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बाइक को बिना हेलमेट चलाए जाने की बात बताकर काटा ट्रक का चालान, अब वसूली का नोटिस
Wed, 16 Sep 2020 10:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2020 10:40 AM IST
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में यातायात पुलिस ने दस टायर वाले ट्रक का चालान बाइक बताकर काट दिया है। अब कोर्ट से चालान की धनराशि भरने का नोटिस आया तो यातायात पुलिस का कारनामा खुलकर सामने आ गया। ट्रांसपोर्टर भी इस बात को लेकर हैरान हैं।
बता दें कि ट्रक (वाहन संख्या यूपी 78 बीएन 0043) मानवेंद्र सिंह के नाम पंजीकृत है। वह आर्यनगर लखनऊ में रहते हैं। इस वाहन का 30 अक्तूबर 2019 को नौसड़ चौराहे के पास चालान दिखाया गया है। प्रभारी यातायात प्रवर्तन केंद्र ने 1500 रुपये का जो चालान काटा है, उसमें कहा है कि दो पहिया वाहन को बिना हेलमेट चलाया जा रहा था।
मानवेंद्र ने मंगलवार को गोरखपुर की यातायात पुलिस से संपर्क साधा और अपना पक्ष रखा। उनके मुताबिक जिस वाहन का चालान बाइक बताकर काटा गया है, वास्तव में वह दस टायरों वाला ट्रक है। पंजीकरण, इंश्योरेंस, फिटनेस, टैक्स और परमिट की वैधता में कोई दिक्कत नहीं है।
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एसपी ट्रैफिक आशुतोष शुक्ला ने बताया कि कई बार वाहन चालक फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलते हैं। चालान की व्यवस्था ऑनलाइन है। लिहाजा, चालान कट जाता है, फिर धनराशि जमा करने की नोटिस जाती है। अगर गड़बड़ी हुई है तो ट्रांसपोर्टर कार्यालय में सुधार का आवेदन पत्र दे सकते हैं। साक्ष्यों का अध्ययन किया जाएगा। जो त्रुटि होगी, उसे सुधारा जाएगा।
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बता दें कि ट्रक (वाहन संख्या यूपी 78 बीएन 0043) मानवेंद्र सिंह के नाम पंजीकृत है। वह आर्यनगर लखनऊ में रहते हैं। इस वाहन का 30 अक्तूबर 2019 को नौसड़ चौराहे के पास चालान दिखाया गया है। प्रभारी यातायात प्रवर्तन केंद्र ने 1500 रुपये का जो चालान काटा है, उसमें कहा है कि दो पहिया वाहन को बिना हेलमेट चलाया जा रहा था।
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मानवेंद्र ने मंगलवार को गोरखपुर की यातायात पुलिस से संपर्क साधा और अपना पक्ष रखा। उनके मुताबिक जिस वाहन का चालान बाइक बताकर काटा गया है, वास्तव में वह दस टायरों वाला ट्रक है। पंजीकरण, इंश्योरेंस, फिटनेस, टैक्स और परमिट की वैधता में कोई दिक्कत नहीं है।
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एसपी ट्रैफिक आशुतोष शुक्ला ने बताया कि कई बार वाहन चालक फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलते हैं। चालान की व्यवस्था ऑनलाइन है। लिहाजा, चालान कट जाता है, फिर धनराशि जमा करने की नोटिस जाती है। अगर गड़बड़ी हुई है तो ट्रांसपोर्टर कार्यालय में सुधार का आवेदन पत्र दे सकते हैं। साक्ष्यों का अध्ययन किया जाएगा। जो त्रुटि होगी, उसे सुधारा जाएगा।