{"_id":"613226b44e0b05620b0ad311","slug":"attacked-on-mosquitoes-by-dividing-into-six-parts-in-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: छह भागों में बांटकर मच्छरों पर होगा वार, इस वजह से इंस्पेक्टर लगाएंगे जुर्माना और करेंगे चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: छह भागों में बांटकर मच्छरों पर होगा वार, इस वजह से इंस्पेक्टर लगाएंगे जुर्माना और करेंगे चालान
Fri, 03 Sep 2021 07:14 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 03 Sep 2021 07:14 PM IST
सार
पहले चरण में होटल, अस्पताल, स्कूल और आसपास होगी जांच, जल स्रोतों की सफाई न होने पर पहले चेतावनी फिर अर्थदंड।
विज्ञापन
अस्पताल में भर्ती मरीज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर में बरसात के बाद मच्छरों के कारण शहरी क्षेत्र में फैलने वाली बीमारी डेंगू की रोकथाम के लिए शहर को छह हिस्सों में बांट कर मच्छरों पर वार किया जाएगा। 23 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों की आबादी को छह हिस्सों में बांटते हुए प्रत्येक भाग में दो मलेरिया इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह इंस्पेक्टर अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे और साफ पानी के जमाव वाले स्रोतों जैसे कूलर, गमले, टूटे पात्र, एसी बैंड, फ्रिज ट्रे आदि की जांच करेंगे।
विज्ञापन
अगर जांच में जलस्रोत व मच्छरों के लार्वा मिलते हैं तो पहली बार संबंधित व्यक्ति और संस्थान को नोटिस दी जाएगी और दूसरी बार अर्थदंड लगाया जाएगा। इंस्पेक्टर जुर्माना लगाएंगे और चालान भी करेंगे। पहले चरण में होटल, अस्पताल, स्कूल आदि सार्वजनिक जगहों पर जांच होगी और कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अंगद सिंह ने बताया कि एसीएमओ डॉ एके चौधरी की निगरानी में यह अभियान मलेरिया विभाग की टीम चलाएगी। इस काम में सहायक मलेरिया अधिकारी भी लगाए गए हैं। जो जलस्रोत खाली करने योग्य न हों वहां पर नगर निगम से समन्वय स्थापित कर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा।
विज्ञापन
ऐसे होता है डेंगू का तेजी से प्रसार
गोरखपुर जिले में डेंगू और अन्य मच्छरजनित रोगों की जांच के लिए सभी 19 सीएचसी-पीएचसी, 127 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और 23 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर किट रखे गए हैं। अगर किसी को भी बुखार आता है तो वह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं। लक्षणों के अनुसार उसे जांच की सुविधा प्राप्त होगी। बुखार में अपने मन से दवा नहीं खाना है और न ही किसी अप्रशिक्षित डॉक्टर से दवा लेनी है।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि डेंगू का वाहक मच्छर जैसे ही किसी स्वस्थ शरीर के व्यक्ति में डेंगू वायरस छोड़ता है, वह व्यक्ति महज छह से 12 घंटे के भीतर संक्रमित से संक्रामक व्यक्ति बन जाता है। यानि वह दूसरे को संक्रमित करने की स्थिति में आ जाता है। दो से सात दिन तक वह एक संक्रामक व्यक्ति के तौर पर रहता है। इस समयावधि में उसके जरिये डेंगू वायरस इसी रफ्तार से अन्य लोगों में फैलने लगता है।
यह लक्षण दिखे तो हो सकता है डेंगू
तेज बुखार, त्वचा पर चकत्ते, तेज सिर दर्द, पीठ दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में असह्य में दर्द, मसूड़ों से खून बहना, नाक से खून बहना, जोड़ों में दर्द, उल्टी, डायरिया।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि डेंगू का वाहक मच्छर जैसे ही किसी स्वस्थ शरीर के व्यक्ति में डेंगू वायरस छोड़ता है, वह व्यक्ति महज छह से 12 घंटे के भीतर संक्रमित से संक्रामक व्यक्ति बन जाता है। यानि वह दूसरे को संक्रमित करने की स्थिति में आ जाता है। दो से सात दिन तक वह एक संक्रामक व्यक्ति के तौर पर रहता है। इस समयावधि में उसके जरिये डेंगू वायरस इसी रफ्तार से अन्य लोगों में फैलने लगता है।
यह लक्षण दिखे तो हो सकता है डेंगू
तेज बुखार, त्वचा पर चकत्ते, तेज सिर दर्द, पीठ दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में असह्य में दर्द, मसूड़ों से खून बहना, नाक से खून बहना, जोड़ों में दर्द, उल्टी, डायरिया।