{"_id":"64d1fda31cd33a2b84061131","slug":"amrutani-will-become-an-urban-forest-not-addicts-now-tourists-will-be-seen-2023-08-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अमरूतानी बनेगा अर्बन फॉरेस्ट: नशेड़ी नहीं अब सैर-सपाटे वाले आएंगे नजर, कच्ची शराब की धधकतीं भट्ठियां बीती बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरूतानी बनेगा अर्बन फॉरेस्ट: नशेड़ी नहीं अब सैर-सपाटे वाले आएंगे नजर, कच्ची शराब की धधकतीं भट्ठियां बीती बात
Tue, 08 Aug 2023 02:12 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 08 Aug 2023 02:12 PM IST
सार
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की घटना से सबक लेते हुए प्लान तैयार किया गया है। अगर अमरूतानी को अर्बन फॉरेस्ट बना दिया जाए तो सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। रास्ते लाइट से रोशन हो जाएंगे तो पुलिस की गश्त आसान हो जाएगी। इसे लेकर पत्राचार किया जाएगा।
विज्ञापन
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर अमरूतानी में जायजा लेते हुए। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सबकुछ ठीक रहा तो स्मैक के धंधे और कच्ची शराब की धधकती भट्ठियों के लिए कुख्यात अमरूतानी की पहचान जल्द बदल जाएगी। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर की पहल पर इसे अब पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित कर अर्बन फॉरेस्ट बनाने की तैयारी है। बेहतर सड़कें और आकर्षक लाइटें लोगों को लुभाएंगी। सुरक्षा के लिए तीन नई पुलिस चौकियां खोली जाएंगी। शहरवासी वहां सैरसपाटे को जाएंगे। एसएसपी के निर्देश पर इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
दरअसल, अमरूतानी में बहुत ज्यादा घने पेड़ हैं। इस वजह से यहां पर कच्ची शराब और स्मैक के धंधेबाजों ने अपना अड्डा बना लिया है। लंबे समय से इस इलाके की पहचान अपराध के अड्डे के रूप में है। पुलिस ने स्मैक, कच्ची शराब का धंधा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की है, लेकिन वह सिर्फ एक ही इलाके में ही हो पाई है।
विज्ञापन
राजघाट पुल के दोनों तरफ लंबा क्षेत्र है और तीन थाना क्षेत्र में इसकी सीमा पड़ती है। इसके चलते निगरानी भी नहीं हो पाती। हाल में ही अमरूतानी में यू-ट्यूबर युवती से हुई दरिंदगी ताजा उदाहरण है।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें: बच्चों के प्राइवेट पार्ट में डाली मिर्च, परिवार ने बयां किया दर्द, कराहते हुए रातभर बदली करवटें; क्रूरता..
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने घटना को गंभीरता से लेते हुए अमरूतानी के लिए पूरा एक प्लान तैयार किया है। कोशिश यह है कि इसे अर्बन फॉरेस्ट के रूप में विकसित कर दिया जाए। पूरे इलाके में सड़क बनाई जाएगी और लाइटें लगाई जाएंगी। इससे पुलिस काे गश्त करने में भी आसानी होगी। इसके अंदर पुलिस चौकियां खोली जाएंगी।
पुलिस ने बढ़ाई गश्त
एसएसपी के निर्देश पर बंधे व अमरूतानी में जाने वाले रास्तों पर पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। अब इन रास्तों पर पुलिस पिकेट भी लगाया जाएगा। कोई भी संदिग्ध दिखेगा तो उसकी तलाशी ली जाएगी।
खोली गई थी एक चौकी, 28 को जेल
स्मैक, कच्ची शराब का धंधा अमरूतानी में लंबे समय से चल रहा है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्लान तैयार कर खुद ही कमान संभाली तो गैंगस्टर तक की कार्रवाई की गई। पूर्व पार्षद रविंद्र निषाद, सुधीर निषाद समेत कई धंधेबाजों की गर्दन दबोची गई। अब वे जेल में है। लेकिन, यह एक इलाके में हुआ तो दूसरे इलाके में अब भी धंधा चलता है।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर की अमरूतानी, कच्ची शराब और स्मैक के धंधे के साथ अपराध का बना अड्डा
यही नहीं, वहां पर धंधेबाजों ने अपने घर भी बना लिए हैं। अगर पुलिस कार्रवाई के लिए जाती है तो वे अपने सामान को छिपा लेते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए अमरूतानी के नाम से पुलिस चौकी भी खोली गई, इसका फायदा यह हुआ कि राजघाट इलाके में इस तरह के धंधे बंद हो गए, लेकिन रामगढ़ताल और गीडा इलाके वाले अमरूतानी में आज भी यह सब बदस्तूर जारी है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की घटना से सबक लेते हुए प्लान तैयार किया गया है। अगर अमरूतानी को अर्बन फॉरेस्ट बना दिया जाए तो सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। रास्ते लाइट से रोशन हो जाएंगे तो पुलिस की गश्त आसान हो जाएगी। इसे लेकर पत्राचार किया जाएगा। ऐसा हुआ तो वहां पर तीन पुलिस चौकियां और खोल दी जाएंगी। तत्काल प्रभाव से वहां पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
खोली गई थी एक चौकी, 28 को जेल
स्मैक, कच्ची शराब का धंधा अमरूतानी में लंबे समय से चल रहा है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्लान तैयार कर खुद ही कमान संभाली तो गैंगस्टर तक की कार्रवाई की गई। पूर्व पार्षद रविंद्र निषाद, सुधीर निषाद समेत कई धंधेबाजों की गर्दन दबोची गई। अब वे जेल में है। लेकिन, यह एक इलाके में हुआ तो दूसरे इलाके में अब भी धंधा चलता है।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर की अमरूतानी, कच्ची शराब और स्मैक के धंधे के साथ अपराध का बना अड्डा
यही नहीं, वहां पर धंधेबाजों ने अपने घर भी बना लिए हैं। अगर पुलिस कार्रवाई के लिए जाती है तो वे अपने सामान को छिपा लेते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए अमरूतानी के नाम से पुलिस चौकी भी खोली गई, इसका फायदा यह हुआ कि राजघाट इलाके में इस तरह के धंधे बंद हो गए, लेकिन रामगढ़ताल और गीडा इलाके वाले अमरूतानी में आज भी यह सब बदस्तूर जारी है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की घटना से सबक लेते हुए प्लान तैयार किया गया है। अगर अमरूतानी को अर्बन फॉरेस्ट बना दिया जाए तो सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। रास्ते लाइट से रोशन हो जाएंगे तो पुलिस की गश्त आसान हो जाएगी। इसे लेकर पत्राचार किया जाएगा। ऐसा हुआ तो वहां पर तीन पुलिस चौकियां और खोल दी जाएंगी। तत्काल प्रभाव से वहां पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।