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Gorakhpur News: पुलिस को छकाने में पेशेवर से भी शातिर निकला अर्पित का नौसिखिया गैंग, पकड़ से अब भी दूर

Tue, 04 Apr 2023 10:19 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 04 Apr 2023 10:19 AM IST
सार

अर्पित अपने साथी देवेश और रौनक शुक्ला के साथ अब भी फरार है, लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही है। जबकि, यह खुद पुलिस भी मान रही है कि अर्पित व उसके साथी पहले से पेशेवर बदमाश नहीं है। गांव से पता चला है कि अर्पित को उसके घरवालों ने ही पेशेवर बना दिया है।

 

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Arpit novice gang turns out to be more cunning than professionals in dodging police
demo - फोटो : amar ujala

विस्तार

घर में कोई बदमाश तो नहीं है, लेकिन अपराध में मिले पारिवारिक सहयोग ने अर्पित और उनके गिरोह को पेशेवर बना दिया। गिरोह में शामिल दो नाबालिग चोरी में जेल गए। बाल सुधार से निकले और अब हत्या की कोशिश के आरोपी बन गए। गिरोह में शामिल सातों बदमाश नौसिखिया ही हैं, लेकिन पुलिस को छकाने में पेशेवर से भी शातिर निकले। वारदात के बाद 22 किलोमीटर तक एक ही बाइक पर तीन सवारी होकर अर्पित भागा और आज भी पुलिस को अपने दो साथियों के साथ छका ही रहा है। पुलिस उस तक पहुंच नहीं पाई है।

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जानकारी के मुताबिक, व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये सभी बिच्छू गिरोह से जुड़े। फिर एक दूसरे से करीब आए और असलहा खरीद लिए। जांच में पता चला है कि गोली मारने से पहले अर्पित ने अपने साथियों के साथ गांव के पास ही पुतले पर फायरिंग कर प्रैक्टिस किया।
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गूगल की मदद से यह जाना गया कि आखिर कितनी दूरी से गोली मारी जाए तो मौत सुनिश्चित हो जाएगी। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। नौसिखिया गिरोह ने साजिश रची। आपराधिक साजिश के बाद फिर कजाकपुर के देवेश द्विवेदी ने रेकी और अर्पित ने साथियों संग वारदात की।

अर्पित अपने साथी देवेश और रौनक शुक्ला के साथ अब भी फरार है, लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही है। जबकि, यह खुद पुलिस भी मान रही है कि अर्पित व उसके साथी पहले से पेशेवर बदमाश नहीं है। गांव से पता चला है कि अर्पित को उसके घरवालों ने ही पेशेवर बना दिया है।

अपराध में तो कोई नहीं है, लेकिन जब उसने पहली बार अपराध किया तो रोकने की जगह उसकी मदद की गई। शायद यही वजह है कि कई राउंड दिनदहाड़े गोलियां चलाकर और फिर पांच दिन से फरार होकर पूरे सिस्टम को हिला दिया है। शनिवार रात भी पुलिस से उसका आमना-सामना हुआ और उसके साथी को पैर में पुलिस की गोली भी लगी, लेकिन वह पैदल ही भागने में सफल रहा।
 

17 साल की उम्र में अर्पित ने किया प्राणघातक हमला, मदद में आ गया परिवार

2020 में अर्पित ने गांव में ही पहला अपराध किया। सिर्फ तू-तू, मैं-मैं होने पर उसने गांव के रमारंजन शुक्ला पर प्राणघातक हमला कर दिया था। घरवालों को जब यह बात पता चली तो अर्पित के पिता सत्यशील शुक्ला और चाचा सत्यजीत शुक्ला उसके समर्थन में आ गए और फिर घर में घुसकर मारपीट की गई। इस मामले में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की कोशिश की धारा में केस दर्ज किया गया। इसके अलावा एक मुकदमा अर्पित पर गगहा थाने में भी दर्ज है।

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गांव में आए दिन किसी को भी थप्पड़ मार देता था अर्पित
गांव वालों ने बताया कि अर्पित आए दिन गांव में किसी को भी थप्पड़ मार दिया करता था। उसे गांव वाले मनबढ़ मान लिए थे और एक थप्पड़ की शिकायत कौन करने जाए, यह सोचकर उससे दूरी बनाकर ही रहते थे। आज भी गांव में उसका इतना खौफ है कि उसके उम्र के बच्चे उसके सामने कुछ भी बोलने से बचते हैं। गांववाले भी खुलकर कुछ नहीं बोलना चाहते।
 

मुठभेड़ में घायल आकाश को पुलिस ने जेल भेजा

शनिवार की रात मुठभेड़ में घायल अर्पित के साथी आजमगढ़ के आकाश को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया। दरअसल, शनिवार रात में रामगढ़ताल इलाके में वह अर्पित के साथ बाइक से जा रहा था। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में आकाश के पैर में गोली लग गई थी और उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद सोमवार को पुलिस ने आकाश को जेल भिजवा दिया।

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

समाजशास्त्री दीपेन्द्र मोहन सिंह ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के पीछे बुनियादी समाजीकरण का अभाव है। किशोरावस्था में व्यक्तित्व के निर्माण तथा व्यवहार के निर्धारण में पारिवारिक एवं सामाजिक वातावरण का प्रमुख योगदान होता है। समकालीन समाज में माता-पिता के आपसी संघर्ष, भावनात्मक उपेक्षा, उपभोक्ता संस्कृति और संचार माध्यमों आदि के कारण किशोरों के व्यवहार में विकृतियां दिखाई दे रहीं हैं। सरकार, समाज, अभिभावक के रूप में हम सभी का नैतिक कर्तव्य है कि हम भावी पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें सकारात्मक सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण प्रदान करें।



 
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