{"_id":"63e34d2711b4ef74ba09bb98","slug":"another-illegal-nursing-home-found-in-gorakhpur-2023-02-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: गोरखपुर में एक और मिला अवैध नर्सिंग होम, पुलिस ने भेजी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: गोरखपुर में एक और मिला अवैध नर्सिंग होम, पुलिस ने भेजी रिपोर्ट
Wed, 08 Feb 2023 12:50 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गुलरिहा (गोरखपुर)।
अमर उजाला ब्यूरो गुलरिहा (गोरखपुर)।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 08 Feb 2023 12:50 PM IST
सार
गुलरिहा थाने के एसएसआई शेष कुमार शर्मा विवेचना के लिए मीरा हॉस्पिटल पहुंचे तो बंद मिला। पहले जहां मीरा हॉस्पिटल संचालित हो रहा था, वहां पहुंचे तो उस जगह एक दूसरा अस्पताल भारत हॉस्पिटल नाम से संचालित होता मिल गया। जांच में भारत हॉस्पिटल में तीन महिला मरीज भर्ती मिली।
विज्ञापन
(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिले में गुलरिहा इलाके के भटहट में भारत अस्पताल के नाम से एक और अवैध अस्पताल मिला। जांच के दौरान अस्पताल में कोई भी डॉक्टर नहीं मिला। इंटर पास युवक खुद दवा लिखने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि डॉक्टर को मर्ज बताकर बताए दवा को लिख देता है। पुलिस ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए सीएमओ और एसएसपी को पत्र भेजा है। अब सीएमओ के आदेश पर अगली कार्रवाई पुलिस करेगी।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र के भटहट में 4 जनवरी को सत्यम हॉस्पिटल में गर्भवती महिला का गर्भपात करने के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया तो फिर भटहट में ही मीरा अस्पताल का मामला सामने आ गया। पुलिस ने इस मामले में भी गैर इरादतन हत्या की धारा में केस दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
अब सोमवार रात विवेचक व गुलरिहा थाने के एसएसआई शेष कुमार शर्मा विवेचना के लिए मीरा हॉस्पिटल पहुंचे तो बंद मिला। पहले जहां मीरा हॉस्पिटल संचालित हो रहा था, वहां पहुंचे तो उस जगह एक दूसरा अस्पताल भारत हॉस्पिटल नाम से संचालित होता मिल गया। जांच में भारत हॉस्पिटल में तीन महिला मरीज भर्ती मिली।
विज्ञापन
बगैर पंजीकृत चिकित्सकों की उपस्थित में दो महिलाओं के बच्चेदानी का ऑपरेशन और एक महिला का डिलेवरी कर अप्रशिक्षित स्टॉफ द्वारा इलाज करते पाया गया। तीनों भर्ती मरीजों का ऑपरेशन 3 फरवरी से 6 फरवरी के बीच में हुआ। अस्पताल में मौजूद स्टॉफ जंगल डुमरी मुनव्वर अली ने बताया कि वह डॉक्टर से पूछकर पर्चे पर दवा लिख दिया करता है। उसने यह भी बताया कि महराजगंज से वह महज इंटर पास है।
मोहम्मद अमजद के नाम से पंजीकृत है अस्पताल
पुलिस के मुताबिक, मौजूद स्टॉफ ने पंजीकरण की छायाप्रति उपलब्ध कराई थी। उसके मुताबिक, संचालक का नाम मोहम्मद अमजद खान है, जो भटहट के परसौना का निवासी है। विवरण में डॉ. मनीष व डॉ. अमित जायसवाल व पैरामेडिकल स्टॉफ में मोहम्मद आशिफ व प्रमोद यादव नाम अंकित है। स्टॉफ की मौजूदगी के बारे में बताया कि मुनव्वर अली, रमेश निषाद, ही मौजूद मिले, किसी के पास भी डिप्लोमा तक की डिग्री नहीं है।
तीन मरीजों का अप्रशिक्षित कर रहे थे उपचार
अस्पताल में महराजगंज के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के बांसपार कोठी निवासी मेवाती देवी (75) पांच फरवरी को भर्ती होना बताया गया है। श्यामदेउरवां के लखौना निवासी अनुरफा देवी (40) छह फरवरी से भर्ती है और श्यामदेउरवां के बसहीयां खुर्द निवासी पुष्पा (24) भर्ती मिली है। तीनों के बारे में मौजूद स्टॉफ ने खुद स्वीकार किया कि वह खुद ही इलाज कर रहे थे। इसमें से दो मरीज का ऑपरेशन भी कर दिया गया है।
डॉ. मनीष फोन पर देते है सलाह
मौजूद स्टॉफ ने बताया कि डॉ. मनीष अधिकृत रूप से अस्पताल के डॉक्टर है। लेकिन, वह कभी आते है, कभी नहीं आते है। उनसे फोन पर सलाह लेकर ही मरीजों का इलाज किया जाता है। हॉस्पिटल के लेटर पैड पर डॉ.मनीष, डॉ. अमित जयसवाल, डॉ.सुषमा पाल जायसवाल, डॉ. एलएन मिश्रा डॉ. राजश्री ठाकुर,डॉ ए के यादव व डॉ. एमजेए अंसारी पैरामेडिकल स्टाफ मो.आसिफ व प्रमोद यादव के नाम अंकित है, लेकिन यह आते नहीं हैं। कुछ डॉक्टर ऐसे हैं, जिनका नाम तीनों अस्पताल के लेटर पैड पर है। पूर्व में बंद किए गए सत्यम और मीरा अस्पताल में भी इन डॉक्टरों का नाम अंकित था।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस की जांच में एक अस्पताल मिला है, जहां पर बिना डिग्री के लोग इलाज करते हुए मिले। तीन मरीज भर्ती भी मिले है। पुलिस की ओर से सीएमओ को पत्र भेजा गया है।
तीन मरीजों का अप्रशिक्षित कर रहे थे उपचार
अस्पताल में महराजगंज के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के बांसपार कोठी निवासी मेवाती देवी (75) पांच फरवरी को भर्ती होना बताया गया है। श्यामदेउरवां के लखौना निवासी अनुरफा देवी (40) छह फरवरी से भर्ती है और श्यामदेउरवां के बसहीयां खुर्द निवासी पुष्पा (24) भर्ती मिली है। तीनों के बारे में मौजूद स्टॉफ ने खुद स्वीकार किया कि वह खुद ही इलाज कर रहे थे। इसमें से दो मरीज का ऑपरेशन भी कर दिया गया है।
डॉ. मनीष फोन पर देते है सलाह
मौजूद स्टॉफ ने बताया कि डॉ. मनीष अधिकृत रूप से अस्पताल के डॉक्टर है। लेकिन, वह कभी आते है, कभी नहीं आते है। उनसे फोन पर सलाह लेकर ही मरीजों का इलाज किया जाता है। हॉस्पिटल के लेटर पैड पर डॉ.मनीष, डॉ. अमित जयसवाल, डॉ.सुषमा पाल जायसवाल, डॉ. एलएन मिश्रा डॉ. राजश्री ठाकुर,डॉ ए के यादव व डॉ. एमजेए अंसारी पैरामेडिकल स्टाफ मो.आसिफ व प्रमोद यादव के नाम अंकित है, लेकिन यह आते नहीं हैं। कुछ डॉक्टर ऐसे हैं, जिनका नाम तीनों अस्पताल के लेटर पैड पर है। पूर्व में बंद किए गए सत्यम और मीरा अस्पताल में भी इन डॉक्टरों का नाम अंकित था।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस की जांच में एक अस्पताल मिला है, जहां पर बिना डिग्री के लोग इलाज करते हुए मिले। तीन मरीज भर्ती भी मिले है। पुलिस की ओर से सीएमओ को पत्र भेजा गया है।