Akshaya Tritiya: इस बार छह शुभ संयोगों में मनेगी अक्षय तृतीया, 22 से शुरू हो जाएगा खरीदारी का मुहूर्त
ज्योर्तिविद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, बैशाख शुक्ल तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है। यह सनातन धर्मियों का प्रधान त्योहार है। इस दिन दिए गए दान और किए हुए स्नान, होम, जप आदि सभी कर्मों का फल अनंत होता है।
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अक्षय तृतीया का पर्व रविवार को मनाया जाएगा। लेकिन, तृतीया तिथि शनिवार सुबह आठ बजकर तीन मिनट से ही लग जा रही है। ऐसे में अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त में खरीदारी शुरुआत शनिवार से हो जाएगी। ज्योतिष के अनुसार, इस बार की अक्षय तृतीया बहुत ही खास होने वाली है। क्योंकि यह छह शुभ संयोंगो के बीच मनाई जाएगी।
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, इस दिन त्रिपुष्कर , आयुष्मान, सौभाग्य, सर्वार्थ सिद्धि, रवि और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत मंगलकारी है। बताया कि 22 अप्रैल को द्वितीया तिथि का मान सुबह आठ बजकर तीन मिनट तक है।
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इसके बाद बैशाख शुक्ल तृतीया, कृतिका नक्षत्र भी संपूर्ण दिन और रात्रि 11 बजकर 53 मिनट तक, पश्चात रोहिणी नक्षत्र है। आयुष्मान योग दिन में 11 बजकर दो मिनट, पश्चात सौभाग्य योग है। अक्षय तृतीया 22 अप्रैल दिन शनिवार से 23 अप्रैल दिन रविवार को सुबह काल आठ बजकर छह मिनट तक है।
अक्षय तृतीया का महत्व
ज्योर्तिविद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, बैशाख शुक्ल तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है। यह सनातन धर्मियों का प्रधान त्योहार है। इस दिन दिए गए दान और किए हुए स्नान, होम, जप आदि सभी कर्मों का फल अनंत होता है। सभी अक्षय हो जाते हैं, इसी से इसका नाम अक्षय हुआ है। इस दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाएगी। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन त्रेतायुग का आरंभ हुआ था।
सोना खरीदने का है विशेष महत्व
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन सोने के आभूषण खरीदने की परंपरा है। ऐसा कहा जाता है इस दिन पर खरीदारी करने पर इसका कभी क्षय नहीं होता है। अक्षय तृतीया पर सूर्य और चंद्रमा दोनों ही ग्रह अपनी उच्च राशि में मौजूद होते हैं, जिसका शुभ प्रभाव होता है। अक्षय तृतीया पर मां लक्ष्मी की विशेष पूजा आराधना की परंपरा है।