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Gorakhpur News: 'कबाड़ी गुरु' की पैरवी करने गया था अजीम, बहस फिर विवाद हुआ- जान निकलते तक मारते रहा चाकू
Sun, 14 Jul 2024 10:59 AM IST
रोहित सिंह
रोहित सिंह, गोरखपुर
रोहित सिंह, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sun, 14 Jul 2024 10:59 AM IST
सार
पुलिस सूत्रों की मानें तो हमलावरों ने अजीम के दूसरे साथी और विवादित दूसरे एक कबाड़ी साझेदार की हत्या की भी योजना बनाई थी। लेकिन, मौके से वह नहीं मिला। अजीम मौके पर मिला और उसकी हत्या कर दी गई। सूत्रों ने बताया कि ये लोग सभी साझेदार थे। एक साथ जमीन और मकान में रुपये भी लगाते थे। इसमें अपने पद और सपा के सरकार में बनाए रुतबे की अकड़ अजीम का साझेदार जमीन और कबाड़ी कारोबारी भी दिखाता था।
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हत्या के बाद मौके पर खड़े हत्या करने वाले अपराधी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
राजघाट थाना क्षेत्र निवासी प्रॉपर्टी डीलर अजीम (40) की सरेराह चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने घटना के थोड़ी देर में ही पर्दाफाश भी कर दिया।
हिरासत में लिए गए लोगों से दो मकान के लिए अजीम और उसके एक सहयोगी ने तकरीबन 50 लाख रुपये लिए थे, लेकिन लंबे समय तक न तो उनके नाम से मकान रजिस्ट्री करवाई और न ही उसे आर्थिक लाभ दिया। इसी से नाराजगी चल रही थी।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो हमलावरों ने अजीम के दूसरे साथी और विवादित दूसरे एक कबाड़ी साझेदार की हत्या की भी योजना बनाई थी। लेकिन, मौके से वह नहीं मिला। अजीम मौके पर मिला और उसकी हत्या कर दी गई। सूत्रों ने बताया कि ये लोग सभी साझेदार थे।
एक साथ जमीन और मकान में रुपये भी लगाते थे। इसमें अपने पद और सपा के सरकार में बनाए रुतबे की अकड़ अजीम का साझेदार जमीन और कबाड़ी कारोबारी भी दिखाता था। पूछताछ में सामने आया है कि अजीम गैंगस्टर और उसके गुरु ने एक मकान के लिए अजीम से 10 लाख रुपये लिए थे। तय हुआ था कि इस मकान को बेचने के बाद उसके कमीशन की अतिरिक्त रकम को सभी आपस में बांट लेेंगे। इसी बीच एक और अलीनगर में 22 लाख रुपये दूसरे मकान में फंसा दिया।
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हिरासत में लिए गए लोगों से दो मकान के लिए अजीम और उसके एक सहयोगी ने तकरीबन 50 लाख रुपये लिए थे, लेकिन लंबे समय तक न तो उनके नाम से मकान रजिस्ट्री करवाई और न ही उसे आर्थिक लाभ दिया। इसी से नाराजगी चल रही थी।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो हमलावरों ने अजीम के दूसरे साथी और विवादित दूसरे एक कबाड़ी साझेदार की हत्या की भी योजना बनाई थी। लेकिन, मौके से वह नहीं मिला। अजीम मौके पर मिला और उसकी हत्या कर दी गई। सूत्रों ने बताया कि ये लोग सभी साझेदार थे।
एक साथ जमीन और मकान में रुपये भी लगाते थे। इसमें अपने पद और सपा के सरकार में बनाए रुतबे की अकड़ अजीम का साझेदार जमीन और कबाड़ी कारोबारी भी दिखाता था। पूछताछ में सामने आया है कि अजीम गैंगस्टर और उसके गुरु ने एक मकान के लिए अजीम से 10 लाख रुपये लिए थे। तय हुआ था कि इस मकान को बेचने के बाद उसके कमीशन की अतिरिक्त रकम को सभी आपस में बांट लेेंगे। इसी बीच एक और अलीनगर में 22 लाख रुपये दूसरे मकान में फंसा दिया।
जानलेवा हमला करने के बाद मौके पर ही आरोपी घूमते चिल्लाते रहे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
