गोरखपुर की उपलब्धियों की एक और कड़ी करार दिया। उन्होंने बोटिंग क्लब के संचालक को निर्देशित किया कि लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
4 of 5
गोरखपुर राप्ती नदी में बोटिंग।
- फोटो : अमर उजाला।
इस दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, उमेश अग्रहरी, अजय श्रीवास्तव, सत्यार्थ मिश्रा, निखिल मोटानी, किराना कमेटी के अध्यक्ष उमेश मद्देशिया, गुरु गोरखनाथ आरती समिति के महामंत्री अभिषेक अग्रवाल, अनुराग मझवार अजय साहनी, अतुल वर्मा समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
5 of 5
गोरखपुर राप्ती नदी में बोटिंग।
- फोटो : अमर उजाला।
50 और 100 रुपये शुल्क
भोले वंदना प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमर निषाद ने बताया कि अभी दो मोटर बोट, एक स्पीड बोट और बच्चों के लिए स्पीड बोट चलाई जाएगी। बोट की संख्या और बढ़ाई जाएगी। फिलहाल मोटर बोट का किराया 50 रुपये और स्पीड बोट का 100 रुपये लिया जा रहा है।
शुरू होगी रोप-वे की सुविधा भी
नगर आयुक्त अविनाश कुमार सिंह की मंशा यहां रोप-वे की सुविधा भी उपलब्ध कराने की है। ताकि इको टूरिज्म के तहत इसे और विकसित कर शहर का प्रमुख पर्यटक स्थल बनाया जा सके।