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Gorakhpur News: आयुष्मान योजना में लाभार्थी के साथ डॉक्टर की फोटो भी पोर्टल पर होगी अपलोड

Tue, 14 May 2024 12:24 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2024 12:24 AM IST
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Ayushman Yojana: Photo of the doctor along with the beneficiary will also be uploaded on the portal
फोटो अपलोड नहीं होने पर नहीं मिलेगा योजना का लाभ
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आईएमए ने जताई असहमति, डायलिसिस मरीजों को हो सकती है दिक्कत

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आयुष्मान योजना में धांधली रोकने के लिए नया प्रयोग होने जा रहा है। अब मरीज के साथ डॉक्टर की फोटो भी पोर्टल पर अपलोड होगी, तभी इलाज के लिए प्रस्तावित बजट का भुगतान होगा। इस नई व्यवस्था से योजना में फैला भ्रष्टाचार तो रुकेगा, लेकिन डायलिसिस मरीजों की दिक्कत बढ़ जाएगी। क्योंकि वहां डॉक्टर नहीं तकनीशियन काम करते हैं। आईएमए ने मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए विकल्प के तौर पर तकनीशियन की फोटो अपलोड किए जाने की सुविधा भी देने की मांग की है।
बता दें कि शहर में 255 निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध है। जिले के करीब एक लाख कार्डधारक इन अस्पतालों में इलाज कराते हैं। इसके अलावा अन्य शहरों के मरीज भी आते हैं। इस बीच कार्ड के दुरुपयोग के कई मामले सामने आए। कभी डुप्लीकेट कार्ड तो कभी बिना इलाज कराए ही भुगतान के चलते इस योजना की काफी बदनामी भी हुई।
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अब इसमें धांधली रोकने के लिए एक नया प्रयोग यह किया जा रहा है कि आयुष्मान कार्ड पर संबंधित अस्पताल के उपचार के दौरान मरीजों और चिकित्सकों की फोटो पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इस फोटो की जिओ टैगिंग होगी। मतलब अस्पताल का लोकेशन ऑनलाइन ही पोर्टल पर अपलोड होगा। स्टेट हेल्थ अथॉरिटी आयुष्मान भारत के लखनऊ स्थित कार्यालय से यह एडवाइजरी जारी की गई है।
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आईएमए अध्यक्ष डॉ. स्मिता जायसवाल का कहना है कि यह व्यवस्था लागू करने से पहले इस बात की भी चिंता करनी पड़ेगी कि डायलिसिस के मरीज की फोटो के साथ डॉक्टर की फोटो किस तरह से अपलोड होगी। क्योंकि गुर्दा रोग विशेषज्ञ की कमी है। डायलिसिस का कार्य तकनीशियन की देखरेख में होता है। ऐसी स्थिति में पोर्टल पर फोटो अपलोड नहीं होगी तो मरीज का उपचार रुक जाएगा। इसलिए पंजीकृत डायलिसिस तकनीशियन की फोटो अपलोड करने की सुविधा दी जानी चाहिए।

आईएमए सचिव डॉ. अमित मिश्रा ने कहा कि इस नई व्यवस्था का डायलिसिस के मरीजों के उपचार पर तत्काल असर दिखेगा। इस शर्त का अनुपालन इसलिए संभव नहीं है क्योंकि चिकित्सक मरीजों को डायलिसिस की सलाह देते हैं, पर डायलिसिस की प्रक्रिया स्टेट फैकल्टी में पंजीकृत डायलिसिस तकनीशियन किया करते हैं। ऐसे में डायलिसिस जैसी प्रक्रिया में चिकित्सक का फोटो न मांग कर पंजीकृत डायलिसिस तकनीशियन का फोटो अपलोड करने का प्रावधान पोर्टल पर दिया जाना चाहिए।
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