{"_id":"6386ea3ce523d048b677101d","slug":"apex-academy-manager-accused-of-girl-death-arrested","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: बच्ची की मौत का आरोपी एपेक्स एकेडमी का प्रबंधक गिरफ्तार, भेजा गया जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: बच्ची की मौत का आरोपी एपेक्स एकेडमी का प्रबंधक गिरफ्तार, भेजा गया जेल
Wed, 30 Nov 2022 11:02 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 30 Nov 2022 11:02 AM IST
सार
19 अक्तूबर को एपेक्स एकेडमी में एक जगह एकत्रित बारिश के पानी में डूबने से तीन साल की बच्ची दृष्टि शुक्ला की मौत हो गई थी। परिजनों को प्रबंधक ने बताया कि बच्ची को चोट लगी है। अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में पता चला कि डूबने से बच्ची की मौत हुई है।
विज्ञापन
आरोपी प्रबंधक।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल इलाके के कजाकपुर स्थित एपेक्स एकेडमी परिसर में तीन वर्षीय दृष्टि शुक्ला की मौत के आरोप में प्रबंधक उमेश कुमार द्विवेदी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, 19 अक्तूबर को एपेक्स एकेडमी में एक जगह एकत्रित बारिश के पानी में डूबने से तीन साल की बच्ची दृष्टि शुक्ला की मौत हो गई थी। परिजनों को प्रबंधक ने बताया कि बच्ची को चोट लगी है। अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में पता चला कि डूबने से बच्ची की मौत हुई है। परिजनों ने शव को प्रवाहित कर दिया और स्कूल प्रबंधक पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी।
विज्ञापन
पुलिस ने प्रबंधक पर गैर इरादतन हत्या की धारा में केस दर्ज कर लिया था, लेकिन तभी से आरोपी फरार चल रहा था। इसी बीच बीएसए की ओर से बिना मान्यता के स्कूल संचालित करने का भी केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक सुधीर सिंह ने बताया कि आरोपी प्रबंधक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेजा गया।
विज्ञापन
यह हुआ था
रामगढ़ताल के कजाकपुर निवासी जगदीश नारायण शुक्ला की बड़ी बेटी स्कूल में पढ़ती है। 19 अक्तूबर की सुबह बड़ी बेटी के साथ ही छोटी बेटी दृष्टि भी चली गई थी। पिता जगदीश का कहना है कि वहां पर स्टॉफ व प्रबंधक ने कहा कि रहने दीजिए, बच्चे की देखभाल कर लेंगे।
दोपहर में बताया गया कि बच्ची को चोट लग गई है। प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल जाकर जानकारी ली गई तो मालूम हुआ कि इस नाम का कोई मरीज ही नहीं आया है। कुछ देर बाद बच्ची का शव थमा दिया गया। शव को परिजनों ने नदी में प्रवाहित कर दिया। शव प्रवाहित करने के बाद पिता ने केस दर्ज कराया था।
दोपहर में बताया गया कि बच्ची को चोट लग गई है। प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल जाकर जानकारी ली गई तो मालूम हुआ कि इस नाम का कोई मरीज ही नहीं आया है। कुछ देर बाद बच्ची का शव थमा दिया गया। शव को परिजनों ने नदी में प्रवाहित कर दिया। शव प्रवाहित करने के बाद पिता ने केस दर्ज कराया था।