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Gorakhpur News: यूरिया की कालाबाजारी में दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहजनवां। थाना क्षेत्र के जोगियाकोल में स्थित खाद विक्रेता की ओर से दूसरे के नाम पर लाइसेंस बनवाकर दुकान से यूरिया की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों दिनेश निषाद और मुरलीधर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायत किसान त्रियुगी नारायण उपाध्याय, राम प्रसाद यादव, फूलचंद यादव (कुआवलकला), जयप्रकाश तिवारी (उज्जीखोर) और पुरुषोत्तम चौबे (भिटहा) ने जिला कृषि अधिकारी से की थी। जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में 18 दिसंबर को मेंबर्स सहित निषाद खाद भंडार, जोगियाकोल पर छापा मारा गया। इस दौरान आईएफएम पोर्टल पर कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड के यूरिया की 146 बोरी का उठान दर्ज था, जबकि जांच में केवल 121 बोरी ही मिली। शेष यूरिया की कालाबाजारी की गई थी। जांच में यह भी पाया गया कि यूरिया बिक्री का लाइसेंस मुरलीधर सिंह के नाम पर था, जबकि दुकान पर दिनेश निषाद इसे बेचते पाए गए।
थाना प्रभारी महेश चौबे ने बताया कि कालाबाजारी के मामले में जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह की तहरीर पर आरोपी दिनेश निषाद और मुरलीधर सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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सहजनवां। थाना क्षेत्र के जोगियाकोल में स्थित खाद विक्रेता की ओर से दूसरे के नाम पर लाइसेंस बनवाकर दुकान से यूरिया की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों दिनेश निषाद और मुरलीधर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायत किसान त्रियुगी नारायण उपाध्याय, राम प्रसाद यादव, फूलचंद यादव (कुआवलकला), जयप्रकाश तिवारी (उज्जीखोर) और पुरुषोत्तम चौबे (भिटहा) ने जिला कृषि अधिकारी से की थी। जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में 18 दिसंबर को मेंबर्स सहित निषाद खाद भंडार, जोगियाकोल पर छापा मारा गया। इस दौरान आईएफएम पोर्टल पर कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड के यूरिया की 146 बोरी का उठान दर्ज था, जबकि जांच में केवल 121 बोरी ही मिली। शेष यूरिया की कालाबाजारी की गई थी। जांच में यह भी पाया गया कि यूरिया बिक्री का लाइसेंस मुरलीधर सिंह के नाम पर था, जबकि दुकान पर दिनेश निषाद इसे बेचते पाए गए।
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थाना प्रभारी महेश चौबे ने बताया कि कालाबाजारी के मामले में जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह की तहरीर पर आरोपी दिनेश निषाद और मुरलीधर सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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