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Amar Ujala Samvad: डर को निकाल कर आत्मविश्वास से आगे बढ़ें, सफलता जरूर आपके कदम चूमेगी

Wed, 08 Jun 2022 02:10 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 08 Jun 2022 02:10 PM IST
सार

अर्पित ने आईआईटी रुड़की से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। यूपीएससी की तैयारी में मैथमेटिक्स सब्जेक्ट लिया और दूसरे ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली।

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Arpit Gupta who got 54th rank in UPSC exam told students how to be successful
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में यूपीएससी परीक्षा में 54वीं रैंक पाने वाले अर्पित ने विद्यार्थियों को सफलता का गुर बताया। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने के लिए आत्मविश्वास का होना बेहद जरूरी है। अपने भीतर से हार के डर को निकाल दें। खुद पर भरोसा करना सीखें। सफलता आपके कदम चूमेगी। पाठ्यक्रम के साथ ही रोजाना अखबार जरूर पढ़ें, ताकि सामाजिक मुद्दों पर सटीक जानकारी मिल सके। टैलेंट होना अच्छा है, पर उसे सही गाइडेंस की जरूरत है।

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यह कहना है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 54 वीं रैंक पाने वाले सहजनवां के अर्पित गुप्ता का। अर्पित मंगलवार को अमर उजाला के सिटी कार्यालय में संवाद कार्यक्रम में आए और विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र दिया। अर्पित ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के तरीके, सावधानी और पाठ्यक्रम से जुड़ी जानकारी साझा की। साथ ही गोरखपुर विश्वविद्यालय, आरपीएम एकेडमी और अल्टीमेट आईएएस के विद्यार्थियों की ओर से पूछे गए हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। सबकी जिज्ञासा शांत की।
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अर्पित ने आईआईटी रुड़की से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। यूपीएससी की तैयारी में मैथमेटिक्स सब्जेक्ट लिया और दूसरे ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली। पेश है प्रमुख अंश-
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सवाल ( शिखा सिंह) : पीसीएस और आईएएस की तैयारी में प्री या मेन किसको ज्यादा तवज्जो दें?
जवाब (अर्पित) :
देखिए, मेन की तैयारी में पाठ्यक्रम पता होता है।  सामान्य अध्ययन भी डिटेल में है। जब पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि आपको क्या-क्या पढ़ना है। करीब आठ से नौ महीने तैयारी में लगेंगे। प्री की तैयारी चार महीने पहले से शुरू कर दें।

सवाल ( विशाल सिंह) : करंट अफेयर की तैयारी में क्या-क्या ख्याल रखना जरूरी है?
जवाब ( अर्पित) :
अखबार जरूर पढ़ें, इससे तात्कालिक मुद्दों की अच्छी जानकारी हो जाती है। पत्रिका में सारे मुद्दे कवर नहीं होते हैं। अब यूपीएससी के पाठ्यक्रम में भी बदलाव आया है। अगर नियमित अखबार पढ़ते हैं तो मदद मिलेगी। अब आपके ऊपर है कि सूचनाओं को कितना फिल्टर कर लेते हैं।

सवाल ( क्षमा त्रिपाठी) : परीक्षा के लिए टाइम टेबल कितना जरूरी है, आपने कैसे तैयारी की?
जवाब ( अर्पित) :
मेरा मानना है कि बहुत ज्यादा अनुशासन भी जरूरी नहीं है। बस प्लानिंग अच्छी होनी चाहिए। छह महीने की माइक्रो प्लानिंग बनाएं। मैं, तो सुबह नौ बजे सोकर उठता था। लेकिन, जितना समय पढ़ाई का तय था, उससे समझौता नहीं किया। प्लान को रोजाना फॉलो करें। सोने के पहले एक बार जरूर सोचें कि आप अपनी दिन भर की पढ़ाई से कितना संतुष्ट हैं। एक दिन में सात से आठ घंटे की पढ़ाई जरूरी होती है।

सवाल ( रेनू) : इंटरव्यू के लिए खुद कैसे तैयार करना चाहिए?
जवाब  ( अर्पित) :
आत्मविश्वास होना बेहद जरूरी है। अगर कोई सवाल ऐसा पूछा जाता है, जिसका जवाब आपकोे पता नहीं है, तो सीधे कह दें कि नहीं जानता हूं। सामने वाले को इससे आपके आत्मविश्वास का पता चलेगा। एक सवाल का जवाब मैं, भी नहीं जानता था। लिहाजा, इंटरव्यू में कहा दिया कि मैं, नहीं जानता हूं। अगर आपने आत्मविश्वास खोया तो निगेटिव मार्किंग शुरू हो जाती है।

सवाल ( सौम्या उपाध्याय) : तैयारी में सोशल मीडिया व इंटरनेट बाधा है क्या, दूरी बनानी चाहिए?
जवाब ( अर्पित) :
समाज से कभी भी खुद को अलग नहीं रखना चाहिए। सोशल मीडिया के लिए कम समय दें। मैं तो तैयारी के दौरान इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप से जुड़ा रहा। लेकिन, एक निश्चित समय ही देता था। प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को सुनना चाहिए। प्रधानमंत्री कई बार ऐसे इश्यू पर चर्चा करते हैं, जिसकी जानकारी बहुत जरूरी होती है।

सवाल (आयुषी राव) : तैयारी का स्लॉट कैसे बनाएं? अगर टारगेट पूरा न होने पाए तो क्या करें?
जवाब ( अर्पित ) :
महीने में दो दिन इसके लिए निकालें। आपको निर्णय लेना है कि छूटे स्लॉट को कैसे पूरा करें। पाठ्यक्रम को छोड़ना नहीं चाहिए, वरना आदत में शुमार हो जाएगा। जो आपकी तैयारी के लिए नुकसानदायक होगा।

सवाल ( आलोक गुप्ता) : जब तैयारी के दौरान उलझन बढ़ जाए तो क्या करना चाहिए ?
जवाब ( अर्पित) :
‘दिल ना-उम्मीद तो नहीं नाकाम ही तो है, लंबी है गम की शाम मगर शाम तो ही है।’ मशहूर शायर फैज अहमद की यह शायरी अक्सर मैं गुनगुना लेता था, इससे बहुत ज्यादा रिलैक्स महसूस करता था। आज भी इस शायरी को गाता हूं, सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। इसी तरह कोई भी गीत, संगीत या जो आपको पसंद हो, उस पर ध्यान फोकस कर लें, रिलैक्स हो जाएंगे। मन खुश होने पर जो पढ़ेंगे, उसे सौ फीसदी ग्रहण करेंगे।

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