अमर उजाला मुहिमा: दिव्यांग सहायता शिविर में आए 2490 लोग, 744 दिव्यांगों को निशुल्क मिलेंगे सहायक उपकरण
अमर उजाला फाउंडेशन, नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर राजस्थान और
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद गोखपुर का सबसे बड़ा दिव्यांग सहायता पंजीकरण
शिविर ऐतिहासिक रहा। महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज सिविल लाइंस परिसर में लगे
शिविर में 2,490 दिव्यांगों ने पंजीकरण कराया
विस्तार
अमर उजाला फाउंडेशन, नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर राजस्थान और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद गोखपुर का सबसे बड़ा दिव्यांग सहायता पंजीकरण शिविर ऐतिहासिक रहा। महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज सिविल लाइंस परिसर में लगे शिविर में 2,490 दिव्यांगों ने पंजीकरण कराया और डॉक्टरों की सलाह ली। इनमें से 744 दिव्यांगों को सहायक उपकरण के लिए चिन्हित किया गया। 29 अक्तूबर 2022 को महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज सिविल लाइंस स्थित खेल मैदान में प्रस्तावित भव्य कार्यक्रम के दौरान इन दिव्यांगों को निशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर गोरक्षपीठाधीश्वर व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रह सकते हैं।
दिव्यांग सहायता पंजीकरण शिविर का उद्घाटन नगर आयुक्त अविनाश सिंह, ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स के निदेशक व प्रमुख समाजसेवी अतुल सराफ और महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ अरुण कुमार सिंह ने किया। साथ ही कृत्रिम अंगों व कैलिपर माप की व्यवस्था देखी। नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर के डॉक्टरों से मिलकर जानकारी भी प्राप्त की और अनूठी पहल की सराहना भी की दिव्यांग सहायता पंजीकरण शिविर में सुबह से ही भीड़ लगी रही। गोरखपुर-बस्ती मंडल से बड़ी संख्या में दिव्यांग आए और नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर के डॉक्टरों डॉ विक्रम खन्ना, डॉ रामनाथ ठाकुर और डॉ रोली शुक्ला से सलाह ली। डॉक्टरों ने एक-एक दिव्यांगों को देखा और उचित सलाह भी दी।
जो दिव्यांग सहायक उपकरण के लिए उपयुक्त पाए गए, उन्हें जानकारी भी दी गई। इससे दिव्यांगों के चेहरे खिल उठे। 1746 दिव्यांगों को इलाज, फिजियोथेरेपी सहित अन्य उचित सलाह दी गई है।कड़ी सुरक्षा के बीच दिव्यांगों का पंजीकरण किया गया। यह सिलसिला सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हो गया, जो रात आठ बजे तक चलता रहा।डॉक्टरों की टीम ने कृत्रिम अंगों व कैलिपर के लिए माप ली। दिव्यांग भी आराम से बैठे रहे। कई दिव्यांग ऐसे आए, जिनके दोनों पैर नहीं थे। किसी हादसे में हाथ व पैर कट गए हैं। इन सबको निशुल्क कृत्रिम अंग दिया जाएगा।
85 दिव्यांगों का ऑपरेशन होगा। 186 दिव्यांगों को कृत्रिम अंग लगेंगे। 185 दिव्यांगों को ट्राई साइकिल दी जाएगी। 145 दिव्यांगों को मिलेगा कैलिपर। 115 दिव्यांगों को कान की मशीन दी जाएगी। 13 दिव्यांगों को मिलेगी व्हील चेयर। 10 दिव्यांगों को ब्लाइंड स्टिक मिलेगी। पांच दिव्यांगों को पांच जोड़ी बैसाखी।
जनसेवा का इससे अच्छा प्लेटफार्म नहीं हो सकता है। दिव्यांगों को सहायक उपकरण देना और उनका उचित उपचार करना सबसे बड़ा पुण्य है। गोरखपुर में इस तरह का आयोजन पहली बार हुआ। इसकी हर तरफ सराहना की जा रही है। -अविनाश सिंह, नगर आयुक्त गोरखपुर
नगर निगम एक साथ 744 दिव्यांगों को निशुल्क सहायक उपकरण मिलेंगे। यह पहल सराहनीय व शानदार है। इतनी बड़ी संख्या में दिव्यांग आए और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिली है। अतुल सराफ, निदेशक, ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद भी अभियान का हिस्सा है। दिव्यांगों की सेवा का मौका मिला है। इससे आगे की राह आसान होगी। -डॉ अरुण कुमार सिंह, प्रधानाचार्य, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज सिविल लाइंस