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Gorakhpur News: गैंगस्टर अंशिका सिंह गिरोह का एक और गुर्गा गिरफ्तार
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सिंघड़िया फायरिंग: खोराबार पुलिस ने की कार्रवाई, चोरी की गाड़ियों के नंबर बदलकर बेच देते थे
दो अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही पुलिस
गोरखपुर। गैंगस्टर अंशिका सिंह के गिरोह के एक और गुर्गे को खोराबार पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि गिरोह के गुर्गे चोरी की गाड़ियों को नंबर बदलकर बेच देते थे। अंशिका और उसके गुर्गाें पर सिंघड़िया मॉडल शॉप के पास एक अस्पताल मैनेजर पर फायरिंग का भी आरोप है। इस गिरोह के सरगना समेत चार आरोपी पहले से ही जेल में बंद हैं। पुलिस दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पकड़े गए आरोपी की पहचान पीपीगंज थाना क्षेत्र के साहबगंज बापू नगर वार्ड नंबर 4 निवासी देवेन्द्र कुमार रावत उर्फ सोनू रावत के रूप में हुई। आरोपी को शुक्रवार दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2025 को खोराबार पुलिस ने कुसम्ही जंगल क्षेत्र में दिल्ली से चोरी की गई चारपहिया गाड़ी को फर्जी नंबर प्लेट के साथ चलते हुए पकड़ा था। इस मामले में अंशिका सिंह के साथ पीपीगंज थाना क्षेत्र के साहबगंज बापू नगर वार्ड नंबर 4 निवासी देवेन्द्र कुमार रावत उर्फ सोनू रावत का नाम सामने आया था। उस समय पुलिस ने सोनू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। बाद में वह जमानत पर छूट गया था।
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करीब दो माह पहले अंशिका सिंह ने रंगदारी न देने पर सिंघड़िया मॉडल शॉप के पास एक अस्पताल मैनेजर पर फायरिंग कर दी थी। इसमें मैनेजर का कार चालक घायल हो गया था। कैंट पुलिस ने इस मामले में हत्या की कोशिश, रंगदारी, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर अंशिका और उसके गुर्गों को पकड़ा था।
अपराध में लगातार सक्रियता को देखते हुए खोराबार पुलिस ने चारपहिया गाड़ी की चोरी के मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जेल में बंद अंशिका सिंह को रिमांड पर लिया था। इसके बाद से उसके अन्य साथियों की तलाश जारी थी। खोराबार थाना प्रभारी सुधांशु सिंह ने बताया कि देवेन्द्र कुमार रावत उर्फ सोनू रावत अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी किए गए वाहनों की पहचान छिपाने के लिए उनकी नंबर प्लेट बदल देता था और बाद में धोखाधड़ी कर उन्हें बेच देता था।
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दो अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही पुलिस
गोरखपुर। गैंगस्टर अंशिका सिंह के गिरोह के एक और गुर्गे को खोराबार पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि गिरोह के गुर्गे चोरी की गाड़ियों को नंबर बदलकर बेच देते थे। अंशिका और उसके गुर्गाें पर सिंघड़िया मॉडल शॉप के पास एक अस्पताल मैनेजर पर फायरिंग का भी आरोप है। इस गिरोह के सरगना समेत चार आरोपी पहले से ही जेल में बंद हैं। पुलिस दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पकड़े गए आरोपी की पहचान पीपीगंज थाना क्षेत्र के साहबगंज बापू नगर वार्ड नंबर 4 निवासी देवेन्द्र कुमार रावत उर्फ सोनू रावत के रूप में हुई। आरोपी को शुक्रवार दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2025 को खोराबार पुलिस ने कुसम्ही जंगल क्षेत्र में दिल्ली से चोरी की गई चारपहिया गाड़ी को फर्जी नंबर प्लेट के साथ चलते हुए पकड़ा था। इस मामले में अंशिका सिंह के साथ पीपीगंज थाना क्षेत्र के साहबगंज बापू नगर वार्ड नंबर 4 निवासी देवेन्द्र कुमार रावत उर्फ सोनू रावत का नाम सामने आया था। उस समय पुलिस ने सोनू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। बाद में वह जमानत पर छूट गया था।
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करीब दो माह पहले अंशिका सिंह ने रंगदारी न देने पर सिंघड़िया मॉडल शॉप के पास एक अस्पताल मैनेजर पर फायरिंग कर दी थी। इसमें मैनेजर का कार चालक घायल हो गया था। कैंट पुलिस ने इस मामले में हत्या की कोशिश, रंगदारी, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर अंशिका और उसके गुर्गों को पकड़ा था।
अपराध में लगातार सक्रियता को देखते हुए खोराबार पुलिस ने चारपहिया गाड़ी की चोरी के मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जेल में बंद अंशिका सिंह को रिमांड पर लिया था। इसके बाद से उसके अन्य साथियों की तलाश जारी थी। खोराबार थाना प्रभारी सुधांशु सिंह ने बताया कि देवेन्द्र कुमार रावत उर्फ सोनू रावत अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी किए गए वाहनों की पहचान छिपाने के लिए उनकी नंबर प्लेट बदल देता था और बाद में धोखाधड़ी कर उन्हें बेच देता था।