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गोरखपुर: कोविड मरीजों को बिना जरूरत दी जा रही एंटी फंगल डोज, विशेषज्ञों ने दी ये चेतावनी
Mon, 24 May 2021 04:20 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 24 May 2021 04:20 PM IST
सार
बाद में ब्लैक फंगस होने पर ऐसी दवाएं नहीं करेंगी असर, मांग अधिक होने से एंटी फंगल दवाओं की हो गई है कमी।
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Black fungus
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों के बीच निजी अस्पतालों में भर्ती कोविड के मरीजों को बिना जरूरत एंटी फंगल दवाएं दी जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जरूरत के यदि एंटी फंगल दवाएं दी गईं, तो बाद में फंगस होने पर दवाएं बेअसर साबित हो जाएंगी। सरकारी संस्थानों में केवल एंटी फंगल दवाएं उन्हें ही दी जा रही हैं, जिन मरीजों में फंगस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार, कोरोना के गंभीर मरीजों को स्टेरॉयड दवाएं दी जा रही हैं। इस वजह से ब्लैक फंगस का खतरा इन मरीजों को सबसे ज्यादा है। इनके अलावा शुगर, कैंसर, किडनी, ट्रांसप्लांट वाले मरीजों को भी खतरा ज्यादा है। इन मरीजों को निजी अस्पताल एंटी फंगल दवाएं दे रहे हैं।
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दवा कारोबार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि एंटी फंगल इंजेक्शन के कई ब्रांड बाजार में हैं, लेकिन अचानक इन दवाओं की मांग बढ़ गई। दवा विक्रेता समिति के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि मौजूदा समय में एंटी फंगल दवाएं भालोटिया में नहीं हैं। अचानक दवाएं खत्म हो गई हैं। यह दवाएं काफी महंगी हैं। इसके बाद भी इनकी मांग बढ़ती जा रही है। इन दवाओं का कई व्यापारियों ने आर्डर दिए हैं, लेकिन दवाएं मिल नहीं रही हैं।
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बिना जरूरत न दें दवाएं
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. राम कुमार जायसवाल ने बताया कि बिना जरूरत एंटी फंगल दवाएं कोरोना मरीजों को न दी जाएं। यह बात सामने आई है कि लोग बिना जरूरत कोविड मरीजों को एंटी फंगल दवाएं दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में अगर कोविड मरीज ठीक हो जाता है और उसे ब्लैक फंगस हो जाता है तो बाद में दवाएं असर नहीं करेंगी। जो मरीज वेंटिलेटर, वाईपैप या ऑक्सीजन पर हैं, उन्हें खतरा ज्यादा है। होम आइसोलेशन वाले मरीजों को खतरा न के बराबर है।