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निराशाजनक: सफर स्टेशन का 'सफर' समाप्त, लगा ताला, वापस बुलाया गया स्टाफ
Fri, 26 Nov 2021 12:44 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 26 Nov 2021 12:44 AM IST
सार
एक साल पहले 1.75 करोड़ की लागत से कलेक्ट्रेट में सफर स्टेशन की स्थापना हुई थी। अक्तूबर 2021 में अनुबंध पूरा हो गया है, अब नवीनीकरण के लिए बजट नहीं है।
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एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
साल भर पहले वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए करीब 1.75 करोड़ की लागत से स्थापित किए गए सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) स्टेशन का सफर समाप्त हो गया। अक्तूबर 2021 में ही इसका अनुंबध खत्म हो गया था। बजट के अभाव में नवीनीकरण नहीं होने से यूनिसेफ के सहयोग से इस स्टेशन को स्थापित करने वाला भारतीय उष्ण कटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) पुणे ने इसका संचालन बंद कर दिया है। स्टेशन पर ताला लगाने के साथ ही वहां तैनात स्टॉफ को वापस बुला लिया गया है।
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आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिले के लिए सफर स्टेशन की उपयोगिता बताते हुए सफर स्टेशन के आगे के संचालन की जिम्मेदारी लेने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर अपील की थी। मगर बोर्ड की तरफ से कोई जवाब ही नहीं आया। दरअसल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इसी तरह का एक उपकरण लगाना है। इसी उम्मीद के साथ आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बोर्ड से अपील की थी।
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संचालन पर हर साल 25 लाख रुपये आता है खर्च
कलेक्ट्रेट में स्थापित सफर स्टेशन में अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं। इसकी स्थापना में लगे बजट के अलावा हर साल इसके संचालन पर करीब 25 लाख रुपये का खर्च आता है। इसमें उपकरण के मेंटीनेंस एवं इंजीनियर का वेतन आदि शामिल है।
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भवन का किराया एवं बिजली का बिल इस खर्च में शामिल नहीं है। इस स्टेशन में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम)-10, पीएम-5, पीएम 2.5 और पीएम-1 प्रदूषण मापन में पूरी तरह से सक्षम है। यह स्टेशन हर घंटे का प्रदूषण का स्तर मापने में दक्ष है।