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गोरखपुर: एक ही समस्या लेकर जनता दर्शन में पहुंचे सभी पीड़ितों पर से वापस होगी कार्रवाई, जमीन से नहीं हटाए जाएंगे लोग

Wed, 22 Dec 2021 01:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 22 Dec 2021 01:25 PM IST
सार

सीएम के जनता दर्शन में गगहा क्षेत्र के लोग 17 लोग फरियाद लेकर पहुंचे थे। सभी का प्रार्थनापत्र एक ही समस्या से जुड़े होने पर मुख्यमंत्री ने कमिश्नर को जांच सौंपी थी। उन्होंने किसी भू-माफिया की साजिश की आशंका जताई थी।

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All victims who reached janta darshan of CM Yogi with same problem got justice in Gorakhpur
जनता दरबार में लोगों की फरियाद सुनते सीएम योगी।(file) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जमीन से जुड़ी एक ही तरह की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में पहुंचे गगहा थाना क्षेत्र के पीड़ितों पर से कार्रवाई वापस होगी। कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने एसडीएम बांसगांव को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी ग्रामीण को उनकी जमीन से न हटाया जाए।
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दरअसल, सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित मुख्यमंत्री के जनता दर्शन कार्यक्रम में जमीन से जुड़ी एक ही तरह की समस्या को लेकर 17 लोगों के प्रार्थनापत्र एक जैसे देखकर सीएम को गलतफहमी हो गई थी। सभी गगहा क्षेत्र के हाटा गांव के थे। मुख्यमंत्री को लगा कि किसी भू-माफिया द्वारा ये शिकायतें प्रायोजित कराई गई हैं। उन्होंने कमिश्नर को मामले की तह तक जाने का निर्देश दिया था। यह भी कहा था कि यदि वास्तव में किसी भू-माफिया की मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करके जेल भेजा जाए। इसके बाद कमिश्नर ने संबंधित लोगों, गगहा के थानेदार और एसडीएम को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज आदि के साथ कैंप कार्यालय बुलाया था।
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जांच-पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि सभी पीड़ित गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के पास आबादी की जमीन पर रहते हैं। उनके पीछे एक व्यक्ति का बड़ा भूखंड है। आरोप है कि उसके समेत कुछ अन्य लोगों द्वारा, इन पीड़ितों को सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बसने की शिकायत की जा रही थी। इसी मामले में गगहा थाने से धारा 151 में आठ पीड़ितों का चालान किया गया था। कार्रवाई के भय से सभी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर, उन्हें प्रार्थनापत्र सौंपने सोमवार को जनता दर्शन में गए थे। सभी की समस्या एक थी, लिहाजा एक ही तरह का प्रार्थनापत्र था।
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पीड़ितों ने मंगलवार को कमिश्नर से मिलकर बताया कि वे 25-30 साल से संबंधित जमीन पर रह रहे थे। कुछ लोग पुलिस और तहसील प्रशासन से मिलकर, उन्हें जबरन हटाना चाहते हैं, जबकि राजस्व अभिलेखों में जमीन आबादी की है। जांच में भी यह दावा सही साबित हुआ। इस पर कमिश्नर ने गगहा थानाध्यक्ष को पीड़ितों पर से धारा 151 में चालान की कार्रवाई खत्म करने के साथ ही एसडीएम बांसगांव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पीड़ितों को कोई जबरन उस जमीन से न हटाए।

 
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बताया कि सभी पीड़ितों की समस्या वास्तव में एक जैसी थी। वे संबंधित जमीन पर कई सालों से रह रहे हैं। यह जमीन आबादी की है। पुलिस ने कुछ पीड़ितों का 151 में चालान कर दिया था। पुलिस को कार्रवाई वापस लेने और एसडीएम को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि किसी को जमीन से न हटाया जाए।
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