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महराजगंज: रोहिन नदी पर बैराज निर्माण जल्दी होगा शुरू, 8800 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो जाएगी आसान
Mon, 18 May 2020 05:50 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 18 May 2020 05:50 PM IST
सार
- रोहिन नदी पर बैराज निर्माण जल्दी होगा शुरू
- पुराने के पिलरो को तोड़ने में जुटे श्रमिक, निर्माण कार्य तेज
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MaharajGanj news
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
महराजगंत के नौतनवां में रोहिन नहर प्रणाली अब पुनर्जीवित होगी। इसके लिए प्रयास शुरू हो चुका है। अब रोहिन नदी पर बैराज का निर्माण के लिए पुराने पिलरो को तोड़ने का काम शुरू हो चुका है। इसके बन जाने से 8800 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई आसान हो जाएगी। इसकी डिजाइन बनकर तैयार है। उसी के हिसाब से काम कराया जा रहा है। सोमवार को श्रमिक काम करने में जुटे रहे।
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क्षेत्र के रतनपुर में रोहिन नदी में बैराज बनाने के लिए साइड क्लियर करने के लिए पुराने बीयर गेट के पिलर को तोड़ने का कार्य सोमवार से शुरू हो गया है। पोकलैंड लगाकर पीलर तोड़ा जा रहा है। नेपाली पहाड़ियों से निकली रोहिन नदी प्रवाहित होकर श्याम काट गांव के पास भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करती है।
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एक्सईएन ने देखा कार्य
किसानों के फसलों की सिंचाई के लिए रतनपुर में बियर गेट (पक्का बांध) बनाकर नहरें निकाल कर सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति किया जाता था। लेकिन वर्ष 2004 में आयी बाढ़ में बांध टूट गया। तबसे प्रतिवर्ष लाखों रुपए खर्च कर अस्थायी कच्चा बांध बनाकर नहरों में पानी आपूर्ति किया जाता है। बरसात आते ही बांध को काट दिया जाता है। जिससे लाखों रुपए का बना मिट्टी का बांध पानी की धारा में बह जाता है।
जेई शम्भूनाथ कुशवाहा ने बताया कि 147 करोड़ की परियोजना की लागत पास हुई है। साइड क्लियर करने के लिए पुराना पीलर तोड़ने का कार्य शुरू हो गया है। टेंडर होने के बाद बैराज का निर्माण कार्य शुरू होगा। सिंचाई खंड प्रथम के एक्सईएन संजय कुमार, पीआरओ प्रदीप प्रताप सिंह, जगवीर प्रजापति, सहायक अभियंता राजेश कुमार गुप्ता पिलर तोड़े जाने के दौरान पहुंचे। एक्सईएन ने कार्य से संबंधित जरूरी दिशा निर्देश दिया।
25 साल से ध्वस्त पड़ा था बैराज
रोहिन नदी पर रतनपुर में बैराज 25 साल से ध्वस्त पड़ा था, अब काम शुरू होने से क्षेत्रवासी खुश हैं। सोनपिपरी गांव के दयाराम कहते हैं कि बैराज बन जाने से सिचाई आसान हो जाएगी। साथ ही बाढ़ का असर कम हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि बेलवां, बकईनियां, सोंधी, रतनपुर, कोहडवल, सोनपिपरी, खोरिया, सिरसिया, बैरवां चंदनपुर, बनकटवां, रामनगर, पिपरियां, करैलां, सिंहपुर, अजगरहां, भैसहिया पाठक, बरगदवां अयोध्या, लक्ष्मीपुर, सोनबरसा, करमहवां आदि गांव के किसानो की सिचाई की समस्या दूर होगी। नौतनवां एवं लक्ष्मीपुर के करीब 50 से अधिक गांव के किसान लाभान्वित होंगे।
जेई शम्भूनाथ कुशवाहा ने बताया कि 147 करोड़ की परियोजना की लागत पास हुई है। साइड क्लियर करने के लिए पुराना पीलर तोड़ने का कार्य शुरू हो गया है। टेंडर होने के बाद बैराज का निर्माण कार्य शुरू होगा। सिंचाई खंड प्रथम के एक्सईएन संजय कुमार, पीआरओ प्रदीप प्रताप सिंह, जगवीर प्रजापति, सहायक अभियंता राजेश कुमार गुप्ता पिलर तोड़े जाने के दौरान पहुंचे। एक्सईएन ने कार्य से संबंधित जरूरी दिशा निर्देश दिया।
25 साल से ध्वस्त पड़ा था बैराज
रोहिन नदी पर रतनपुर में बैराज 25 साल से ध्वस्त पड़ा था, अब काम शुरू होने से क्षेत्रवासी खुश हैं। सोनपिपरी गांव के दयाराम कहते हैं कि बैराज बन जाने से सिचाई आसान हो जाएगी। साथ ही बाढ़ का असर कम हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि बेलवां, बकईनियां, सोंधी, रतनपुर, कोहडवल, सोनपिपरी, खोरिया, सिरसिया, बैरवां चंदनपुर, बनकटवां, रामनगर, पिपरियां, करैलां, सिंहपुर, अजगरहां, भैसहिया पाठक, बरगदवां अयोध्या, लक्ष्मीपुर, सोनबरसा, करमहवां आदि गांव के किसानो की सिचाई की समस्या दूर होगी। नौतनवां एवं लक्ष्मीपुर के करीब 50 से अधिक गांव के किसान लाभान्वित होंगे।