{"_id":"64f07832f2a9151b1c0db195","slug":"atul-maheshwari-scholarship-mp-inter-college-teacher-said-studied-with-scholarship-2023-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Atul Maheshwari Scholarship: एमपी के हिंदी के प्रवक्ता बोले- छात्रवृत्ति से हुई पढ़ाई वरना शिक्षक नहीं बनता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Atul Maheshwari Scholarship: एमपी के हिंदी के प्रवक्ता बोले- छात्रवृत्ति से हुई पढ़ाई वरना शिक्षक नहीं बनता
Thu, 31 Aug 2023 05:00 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 31 Aug 2023 05:00 PM IST
सार
कौड़ीराम के रहने वाले डॉ. फूलचंद ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल से हुई। उनका परिवार अत्यंत निर्धन था और स्कूल की फीस भरने में सक्षम नहीं था। ऐसे में कक्षा छह से लेकर आठ तक की उनकी पढ़ाई निर्धन कल्याण कोष (छात्रवृत्ति) से हुई।
विज्ञापन
डॉक्टर फूलचंद प्रसाद गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छात्रवृत्ति से एक ओर जहां आर्थिक मदद मिलती है, वहीं छात्रवृत्ति लक्ष्य को प्राप्त करने का माध्यम भी बनती है। छात्रवृत्ति छात्र को पहचान भी दिलाती है।
यह कहना है महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के हिंदी के प्रवक्ता डॉ. फूलचंद प्रसाद गुप्ता की। जिले के कौड़ीराम के रहने वाले डॉ. फूलचंद ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल से हुई। उनका परिवार अत्यंत निर्धन था और स्कूल की फीस भरने में सक्षम नहीं था। ऐसे में कक्षा छह से लेकर आठ तक की उनकी पढ़ाई निर्धन कल्याण कोष (छात्रवृत्ति) से हुई।
इसके बाद पढ़ाई निशुल्क हो गई। जिससे आगे की पढ़ाई पूरी हो सकी। अगर उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली होती तो अब आज शिक्षक नहीं बन पाए होते। उन्होंने बताया कि वह स्कूल में हर ऐसे बच्चे पर नजर रखते हैं जो होनहार होने के साथ ही जरुरतमंद है। उन्हें छात्रवृत्ति दिलाने के लिए वह हर संभव प्रयास करते हैं। ताकि वह बच्चा पढ़ लिखकर आगे बढ़ सके।
छात्रवृत्ति के लिए करें आवेदन
अंतिम तिथिः 10 सितंबर, 2023
इनमें से किसी भी लिंक पर क्लिक करें और आवेदन फॉर्म भरें-
https://www.amarujala.com/atul-maheshwari-chhatravritti-2023
https://foundation.amarujala.com/
https://www.amarujala.com/
विज्ञापन
यह कहना है महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के हिंदी के प्रवक्ता डॉ. फूलचंद प्रसाद गुप्ता की। जिले के कौड़ीराम के रहने वाले डॉ. फूलचंद ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल से हुई। उनका परिवार अत्यंत निर्धन था और स्कूल की फीस भरने में सक्षम नहीं था। ऐसे में कक्षा छह से लेकर आठ तक की उनकी पढ़ाई निर्धन कल्याण कोष (छात्रवृत्ति) से हुई।
इसके बाद पढ़ाई निशुल्क हो गई। जिससे आगे की पढ़ाई पूरी हो सकी। अगर उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली होती तो अब आज शिक्षक नहीं बन पाए होते। उन्होंने बताया कि वह स्कूल में हर ऐसे बच्चे पर नजर रखते हैं जो होनहार होने के साथ ही जरुरतमंद है। उन्हें छात्रवृत्ति दिलाने के लिए वह हर संभव प्रयास करते हैं। ताकि वह बच्चा पढ़ लिखकर आगे बढ़ सके।
विज्ञापन
छात्रवृत्ति के लिए करें आवेदन
अंतिम तिथिः 10 सितंबर, 2023
इनमें से किसी भी लिंक पर क्लिक करें और आवेदन फॉर्म भरें-
https://www.amarujala.com/atul-maheshwari-chhatravritti-2023
https://foundation.amarujala.com/
https://www.amarujala.com/