बदल रहा है गोरखपुर: नए साल का तोहफा...धुरियापार में बनने लगेगी बाॅयो गैस, 10 पेट्रोल पंप खुलेंगे
आईओसी रीजनल मैनेजर गोरखपुर मुकेश कुमार ने कहा कि धुरियापार में कंप्रेस्ड बाॅयो गैस (सीबीजी) प्लांट का काम लगभग पूरा हो गया है। भारत सरकार की संयुक्त सचिव आकर निर्माण कार्य का जायजा ले चुकी हैं। जनवरी में इसके लोकार्पण की तैयारी है।
विस्तार
गोरखपुर जिले में धुरियापार के कंप्रेस्ड बाॅयो गैस (सीबीजी) प्लांट से जनवरी 2024 तक उत्पादन शुरू हो जाएगा। प्रतिदिन 230 टन कचरे से 28 टन बाॅयो गैस बनाई जाएगी। इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया है। बाॅयो गैस प्लांट का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नए साल में जनवरी के अंत तक कराने की तैयारी है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर गोरखपुर-बस्ती मंडल में 10 सीबीजी पंप खोले जाएंगे। इससे जहां सीएनजी से सस्ते दर पर लोगों को गैस मिलेगी, वहीं पेट्रोल पंप पर सीएनजी भरवाने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।
बीते 21 दिसंबर को भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के अधिकारियों के साथ धुरियापार पहुंच कर निर्माण कार्य का जायजा लिया। माना जा रहा है कि जल्द ही पीएमओ ऑफिस से लोकार्पण के लिए हरी झंडी मिल सकती है।
इंडियन ऑयल काॅरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) धुरियापार में 160 करोड़ रुपये से बाॅयो गैस प्लांट लगा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 18 सितंबर 2019 को शिलान्यास किया था। माना जा रहा है कि प्लांट में उत्पादन शुरू होने के साथ ही क्षेत्र की आर्थिक व सामाजिक परिस्थिति बदल जाएगी। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब 500 लोगों को रोजगार मिलेगा।
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कंप्रेस्ड बाॅयो गैस प्लांट चलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस प्लांट से गोरखपुर और इसके आसपास की चीनी मिलों को जोड़ा जाएगा। आसपास के ग्रामीणों व किसानों से गोबर और पुआल खरीदी जाएगी। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। गोबर व पुआल का सही इस्तेमाल किया जा सकेगा। अभी पुआल को खेतों में जला दिया जाता है, जिससे प्रदूषण फैलता है। बाॅयो गैस को ‘इंडि ग्रीन’ नाम दिया गया है।
खुलेंगे 10 पंप, बिकेगी सीबीजी
सीबीजी को आम जनता तक पहुंचाने के लिए पंप खोले जाएंगे। पंपों को सीएनजी स्टेशन ही बोला जाएगा। आईओसी ने पंप लगाने का खाका तैयार कर लिया है। गोरखपुर में छह, बस्ती, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर में एक-एक पंप खोले जा रहे हैं।
सीएनजी से सस्ती होगी
धुरियापार में बनने वाली सीबीजी कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) से सस्ती होगी। सीबीजी में मीथेन की मात्रा 94 फीसदी रहती है। इसकी मदद से चलने वाली गाड़ियों को सीएनजी से भी अच्छा माइलेज मिल सकता है।
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गोबर, पुआल, गन्ना पेराई के बाद निकलने वाली खोइया व धान कुटाई के बाद निकलने वाली भूसी किसानों से खरीद कर बाॅयो गैस बनाई जाएगी। बाॅयो गैस बनने के बाद जो खाद निकलेगी, उसे किसान प्लांट से सीधे खरीद सकेंगे। इसकी कीमत सामान्य रहेगी। किसान खाद खरीदकर खेतों में डाल सकेंगे। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बेहतर होगी। फसलों की पैदावार बढ़ेगी।
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एक नजर में
बाॅयो गैस प्लांट की लागत- 160 करोड़
क्षेत्रफल- 50 एकड़
उत्पादन- 28 टन प्रतिदिन
शिलान्यास- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 18 सितंबर 2019 को किया था।
आईओसी रीजनल मैनेजर गोरखपुर मुकेश कुमार ने कहा कि धुरियापार में कंप्रेस्ड बाॅयो गैस (सीबीजी) प्लांट का काम लगभग पूरा हो गया है। भारत सरकार की संयुक्त सचिव आकर निर्माण कार्य का जायजा ले चुकी हैं। जनवरी में इसके लोकार्पण की तैयारी है।