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Apara Ekadashi 2021 Date: अपरा एकादशी आज, इस व्रत को करने से होती है पुण्य की प्राप्ति, जानिए क्या है इसका महत्व
Sun, 06 Jun 2021 09:48 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 06 Jun 2021 09:48 AM IST
सार
श्रद्धालु आज व्रत रखकर करेंगे भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना।
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अपरा एकादशी 2021।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
अपरा एकादशी रविवार यानी आज मनाई जा रही है। इस दिन भक्त व्रत रख भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। अपरा एकादशी अजला और अपरा दो नामों से जानी जाती है। अपरा एकादशी का एक अर्थ यह कि इस एकादशी का पुण्य अपार है। इस दिन व्रत करने से व्रती को पुण्य की प्राप्ति होने के साथ ही धन-संपदा एवं कीर्ति में वृद्धि होती है।
अपरा एकादशी व्रत का महत्व
पंडित देवेंद्र प्रताप मिश्र के अनुसार, पुराणों में अपरा एकादशी का बड़ा महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो फल गंगा तट पर पितरों को पिंडदान करने से प्राप्त होता है, वही अपरा एकादशी का व्रत करने से प्राप्त होता है। जो फल कुंभ में केदारनाथ के दर्शन या बद्रीनाथ के दर्शन, सूर्यग्रहण में स्वर्णदान करने से फल मिलता है, वही फल अपरा एकादशी के व्रत के प्रभाव से मिलता है।
ये है व्रत नियम और पूजन विधि
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, अपरा एकादशी से एक दिन पूर्व यानि दशमी के दिन शाम को सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करें। रात्रि में भगवान का ध्यान कर सोएं। एकादशी के दिन प्रात:काल स्नान के बाद भगवान विष्णु का पूजन करें। पूजन में तुलसी, चंदन, गंगाजल और फल का प्रसाद अर्पित करें। व्रत रखने वाले व्यक्ति इस दिन छल-कपट, बुराई और झूठ बोलने से दूर रहें। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। एकादशी पर जो व्यक्ति विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करता है उस पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है। इस दिन चावल का सेवन न करें।
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अपरा एकादशी व्रत का महत्व
पंडित देवेंद्र प्रताप मिश्र के अनुसार, पुराणों में अपरा एकादशी का बड़ा महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो फल गंगा तट पर पितरों को पिंडदान करने से प्राप्त होता है, वही अपरा एकादशी का व्रत करने से प्राप्त होता है। जो फल कुंभ में केदारनाथ के दर्शन या बद्रीनाथ के दर्शन, सूर्यग्रहण में स्वर्णदान करने से फल मिलता है, वही फल अपरा एकादशी के व्रत के प्रभाव से मिलता है।
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ये है व्रत नियम और पूजन विधि
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, अपरा एकादशी से एक दिन पूर्व यानि दशमी के दिन शाम को सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करें। रात्रि में भगवान का ध्यान कर सोएं। एकादशी के दिन प्रात:काल स्नान के बाद भगवान विष्णु का पूजन करें। पूजन में तुलसी, चंदन, गंगाजल और फल का प्रसाद अर्पित करें। व्रत रखने वाले व्यक्ति इस दिन छल-कपट, बुराई और झूठ बोलने से दूर रहें। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। एकादशी पर जो व्यक्ति विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करता है उस पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है। इस दिन चावल का सेवन न करें।
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