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खुशखबर: गोरखपुर शहर में बनेगा आरोग्य वन, औषधीय गुणों वाले पौधों का होगा रोपण

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 21 Jun 2021 07:46 PM IST

सार

शहर में बस अड्डे के पास आधे एकड़ में बनेगा आरोग्य वन, एक जुलाई से सात जुलाई के बीच वन सप्ताह के बीच होगा उद्घाटन।

 
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सांकेतिक तस्वीर।
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कोरोना से सबक लेते हुए अब वन विभाग गोरखपुर शहर के बीचों बीच आरोग्य वन बनाने जा रहा है। एक जुलाई से सात जुलाई के पौधारोपण के दौरान ही उद्घाटन कराया जाएगा। आरोग्य वन की खासियत होगी कि यहां शरीर के अंगों के हिसाब से हर्बल औषधि वाले पौधे लगाए जाएंगे। वन के अंदर इन्हें नौ वर्गों में बांटा जाएगा। विश्वविद्यालय छात्रावास के सामने बस अड्डे के पास आधे एकड़ (2800 वर्ग मीटर) के क्षेत्रफल में इसे बनाकर तैयार किया जाएगा।
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डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि प्रत्येक हर्बल पौधे से बड़ी-बड़ी बीमारी में लाभ मिलता है। कोरोना के बीच लगातार इनकी बढ़ती डिमांड को देखते हुए तीसरे वेव के आने से पहले ही वन विभाग ऐसे पौधों को शहर के बीचों बीच लगाने जा रहा है। इसके लिए बाकायदा 2800 वर्ग मीटर में जमीन देखकर काम शुरू कर दिया गया है। इसमें तुलसी के साथ अन्य पौधे होंगे।


दरअसल, सबसे ज्यादा लोग घरों में तुलसी का पौधा लगाते हैं। धार्मिक मान्यता के साथ लोग इसे लगाते हैं, लेकिन यह बीमारियों के इलाज में भी कारगर सिद्ध होता है। इसके सेवन से पाचन शक्ति मजबूत होती है। सर्दी, जुकाम बुखार में यह मदद करता है।

एलोवेरा पेट के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसके सेवन से पेट संबंधी बीमारियां नहीं होती। जोड़ों के दर्द में भी यह असर करता है। इसके गूदे को पीसकर स्किन पर लगाने से स्किन संबंधी रोग भी दूर होते हैं। गिलोय से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसकी डंडी को पानी में उबालकर काड़ा बनाकर पीने से पुराने से पुराने बुखार में राहत मिलती है और बुखार नहीं होता।

सदाबहार के फूल पत्ते से शुगर (मधुमेह) में लाभ मिलता है। इसे उबालकर भी पी सकते हैं साथ ही इसके फूल पत्तों का काड़ा बनाकर भी पिया जा सकता है। पत्थरचट्टा के पत्तों का उपयोग पथरी के इलाज के लिए किया जाता है। इसके पत्तों की चटनी बनाकर खाने से पथरी गलकर निकल जाती है।

इसके अलावा मोच आने पर पत्ते को गर्म कर मोच वाले स्थान पर लगाने से आराम मिलता है। नीम की पत्तियों से शुगर, फोड़े-फुंसी संबंधी बीमारियों को दूर किया जाता है। इसकी पत्तियों को उबालकर उबले हुए पानी से नहाने से इंफेक्शन नहीं होता। नीम का दातुन करने से दांत संबंधी बीमारियां नहीं होती।

 
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इन पौधों का होगा रोपड़

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