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बैंक में ठगी के शिकार हुए खाताधारकों को लौटाए थे रुपये, अब जारी हुआ वसूली का नोटिस, जानें क्या है मामला
Mon, 11 May 2020 10:34 AM IST
vivek shukla
राजीव रंजन, गोरखपुर।
राजीव रंजन, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 11 May 2020 10:34 AM IST
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बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक (पूर्व में पूर्वांचल बैंक) की जैतपुर शाखा के ठगी के शिकार जिन खाताधारकों को बैंक प्रशासन ने रुपये लौटा दिए थे, अब उनसे उस रकम को लौटाने का अल्टीमेटम दे दिया है। बैंक प्रशासन ने जांच के बाद लौटाई गई रकम को वापस लेने का फैसला किया है। बैंक प्रशासन ने ऐसे तीन लोगों को नोटिस जारी कर दिया है।
दरअसल बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक में दो अन्य बैंकों के विलय के पहले पूर्वांचल बैंक का अलग अस्तित्व था। आरोप है कि पिछले साल नवंबर से जनवरी 2020 के बीच पूर्वांचल बैंक की जैतपुर शाखा के कुछ खाताधारकों के बैंक खाते से जालसाजी कर रकम निकाल ली गई थी। खाताधारकों ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराने के साथ बैंक में भी इस बात की शिकायत की थी कि उक्त रकम उनके द्वारा नहीं निकाली गई।
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दरअसल बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक में दो अन्य बैंकों के विलय के पहले पूर्वांचल बैंक का अलग अस्तित्व था। आरोप है कि पिछले साल नवंबर से जनवरी 2020 के बीच पूर्वांचल बैंक की जैतपुर शाखा के कुछ खाताधारकों के बैंक खाते से जालसाजी कर रकम निकाल ली गई थी। खाताधारकों ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराने के साथ बैंक में भी इस बात की शिकायत की थी कि उक्त रकम उनके द्वारा नहीं निकाली गई।
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बता दें कि आनंद सिंह के खाते से 17 हजार, श्रवण कुमार के खाते से 70 हजार, राजकुमारी देवी के खाते से 1.74 लाख, रामजियावन सियर के खाते से 1.89 लाख रुपये निकाले गए थे। यह रकम नवंबर से जनवरी महीने के बीच निकाली गई थी। कुछ अन्य खाताधारकों के खाते से इस तरह की जालसाजी की शिकायत की गई थी।
इसके बाद बैंक प्रशासन ने इन सभी खाताधारकों से 100 रुपये के स्टैंप पेपर पर हलफनामा लिखवाकर, साथ ही दो अन्य खाताधारकों से गवाही कराने के बाद डूबी रकम सशर्त खाते में भेज दी थी। इसके बाद भी बैंक प्रशासन की ओर से मामले की जांच चलती रही। जांच में सिर्फ एक बैंक ने अपनी गलती स्वीकारी। ऐसे में सिर्फ एक खाताधारकों को छोड़कर अन्य सभी को बैंक प्रशासन की ओर से दी गई रकम लौटाने को कहा गया है।
इसके बाद बैंक प्रशासन ने इन सभी खाताधारकों से 100 रुपये के स्टैंप पेपर पर हलफनामा लिखवाकर, साथ ही दो अन्य खाताधारकों से गवाही कराने के बाद डूबी रकम सशर्त खाते में भेज दी थी। इसके बाद भी बैंक प्रशासन की ओर से मामले की जांच चलती रही। जांच में सिर्फ एक बैंक ने अपनी गलती स्वीकारी। ऐसे में सिर्फ एक खाताधारकों को छोड़कर अन्य सभी को बैंक प्रशासन की ओर से दी गई रकम लौटाने को कहा गया है।
बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक एसएन सिंह ने बताया कि खाताधारकों को प्राथमिक तौर पर राहत देने के मकसद से इस शर्त पर क्षतिपूर्ति बांड भरवाकर रकम वापस की गई थी कि अगर बैंक को उक्त रकम नहीं मिल पाती है तो खाताधारक रकम लौटा देंगे।
एक बैंक ने अपनी गलती मानते हुए 1.74 लाख रुपये लौटा दिए है। उक्त रकम खाताधारक को वापस कर दी गई थी। वहीं अन्य ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों ने खाताधारकों को पैसे के भुगतान की बात कही है और बैंक को पैसे लौटाने से इंकार कर दिया है। ऐसे में अन्य खाताधारकों को रकम वापस करने के लिए नोटिस दिया गया है।
एक बैंक ने अपनी गलती मानते हुए 1.74 लाख रुपये लौटा दिए है। उक्त रकम खाताधारक को वापस कर दी गई थी। वहीं अन्य ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों ने खाताधारकों को पैसे के भुगतान की बात कही है और बैंक को पैसे लौटाने से इंकार कर दिया है। ऐसे में अन्य खाताधारकों को रकम वापस करने के लिए नोटिस दिया गया है।