नक्शा विवाद: लिपुलेख को लेकर नेपाली एफएम पर बज रहा भारत विरोधी गाना, लोगों ने जताई नाराजगी
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नेपाली एफएम रेडियो पर अब काली पानी लिपियाधुरा और लिपुलेख को लेकर भारत विरोधी सुर सुनाई दे रहा है। जिसको लेकर खासकर सीमावर्ती क्षेत्र के भारतीय नागरिक और मधेशी समुदाय नाराज है। नेपाल के एफएम पर भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिपियाधुरा को नेपाल का हिस्सा बताने, 'कालापानी हाम्रो हो जाम काली पानी, चलो कालापानी' का आह्वान करते हुए प्रसारित हो रहा है।
मंगलवार की सुबह रूपनदेही और नवलपरासी जिले के सीमावर्ती गांव में रहने वाले भारतीय नागरिको में काफी नाराजगी रही। ग्रामीण रामदास, सुग्रीम, अवधेश, रामसागर, अयोध्या, असलम, बर्दी प्रसाद आदि लोगों ने बताया कि सरहद से सटे गांव में भारतीय नेटवर्क काम नहीं करने से वह नेपाली एफएम पर मनोरंजन करते हैं।
लेकिन एफएम पर भारत के खिलाफ बयान बाजी हो रही है। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई है। क्षेत्राधिकारी नौतनवां राजू कुमार साव ने कहा कि सीमा पर सतर्कता बरती जा रही है। नेपाली एफएम के बारे में पड़ोसी देश के अधिकारियों से बात की जाएगी।
सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों ने सुनना बंद किया नेपाली एफएम
नेपाल के नवलपरासी व रूपनदेही से सटे महराजगंज के सीमावर्ती क्षेत्रों में लोग नेपाली एफएम भी सुनते हैं। सीमा को लेकर पैदा किए जा रहे विवाद के बीच नेपाल ने एक और शरारतपूर्ण हरकत की है। अपने एफएम स्टेशन पर वह भारत विरोधी गाने बजा रहा है, जो भारतीय सीमा क्षेत्र में भी सुनाई दे रहा है।
'हाम्रो हो यो कालापानी, लिपुलेख, लिंपियाधुरा, उठा जागा वीर नेपाली बोल वाले इस गाने को सुनकर नाराज भारतीयों ने नेपाली एफएम सुनना बंद कर दिया है।
भारत विरोधी गानों को प्रतिबंधित करना चाहिए
कम्युनिस्ट पार्टी रूपनदेही जिले के कमेटी सदस्य और पूर्व मंत्री गुलजारी यादव कहा कि नेपाल सरकार को एफएम पर भारत विरोधी गानों को प्रतिबंधित करना चाहिए। दोनों देशों के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। अगर कोई मतभेद है तो मिल बैठ कर सुलझाया जा सकता है। भारत सिर्फ एक पड़ोसी देश नहीं, हमारा भाई भी है। हमारी सभ्यता, संस्कृति सब एक है। नेपाल व भारत के बीच में रोटी-बेटी का संबंध बना रहेगा।