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55 से अधिक विषयों के विशेषज्ञ थे आला हजरत : डॉ. शहरयार रजा
Sat, 16 Sep 2023 01:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 16 Sep 2023 01:44 AM IST
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तुर्कमानपुर में आयोहिजत हुआ 45वां जलसा-ए-आला हजरत
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। आला हजरत इमाम अहमद रजा खां की याद में शुक्रवार को तुर्कमानपुर नूरी मस्जिद के पास 45वें सालाना जलसे का आयोजन हुआ।
मुख्य अतिथि मधुबनी बिहार के डॉ. शहरयार रजा ने कहा कि आला हजरत दीन-ए-इस्लाम, विज्ञान, अर्थव्यवस्था, गणित, जीव विज्ञान, भूगोल, दर्शनशास्त्र, शायरी, चिकित्सा, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भूगर्भ विज्ञान सहित 55 से अधिक विषयों के विशेषज्ञ थे।
अध्यक्षता करते हुए संतकबीरनगर के पीरे तरीकत मो. हबीबुर्रहमान रिजवी ने कहा कि दुनिया की करीब 100 विश्वविद्यालयों में आला हजरत की जिंदगी और उनके कामों पर पर शोध हो रहा है। विशिष्ट वक्ता मौलाना असलम रिजवी रहे।
कुरआन-ए-पाक की तिलावत कारी सफीउल्लाह निजामी ने की। नात व मनकबत कोलकाता के शादाब व पैकर ने पेश की। संचालन मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही ने किया। अंत में फातिहा ख्वानी हुई। सलातो सलाम पढ़कर मुल्क में अमन-ओ-सलामती व भाईचारे की दुआ मांग शीरीनी बांटी गई।
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जलसे में मुफ्ती अख्तर हुसैन, शाबान अहमद, मुफ्ती मो. अजहर शम्सी, अलाउद्दीन निजामी, मनोव्वर अहमद, मो. सैफ रजा निजामी, मौलाना मकबूल अहमद, हाजी खुर्शीद आलम खान, मो. शरीफ आदि मौजूद रहे।
आज देखा जाएगा रबीउल अव्वल शरीफ का चांद
तंजीम उलमा-ए-अहले सुन्नत की चांद कमेटी शनिवार 16 सितंबर की शाम इस्लामी माह रबीउल अव्वल शरीफ का चांद देखने की कोशिश करेगी। चांद नजर आने या इसकी सूचना मिलने पर तंजीम ईद मिलादुन्नबी पर्व के तारीख का एलान करेगी। यह जानकारी मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी ने दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। आला हजरत इमाम अहमद रजा खां की याद में शुक्रवार को तुर्कमानपुर नूरी मस्जिद के पास 45वें सालाना जलसे का आयोजन हुआ।
मुख्य अतिथि मधुबनी बिहार के डॉ. शहरयार रजा ने कहा कि आला हजरत दीन-ए-इस्लाम, विज्ञान, अर्थव्यवस्था, गणित, जीव विज्ञान, भूगोल, दर्शनशास्त्र, शायरी, चिकित्सा, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भूगर्भ विज्ञान सहित 55 से अधिक विषयों के विशेषज्ञ थे।
अध्यक्षता करते हुए संतकबीरनगर के पीरे तरीकत मो. हबीबुर्रहमान रिजवी ने कहा कि दुनिया की करीब 100 विश्वविद्यालयों में आला हजरत की जिंदगी और उनके कामों पर पर शोध हो रहा है। विशिष्ट वक्ता मौलाना असलम रिजवी रहे।
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कुरआन-ए-पाक की तिलावत कारी सफीउल्लाह निजामी ने की। नात व मनकबत कोलकाता के शादाब व पैकर ने पेश की। संचालन मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही ने किया। अंत में फातिहा ख्वानी हुई। सलातो सलाम पढ़कर मुल्क में अमन-ओ-सलामती व भाईचारे की दुआ मांग शीरीनी बांटी गई।
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जलसे में मुफ्ती अख्तर हुसैन, शाबान अहमद, मुफ्ती मो. अजहर शम्सी, अलाउद्दीन निजामी, मनोव्वर अहमद, मो. सैफ रजा निजामी, मौलाना मकबूल अहमद, हाजी खुर्शीद आलम खान, मो. शरीफ आदि मौजूद रहे।
आज देखा जाएगा रबीउल अव्वल शरीफ का चांद
तंजीम उलमा-ए-अहले सुन्नत की चांद कमेटी शनिवार 16 सितंबर की शाम इस्लामी माह रबीउल अव्वल शरीफ का चांद देखने की कोशिश करेगी। चांद नजर आने या इसकी सूचना मिलने पर तंजीम ईद मिलादुन्नबी पर्व के तारीख का एलान करेगी। यह जानकारी मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी ने दी है।