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ग्रहों की चाल: शनि होंगे वक्री, किसी के लिए नरम तो किसी के लिए गरम- क्या बोले गोरखपुर के ज्योतिषाचार्य; जानें
Sat, 15 Jun 2024 11:45 AM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sat, 15 Jun 2024 11:45 AM IST
सार
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, शनि देव एक राशि पर लगभग ढाई वर्ष रहते हैं। वर्तमान में यह कुंभ राशि में हैं। शनि जिस राशि पर रहते हैं, उसके पहले और बाद की राशि को भी अपने गिरफ्त में लिए रहते हैं।
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शनि की चाल का परिवर्तन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शनि की उलटी चाल को वक्री होना कहा गया है। 29 जून को शनि वक्री हो रहे हैं और वह 15 नवंबर तक बने रहेंगे। इसके कारण जहां सिंह व धनु राशि वालों को लाभ होगा, वहीं मेष, वृषभ और कुंभ राशि वालों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। बाकी राशियों पर आंशिक प्रभाव पड़ेगा।
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इसके पहले शनि की उलटी चाल 17 जून 2023 से चार नवंबर 2023 तक रही थी। पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, शनि देव एक राशि पर लगभग ढाई वर्ष रहते हैं। वर्तमान में यह कुंभ राशि में हैं। शनि जिस राशि पर रहते हैं, उसके पहले और बाद की राशि को भी अपने गिरफ्त में लिए रहते हैं। इस समय मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़े साती चल रही है। कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि की ढैया का समय है।
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उन्होंने बताया कि शनि कुछ राशियों को लाभदायक फल देंगे तो कुछ को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। हिंदू धर्म में शनि को न्याय का देवता माना जाता है। वह लोगों को अपने कर्म के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि को दंडाधिकारी भी कहा जाता है। शनि की चाल विभिन्न राशियों के व्यक्तियों को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि वक्री चाल से जिस राशि के लोग प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें शनि की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन ने बताया कि शनि के वक्री होने से ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। शनि हानि पहुंचाते हैं तो लाभ भी देते हैं। शनि चार नवंबर तक वक्री रहेंगे। सभी को शनिदेव की पूजा करनी चाहिए, ताकि उनकी कृपा बनी रहे।