{"_id":"69b5d26255f98f35440e100f","slug":"an-fir-has-been-registered-against-the-accused-father-and-son-at-aiims-police-station-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1257696-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: एम्स में एंबुलेंस चालक की नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: एम्स में एंबुलेंस चालक की नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये ठगी
विज्ञापन
- एम्स थाने में आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
गोरखपुर। एम्स में एंबुलेंस चालक की नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 80 हजार रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोपी ने विश्वास में लेकर रुपये लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। जब पीड़ित ने एम्स पहुंचा तो ठगी का पता चला। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अविनाश गौड़ और उसके पिता जगमोहन गौड़ पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गायत्री नगर नंबर तीन कुनराघाट निवासी वीरेंद्र गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वह निजी एंबुलेंस चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पांच जून 2025 को एम्स इलाके के ही परिचित अविनाश गौड़ और उसके पिता जगमोहन गौड़ उनके घर आए। दोनों ने एम्स गोरखपुर में एंबुलेंस चालक की भर्ती होने का झांसा दिया और 80 हजार रुपये लेकर पक्की नौकरी दिलवाने का वादा किया। रुपयों की व्यवस्था न होने पर आरोपियों ने किस्तों में रुपये देने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद वीरेंद्र गुप्ता ने 10 से 20 जून 2025 तक कुल 80 हजार रुपये दे दिए।
रकम लेने के बाद आरोपियों ने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड दे दिया। जब वीरेंद्र एम्स गए तो अधिकारियों ने उन्हें बताया कि एंबुलेंस चालक की कोई भर्ती नहीं हो रही है और दिए गए कागजात फर्जी हैं। इसके बाद पीड़ित ने आरोपियों से रुपये वापस मांगे तो उन्हें 20 हजार रुपये का चेक दिया गया जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। जब वीरेंद्र ने आठ नवंबर 2025 को आरोपियों के घर जाकर रुपये मांगे तो गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। थाना प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। एम्स में एंबुलेंस चालक की नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 80 हजार रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोपी ने विश्वास में लेकर रुपये लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। जब पीड़ित ने एम्स पहुंचा तो ठगी का पता चला। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अविनाश गौड़ और उसके पिता जगमोहन गौड़ पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गायत्री नगर नंबर तीन कुनराघाट निवासी वीरेंद्र गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वह निजी एंबुलेंस चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पांच जून 2025 को एम्स इलाके के ही परिचित अविनाश गौड़ और उसके पिता जगमोहन गौड़ उनके घर आए। दोनों ने एम्स गोरखपुर में एंबुलेंस चालक की भर्ती होने का झांसा दिया और 80 हजार रुपये लेकर पक्की नौकरी दिलवाने का वादा किया। रुपयों की व्यवस्था न होने पर आरोपियों ने किस्तों में रुपये देने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद वीरेंद्र गुप्ता ने 10 से 20 जून 2025 तक कुल 80 हजार रुपये दे दिए।
विज्ञापन
रकम लेने के बाद आरोपियों ने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड दे दिया। जब वीरेंद्र एम्स गए तो अधिकारियों ने उन्हें बताया कि एंबुलेंस चालक की कोई भर्ती नहीं हो रही है और दिए गए कागजात फर्जी हैं। इसके बाद पीड़ित ने आरोपियों से रुपये वापस मांगे तो उन्हें 20 हजार रुपये का चेक दिया गया जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। जब वीरेंद्र ने आठ नवंबर 2025 को आरोपियों के घर जाकर रुपये मांगे तो गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। थाना प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन