फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Akanksha wants to serve the poor by becoming a neuro surgeon

टॉपर्स कॉर्नरः न्यूरो सर्जन बनकर गरीबों की सेवा करना चाहती है आकांक्षा, बताए कामयाबी के मंत्र

Sat, 17 Oct 2020 09:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 17 Oct 2020 09:21 AM IST
विज्ञापन
Akanksha wants to serve the poor by becoming a neuro surgeon
आकांक्षा सिंह - फोटो : amar ujala

पूर्वांचल की बेटी आकांक्षा सिंह ने नीट-2020 में देश में दूसरा स्थान हासिल कर जिले और परिवार का मान बढ़ाया है। आकांक्षा का कहना है कि वह न्यूरो सर्जन बनकर पूर्वांचल के पिछड़े इलाकों में सेवा करना चाहती हैं।

विज्ञापन


पढ़ाई को समय के दायरे में कभी नहीं बांधने वाली आकांक्षा ने दो साल तक मोबाइल अपने पास नहीं रखा। सोशल मीडिया से आज भी दूर हैं। यही नहीं दिल्ली में रहकर पढ़ाई की और त्योहार में मां से भी मिलने नहीं आईं। उनकी इसी तपस्या ने एक ऐसा मुकाम हासिल कराया जिस पर परिवार और रिश्तेदार ही नहीं, पूरे देश को नाज है। 
विज्ञापन


शुक्रवार को परीक्षा का परिणाम आने के बाद आकांक्षा अपने माता-पिता और नाना के साथ आकाश इंस्टीट्यूट आईं। उन्होंने कहा कि निर्धारित विषय को तब तक पढ़ना चाहिए जब तक उसका गहनतम ज्ञान न हो जाए। उन्होंने इसी रणनीति के साथ पढ़ाई की और सफलता के इस मुकाम को हासिल कर सकीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि कक्षा आठ तक की पढ़ाई के दौरान उनकी इच्छा आईएएस अफसर बनने की थी, लेकिन दोस्तों की सलाह और एम्स की एक बुकलेट ने उनके लक्ष्य को बदल दिया। जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर बनने की ठान ली। 

कक्षा नौ में पापा ने आकाश इंस्टीट्यूट में प्रवेश करा दिया। इंस्टीट्यूट की देखरेख में पहले गोरखपुर बाद में दिल्ली में पढ़ाई की। जिसके चलते सफलता मिली। लक्ष्य हासिल करने में कोचिंग संस्थानों की भूमिका के सवाल पर आकांक्षा ने कहा कि आज नीट की पूरी पढ़ाई एनसीईआरटी की किताबों पर आधारित है।



ऐसे में यदि पूरी गंभीरता के साथ सेल्फ स्टडी की जाए तो भी बेहतर परिणाम हासिल किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कोचिंग संस्थान से पढ़ाई को आसानी से दिशा मिल जाती है। वह एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद न्यूरो सर्जरी में ही उच्च डिग्री हासिल करना चाहती हैं। 

उन्होंने एयरफोर्स से रिटायर उनके पिता राजेंद्र कुमार राव और शिक्षक माता रुचि सिंह के त्याग की भी चर्चा की। मोबाइल साथ में था नहीं, इसलिए बात भी बहुत कम हो पाई। अब संतोष है कि घरवालों की उम्मीदों पर खरी उतर सकी हूं।

पर्सनल प्रोफाइल

पिता का नाम : राजेंद्र कुमार राव
पिता का व्यवसाय : सेवानिवृत्त एयरफोर्स कर्मी
माता का नाम : रुचि सिंह, शिक्षिका
कक्षा 10 : 97.6 प्रतिशत
कक्षा 12 : 96.4 प्रतिशत
स्कूल : प्रगति पब्लिक स्कूल, दिल्ली
कोचिंग : आकाश इंस्टीट्यूट
पढ़ाई का मंत्र : कठिन परिश्रम, सोशल मीडिया से दूरी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed