फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Alert from view of deteriorating health due to changing weather

सतर्क रहें: बदल रहा मौसम का मिजाज, थोड़ी सी लापरवाही कर सकती है बीमार

Sat, 30 Oct 2021 03:53 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 30 Oct 2021 03:53 PM IST
सार

अगले सप्ताह न्यूनतम तापमान के 14-15 डिग्री तक पहुंच जाने की उम्मीद है। सामान्य तौर पर देश में शरद ऋतु शरद पूर्णिमा के बाद से मानी जाती है, लेकिन इस बार ठंड थोड़ी पहले आ गई है।

विज्ञापन
Alert from view of deteriorating health due to changing weather
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

इस समय मौसम का मिजाज बदल रहा है। दोपहर में गर्मी महसूस हो रही है, लेकिन सुबह-शाम और रात में ठंड महसूस होने लगी है। दिन और रात के तापमान में 12-14 डिग्री तक का अंतर हो गया है। वहीं, अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री तक कम रह रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सतर्क रहने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही बीमार कर सकती है।
विज्ञापन


अक्तूबर में 32.4 डिग्री अधिकतम तापमान सामान्य माना जाता है, लेकिन इस साल अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से तीन डिग्री कम है। इसी तरह न्यूनतम तापमान 17 डिग्री दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से एक डिग्री कम है। सुबह और शाम जिस तरह से ठंड पड़ने लगी है उससे सर्दी के मौसम की दस्तक महसूस की जा सकती है।
विज्ञापन


अगले सप्ताह न्यूनतम तापमान के 14-15 डिग्री तक पहुंच जाने की उम्मीद है। सामान्य तौर पर देश में शरद ऋतु शरद पूर्णिमा के बाद से मानी जाती है, लेकिन इस बार ठंड थोड़ी पहले आ गई है। इस बात को मौसम विज्ञानी भी स्वीकार कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञ का मानना है कि मानसून के दौरान अधिक बारिश होने की वजह से इस बार ठंड समय से पहले आ गई है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

 
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि इस बार ठंड थोड़ा पहले आ गई है। इसकी मुख्य वजह मानसून के दौरान अधिक बारिश होना है। ज्यादा बारिश होने की वजह से वातावरण में काफी ज्यादा नमी है। इसके साथ ही मिट्टी में भी काफी ज्यादा नमी है।
 
चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस समय मौसम बदल रहा है। सुबह और शाम ढलते ही ठंड महसूस होने लगी है। ऐसे में थोड़ी सी असावधानी किसी को भी बीमार बना सकती है। सुबह और शाम यदि घर से बाहर निकलें तो हल्के गर्म कपड़े पहनकर हीं निकलें। सांस के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

 
गेहूं की फसल पर भी पड़ेगा असर
कैलाश पांडेय ने बताया कि इस बार न सिर्फ काफी ज्यादा बारिश हुई है, बल्कि पोस्ट मानसून बारिश की मात्रा भी काफी अधिक है। इस वजह से मिट्टी में काफी ज्यादा नमी है। ऐसे में अधिकतर खेतों में अब तक धान की कटाई नहीं हो सकी है। जब धान की कटाई हो जाएगी तब भी मिट्टी को पूरी तरह से सूखने में समय लगेगा। लिहाजा गेहूं की बुआई में भी देरी होनी तय है। अगर बुआई देरी से होगी तो मार्च में पछुआ हवा चलने से गेहूं के दाने छोटे होंगे। इससे उत्पादन प्रभावित होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed