फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Amrutani: The picture will change not only by curbing liquor-smack but by development

अमरूतानी: शराब-स्मैक पर लगाम से ही नहीं विकास से बदलेगी तस्वीर

Sun, 07 Jan 2024 01:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jan 2024 01:39 AM IST
विज्ञापन
Amrutani: The picture will change not only by curbing liquor-smack but by development

विज्ञापन



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। शहर की सीमा में प्रवेश करते ही राप्ती तट के किनारे अमरूद का बहुत बड़ा बगीचा नजर आएगा। यह बगीचा अमरूतानी के नाम से चर्चित है और यहां की पहचान स्मैक...कच्ची शराब से है। अगर इसे योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर दिया जाएं, मसलन सड़क, बिजली और पानी की सुविधाएं मिले तो शहर को एक और पर्यटन स्थल मिल सकता है। रामघाट की तरह यहां भी लोग परिवार के साथ घूमने जाएंगे और लंबे समय से इसे इलाके पर गलत धंधे का अड्डा होने का दाग भी धुल जाएगा।



शहर के जानकर बताते हैं- एक समय रामगढ़ताल इलाका भी कुछ ऐसे ही था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब विकास के पथ पर इस इलाके को बढ़ाया तो आसपास की कॉलोनियों की भी किस्मत बदल गई। पहले जहां छह बजे शाम के बाद वहां पर रहने वाले भी देवरिया बाईपास से जाते थे, वहां रात में 12 बजे भी अब लोग घूमते नजर आते हैं। कुछ ऐसी ही सूरत अमरूतानी की भी हो सकती है। यहां पर भी जगह पर्याप्त है, शहर के करीब है, लेकिन सुविधाएं न होने की वजह से अपराध के लिए ही बदनाम रहता है।
विज्ञापन




जानकारी के मुताबिक, पांच किलोमीटर लंबाई और चौड़ाई में फैले अमरूतानी में महज दो सौ मकान ही हैं। इसमें से ज्यादातर मकान पुराने ही हैं, जिनका यहां पर गांव हुआ करता था। नए लोगों ने यहां पर आकर बसने की हिम्मत नहीं की। इसकी सबसे बड़ी वजह पहले पंडिताइन और बाद में मंजू का फैला स्मैक का जाल था। इन दोनों ने स्मैक और कच्ची शराब को ऐसे पनपाया कि अमरूतानी का नाम आते ही जहन में स्मैक, शराब या फिर अपराध जैसे ही ख्याल आते हैं। इसी ख्याल को बदलने के लिए पुलिस ने अभियान भी चलाया।
विज्ञापन
विज्ञापन




कच्ची शराब और स्मैक के खिलाफ कार्रवाई की गई। पहले पंडिताइन के 13.5 करोड़ रुपये के मकान को जब्त कराया गया। फिर मंजू, सुधीर के अपराध की कुंडली तैयार की गई। इसके 34 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करने के साथ ही वहां पर पुलिस ने डुगडुगी बजाकर आसपास के लोगों को सुरक्षा का एहसास भी कराया, लेकिन अब भी पुलिस अक्सर शराब के साथ लोगों को पकड़ ही लेती है।



....



आने-जाने का एक ही रास्ता..लकड़ी के खंभे पर बिजली



स्मैक, शराब बिकने की सबसे बड़ी वजह यहां की भौगोलिक स्थिति है। यहां पर जाने और आने के लिए एक ही रास्ता है, वह भी कच्चा और सकरा है। इसके बाद लाइट की कोई व्यवस्था ही नहीं है। इसी वजह से अपराध के लिए महफूज रहता है। यहां पर अगर पुलिस आती है तो आसानी से पता चल जाता है। दूसरे, जो लोग भी हैं, वह कहीं न कहीं इस धंधे से जुड़े हैं या फिर विरोध करने की क्षमता में नहीं है। इसी वजह से यहां पर धंधा को बंद करने की एक ही रास्ता विकास है, जिसके बाद इसकी सूरत बदल सकती है।



....



सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटना भी हो चुकी है



अभी छह अगस्त को ही सुनसान अमरूतानी का फायदा उठाकर बदमाशों ने यू-ट्यूबर से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि, पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर बदमाशों को गिरफ्तार करने के साथ ही 48 घंटे के भीतर चार्जशीट भी दाखिल कर दी। इसके बाद एसएसपी ने निरीक्षण करने के बाद पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी। उन्होंने इसे लेकर एक योजना भी तैयार करने की, लेकिन अभी इस पर आगे काम नहीं हो सका।



....



शहर की नालियों की गंदगी थी, आज तो पूछिए ही मत



ये सही है कि किसी भी इलाके को विकसित करने से ही उसकी तस्वीर बदल सकती है। मैं जब छोटा था और पिता जी के साथ वाराणसी से आता था तो सिर्फ गंदगी ही नजर आती थी। शहर के सभी नालों के पानी से गंदगी ही रहती थी। वीर बहादुर सिंह मुख्यमंत्री बने तो थोड़ा इसका स्वरूप बदला लेकिन, 1998 की बाढ़ के बाद रामगढ़ताल, तारामंडल इलाके के लोगों ने तो जमीन बेचना तक शुरू कर दिया था। आज सीएम योगी ने ऐसा विकास किया गया कि ये पूरा इलाका ही बदल गया है। आज जो लोग बाहर से आते हैं, उन्हें विश्वास ही नहीं होता है। मैंने जिस समय वहां पर घर बनवाया, रात में आने पर डर लगता था और आज रात में वहां पर भीड़ रहती है। आज कोई भी आता है तो उसे विश्वास नहीं होता है कि इस तरह गोरखपुर बदल गया है।



डॉ. ऋतेश कुमार, वरिष्ठ चिकित्सक



कभी सड़क बनी ही नहीं



अमरूतानी के बारे में आज तक किसी ने जैसे सोचा ही नहीं है। वर्षों से देख रहे हैं, यहां पर कभी सड़क, पानी जैसी जरूरतों के बारे में सोचा ही नहीं गया। जबकि, यह शहर का ही इलाका है। लोगों ने जमीन तो यहां पर ली है, लेकिन विकास न होने की वजह से कोई बसा नहीं है और शराब, स्मैक के लिए इलाका बदनाम हो गया।



दीपचंद, अमरूतानी


कई युवा बिगड़ गए



अमरूतानी में शराब, स्मैक आसानी से मिलने की वजह से इलाका विकसित नहीं हो पाया है। पुलिस ने इस समय बहुत काम किया है, लेकिन आज भी लकड़ी के खंभे पर ही तार जाते हैं। कई युवा बर्बाद हो गए। हम लोगों की भी इच्छा होती है कि यहां पर कुछ ऐसा हो कि इलाका विकसित हो और हम लोगों को भी बदनामी की नजर से लोग न देखे।




मुकेश सैनी, अमरूतानी


वर्जन



अमरूतानी में स्मैक और शराब के खिलाफ कई अभियान चलाकर कार्रवाई की गई है। पंडिताइन की 13.5 करोड़ तो स्मैक की धंधेबाज सुधीर, मंजू की 34 करोड़ से अधिक की संपत्ति को जब्त किया गया। यहां की पहचान शराब और स्मैक से न हो, इसके लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। यहां पर पुलिस चौकी भी खोली गई है।



-कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed