Gorakhpur AIIMS: गोरखपुर एम्स में सुविधा का इंतजार, मरीज बेजार
मीडिया प्रभारी एम्स डॉ. शंशाक ने कहा कि एम्स में अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और सिटी स्कैन की मशीनें इंस्टाल हो चुकी हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने की वजह से जांच नहीं हो पा रही है। जल्द ही इस पद के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अल्ट्रासाउंड सेंटर, एमआरआई और सिटी स्कैन की मशीनें दिसंबर 2020 में लगाई गईं थीं। लेकिन अभी तक इन जांचों की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। वजह है, रेडियोलॉजिस्ट का न होना।
पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एम्स के लोकार्पण के बाद उम्मीद जगी थी कि अब सभी सुविधाएं मिलने लगेंगी। एम्स ने रेडियोलॉजिस्ट के लिए विज्ञापन भी निकाला। दो का इंटरव्यू भी हुआ, लेकिन उन लोगों ने ज्वाइनिंग नहीं की।
इसके बाद मामला लटक गया। स्थिति ऐसी हो गई है कि मशीनों की मौजूदगी के बावजूद मरीज निजी अस्पतालों से जांच करा रहे हैं। ऐसे में उनके समय और रुपये दोनों की बर्बादी हो रही है।
जांच के लिए सात किलोमीटर दूर आना पड़ा
सोमवार को गोपालगंज से आईं संगीता ने बताया कि सुबह किसी तरह नंबर लगा। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी। एम्स में अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ। थक हारकर छह से सात किलोमीटर दूर बेतियाहाता स्थित एक अल्ट्रासाउंड में जांच कराई गई। कड़ी धूप में यहां पहुंची। पूरा दिन एक जांच में गुजर गया।
मीडिया प्रभारी एम्स डॉ. शंशाक ने कहा कि एम्स में अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और सिटी स्कैन की मशीनें इंस्टाल हो चुकी हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने की वजह से जांच नहीं हो पा रही है। जल्द ही इस पद के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा।