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Gorakhpur News: किसानों से औषधीय पौधों की खेती कराएगा आयुष विश्वविद्यालय, बनाई जाएंगी दवाइयां

Fri, 24 Feb 2023 11:31 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 24 Feb 2023 11:31 AM IST
सार

आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एके सिंह ने बताया कि गोरखपुर सहित आसपास के जिले महराजगंज, पडरौना में बड़े-बड़े जंगल हैं। इन जंगलों में कई औषधीय पौधे होते हैं, जिनकी जानकारी लोगों को नहीं है। इन जंगलों में औषधीय पौधे खोजने के लिए टीम तैयार की जाएगी।

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Ayush University will make farmers cultivate medicinal plants
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देगा। जिले के किसानों को औषधीय पौधों की खेती कराएगा। खेती के बाद इन पौधों की खरीद भी करेगा। इन आयुष पौधों से सस्ती दर पर आयुर्वेदिक दवाइयां बनाई जाएंगी। इससे किसानों का लाभ तो होगा ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन भी उपलब्ध होंगे।

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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आयुष विश्वविद्यालय ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। आयुर्वेद के विशेषज्ञ किसानों को ट्रेनिंग देंगे। किसानों को संबंधित क्षेत्र में पर्यावरण के अनुसार पौधों का चयन करने, उनकी देखरेख और तैयार पौधों को आयुष विश्वविद्यालय तक पहुंचाने का रास्ता बताया जाएगा।
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इसमें किसानों को कुछ विकल्प भी दिए जाएंगे कि अगर वह खेती नहीं करना चाहते हैं, तो वह खेत को दूसरों को खेती के लिए भी दे सकते हैं। इससे औषधीय खेती का रकबा भी बढ़ेगा साथ ही व्यापार की दृष्टि से आयुष विश्वविद्यालय समृद्ध होगा। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेंगे। साथ ही आयुष विश्वविद्यालय के हर्बल हब के रूप में विकसित होगा।
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आसपास के जंगलों में भी खोजे जाएंगे औषधीय पौधे

आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एके सिंह ने बताया कि गोरखपुर सहित आसपास के जिले महराजगंज, पडरौना में बड़े-बड़े जंगल हैं। इन जंगलों में कई औषधीय पौधे होते हैं, जिनकी जानकारी लोगों को नहीं है। इन जंगलों में औषधीय पौधे खोजने के लिए टीम तैयार की जाएगी।

इनकी खेती पर होगा जोर
मेंथा, अश्वगंधा, लेमनग्रास, अकरकरा, सहजन, सतावर, हल्दी, तुलसी, अदरक, काली मिर्च, गिलोय, एलोवेरा आदि की खेती पर विशेष जोर होगा। इनका इनका इस्तेमाल आयुर्वेद की दवाओं में भी किया जाता है।

महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एके सिंह ने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय औषधीय पौधों की खेती पर विशेष जोर देगा। इसके लिए किसानों को ट्रेनिंग दी जाएगी। किसानों को औषधीय पौधों की खेती के बारे में बताया जाएगा। इससे किसान समृद्ध होंगे साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार भी मिलेंगे।


 
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