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गोरखपुर: ज्यादा शुल्क वसूली पर बद्रिका हॉस्पिटल सील, सीएम योगी के सख्त निर्देश के बाद हुई कार्रवाई

Thu, 13 May 2021 02:49 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 13 May 2021 02:49 PM IST
सार

एडिशनल कमिश्नर की जांच में तीमारदारों की शिकायत सच मिली, अतिरिक्त फीस भी वापस कराई जाएगी। इलाज, जांच के नाम पर अधिक फीस वसूलने वालों पर सीएम ने सख्त कार्रवाई के दिए हैं निर्देश।

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Badrika Hospital Seal of Gorakhpur for charging more fees in name of treatment
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।(file) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक दिन इलाज कर दो दिन की फीस वसूलने के मामले में प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज रोड स्थित बद्रिका मेडिकल रिसर्च सेंटर का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। प्रबंध तंत्र के खिलाफ चिलुआताल थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। साथ ही तीमारदार को अतिरिक्त फीस वापस कराने के लिए कहा गया है। 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद प्रशासन ने शासन की तरफ से इलाज या जांच के लिए तय फीस से अधिक रकम वसूलने वालों की शिकायत के लिए नंबर और मेल आईडी जारी कर रखी है। शुरुआती 10 दिन तक इन नंबरों पर कोई शिकायत ही नहीं मिली। कमिश्नर के मेल आईडी और हेल्पलाइन पर पहली शिकायत बद्रिका रिसर्च सेंटर की मिली। 
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कमिश्नर जयंत नार्लिकर के निर्देश पर एडिशन कमिश्नर रतिभान ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मामले की जांच की तो शिकायत सही पाई गई। इसपर कमिश्नर ने तत्काल सीएमओ को इस हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त करने का निर्देश दिया। साथ ही जांच टीम को मुकदमा दर्ज कराने और अतिरिक्त फीस तीमारदारों को वापस कराने को कहा। शाम को तहरीर दी गई जिसपर रात को मुकदमा दर्ज हो गया। इस सिलसिले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष नहीं मिल सका है। पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा। 
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जांच की जिम्मेदारी एडिशनल कमिश्नर को

Badrika Hospital Seal of Gorakhpur for charging more fees in name of treatment
कमिश्नर जयंत नार्लिकर। - फोटो : अमर उजाला
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने शासन की ओर से तय फीस से अधिक रुपये वसूलने वाले चिकित्सालयों, पैथोलॉजी की जांच की जिम्मेदारी 28 अप्रैल को ही एडिशनल कमिश्नर (न्यायिक) रतिभान को सौंपी थी। शिकायत के लिए लोगों को भटकना न पड़े इसलिए एक, दो नहीं बल्कि 10 व्हाट्सएप नंबर और ई-मेल आईडी भी जारी की गई थी। 

एडिशनल कमिश्नर का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस सुविधा की जानकारी हो सके इसके लिए उन्होंने शहर के कई प्रमुख स्थानों पर पोस्टर भी चस्पा कराए हैं। ये पोस्टर कलेक्ट्रेट, कमिश्नरी, नगर निगम, रेलवे स्टेशन, छात्र संघ चौराहा, गोलघर, शास्त्री चौक आदि स्थानों पर चस्पा किए गए हैं। इनपर शिकायत के लिए जारी सभी 10 नंबर और ई-मेल आईडी का भी जिक्र है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि शासन की तरफ से तय रेट से अधिक फीस वसूली जाए तो वह इन नंबरों पर शिकायत कर सकते हैं, तत्काल जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। 

इन नंबरों पर व्हाट्सएप करके दर्ज कराएं शिकायत-
9648305681, 9415177622,  9451414177, 9532552548, 9198981550, 9415221527, 9450883415, 9454654721, 9452255525, 7800178517

कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने बताया कि कोरोना के इलाज और जांच के लिए शासन की तरफ से फीस निर्धारित की गई है। इससे अधिक फीस वसूलने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। एक मामले की शिकायत हुई थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। मरीजों और तीमारदारों से अपील है कि यदि किसी से भी कोई कोविड अस्पताल या पैथोलॉजी सेंटर इलाज या जांच के नाम पर अधिक फीस वसूलता है तो उसकी शिकायत करें।
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