50 लाख रुपये की रकम फंसाए जाने के बाद भी नहीं मिला। रुपये के बारे में पूछने पर अजीम के दूसरे साथी और गुरु हिस्ट्रीशीटर कबाड़ी द्वार अलग-अलग तरह से धमकी दी जाने लगी। घटना पर मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के बाद ये मौके से भागने की कोशिश भी नहीं किया। अजीम और उसका गुरु पूर्वांचल के चर्चित माफिया विनोद उपाध्याय का भी काफी करीबी था।
मृतक के पिता की हो गई थी मौत
सूत्रों ने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपी के पिता की मौत भी इन्हीं सब मामलों की वजह सो गई थी। वर्षों से लाखों रुपये फंसे होने और परिवार में बार-बार विवाद होने से पिता तनाव में रहते थे। इसी बीच हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी। इससे भी हिरासत में लिया गया शक्श टूट गया था।
अजीम के गुरु को भी किया था फोन
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार को हिरासत में लिए गए आरोपी ने अजीम के गुरु को फोन किया था। गुरु ने ही अजीम को मौके पर भेजकर बात करने और समय लेने की बात कहकर भेजा था।
हिंदी बाजार में कई कटरे बनवाए, सभी विवादित
अजीम अपने दूसरे हिस्ट्रीशीटर गुरु का सबसे करीबी कारिंदा था। हिंदी बाजार में भी कई बिल्डर साझेदारों के साथ मिलकर अजीम के गुरु ने रुपये बाजार में फंसाया है। चूंकि, अजीम का गुरु माफिया विनोद का काफी करीबी थी और बाजार के कई सराफा और जमीन के धंधे से जुड़े लोगों तक इसी ने साझेदारी करवाई थी।
कबाड़ी गुरु नेपाल भागने की चर्चा
सूत्रों ने बताया कि अजीम जिसका मुख्य रूप से आदमी थी, वह घटना के बाद से ही नेपाल भाग गया। सूत्रों ने बताया कि इसने रेलवे स्टेशन से एक गाड़ी बुक की और नेपाल भाग निकला।
सीओ कोतवाली गौरव त्रिपाठी ने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपियों ने घटना को लेकर जानकारी दी है। दावा है कि आर्थिक नुकसान होने की वजह से घटना अंजाम दिया गया है। फिर भी अभी जांच चल रही है। कई नाम और सामने आए हैं। जांच की जाएगी।
मृतक के पिता की हो गई थी मौत
सूत्रों ने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपी के पिता की मौत भी इन्हीं सब मामलों की वजह सो गई थी। वर्षों से लाखों रुपये फंसे होने और परिवार में बार-बार विवाद होने से पिता तनाव में रहते थे। इसी बीच हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी। इससे भी हिरासत में लिया गया शक्श टूट गया था।
अजीम के गुरु को भी किया था फोन
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार को हिरासत में लिए गए आरोपी ने अजीम के गुरु को फोन किया था। गुरु ने ही अजीम को मौके पर भेजकर बात करने और समय लेने की बात कहकर भेजा था।
हिंदी बाजार में कई कटरे बनवाए, सभी विवादित
अजीम अपने दूसरे हिस्ट्रीशीटर गुरु का सबसे करीबी कारिंदा था। हिंदी बाजार में भी कई बिल्डर साझेदारों के साथ मिलकर अजीम के गुरु ने रुपये बाजार में फंसाया है। चूंकि, अजीम का गुरु माफिया विनोद का काफी करीबी थी और बाजार के कई सराफा और जमीन के धंधे से जुड़े लोगों तक इसी ने साझेदारी करवाई थी।
कबाड़ी गुरु नेपाल भागने की चर्चा
सूत्रों ने बताया कि अजीम जिसका मुख्य रूप से आदमी थी, वह घटना के बाद से ही नेपाल भाग गया। सूत्रों ने बताया कि इसने रेलवे स्टेशन से एक गाड़ी बुक की और नेपाल भाग निकला।
सीओ कोतवाली गौरव त्रिपाठी ने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपियों ने घटना को लेकर जानकारी दी है। दावा है कि आर्थिक नुकसान होने की वजह से घटना अंजाम दिया गया है। फिर भी अभी जांच चल रही है। कई नाम और सामने आए हैं। जांच की जाएगी।