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Gorakhpur Weather: बदलते मौसम से रहे सावधान, जानिए डॉक्टर क्या दे रहे हैं सलाह

Tue, 02 May 2023 01:56 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 02 May 2023 01:56 PM IST
सार

दमा के मरीज अगर इस मौसम में भीगते हैं तो उनकी सांस की नली ज्यादा सिकुड़ जाती है, जिससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ शुरू हो जाती है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि इस मौसम से बच्चों को ज्यादा बचाने की जरूरत है।

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Beware of changing weather in Gorakhpur
Gorakhpur weather - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बदल रहे मौसम में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। सर्द और गर्म के बीच अगर जरा भी लापरवाही हुई तो सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है। इस मौसम में तापमान में लगातार बदलाव हो रहा है। इसकी वजह से सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि हल्की बारिश में लोग गर्मी को देखते हुए भीग रहे हैं, जो उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। ऐसे लोगों को बुखार के साथ सर्दी, जुकाम और खांसी हो सकती है।
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दमा के मरीज अगर इस मौसम में भीगते हैं तो उनकी सांस की नली ज्यादा सिकुड़ जाती है, जिससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ शुरू हो जाती है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि इस मौसम से बच्चों को ज्यादा बचाने की जरूरत है।
 

बारिश से खेती की राह हुई आसान

बारिश ने किसानों के लिए खेती की राह आसान कर दी। किसान ट्रैक्टर लेकर खेत में पहुंचकर जुताई शुरू कर दिए हैं। इस समय खेतों की जुताई होने से कई तरह के फायदे हैं। एक तरफ घास फूंस सूख जाते हैं तो दूसरी तरफ गेहूं की कटाई के बाद उसके जो अवशेष पड़े हैं, मिट्टी पलटने से दबकर सड़ जाएंगे और वह खाद का काम करेंगे। इस लिए इस समय की बारिश हर दृष्टि से किसानी के लिए बहुत ही उपयोगी है।

कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार के वैज्ञानिक डॉ. एसके तोमर ने बताया कि बारिश के बाद खेतों की जुताई आसान हो जाती है। बहुत से किसान इसका लाभ उठा रहे हैं। इतना ही नहीं खेत में कई ऐसे कीटाणु होते हैं जो फसलों के लिए नुकसानदायक होते हैं। गर्मी में खेत की जुताई से वह नष्ट हो जाता हैं।

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