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Gorakhpur News: मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों को टेली कंसल्टेशन की सुविधा दे एम्स

Fri, 18 Apr 2025 11:28 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 18 Apr 2025 11:28 PM IST
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AIIMS should provide tele consultation facility to medical colleges and district hospitals
सीएम योगी ने कोरोना संकट काल के दौरान मिले अनुभव साझा करते हुए एम्स प्रशासन को दिए सुझाव
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपेक्षा जताई कि एम्स को आसपास के जिलों के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में टेली कंसल्टेशन के जरिये विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। कोरोना काल में एसजीपीजीआई, केजीएमयू और आरएमएल के जरिये प्रशिक्षण देकर जिस तरह से आईसीयू का संचालन किया गया था, उस मॉडल का इसमें उपयोग हो सकता है।
एम्स परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के इलाज के दौरान अस्पतालों में आईसीयू की कमी की बात सामने आई। मशीनें तो मिल सकती थीं, लेकिन प्रशिक्षित कर्मचारियों का अभाव था। इसके लिए टेली कंस्लटेंसी का सहारा लिया गया। ऐसी व्यवस्था की गई कि तकनीकी रूप से दक्ष एसजीपीजीआई और केजीएमयू के विशेषज्ञों ने दूरदराज के स्वास्थ्य कर्मियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दें।
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उन्होंने कहा कि इसके लिए हर दिन एक घंटे टेली टेली कंस्लटेंसी के जरिये दूसरे अस्पतालों में आई समस्याओं का समाधान बता रहे थे। इससे हर जिले में आइसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा मिली थी। टेली कंसल्टेशन जैसी टेक्नोलॉजी का उपयोग कर अधिक से अधिक लोगों को राहत दी जा सकती है।
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सीएम ने कहा कि एम्स जैसे संस्थान आज जिनकी ओपीडी 4000 तक पहुंच चुकी है, अगर यहां पर सभी सुपर स्पेशियलिटी की फैकेल्टी आ जाएं तो यही ओपीडी 10,000 पर चली जाएगी। ऐसे में एसजीपीजीआई की तर्ज पर एम्स गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश का चिकित्सा हब बनकर यहां से अन्य मेडिकल कॉलेजों को जोड़ते हुए यहां से टेली कंसल्टेशन की सुविधा दे सकता है। इससे सामान्य मरीजों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
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याद दिलाया तीमारदारों के भोजन के लिए रियायती मॉडल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 20 साल पहले इंसेफेलाइटिस के समय में शुरू किए गए तीमारदारों के भोजन के लिए रियायती मॉडल का भी उल्लेख किया। कहा कि एक समय बीआरडी मेडिकल कॉलेज इंसेफेलाइटिस हॉटस्पॉट था। वहां पर समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीज और उनके साथ तीमारदार आते थे। वहां पर बड़ी अव्यवस्था देखने को मिलती थी। लोगों के पास खाने के लिए भोजन नहीं होता था। उस समय हम लोगों ने एक स्वयंसेवी संस्था से मिलकर भोजन की व्यवस्था कराई थी। आठ रुपये में तीमारदारों के लिए दाल, चावल, रोटी, सब्जी की व्यवस्था शुरू की गई। उन्होंने कहा कि आज भी मरीजों के तीमारदारों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज और गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय में 10 रुपये में भरपेट दाल, चावल, सब्जी, रोटी की सुविधा प्राप्त हो रही है। उन्होंने नए बन रहे विश्राम सदन में भी इसी प्रकार सस्ता भोजन का प्रबंध करने का सुझाव दिया।
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बच्चों ने किया स्वागत, सीएम ने देखा प्रोजेक्ट मैप
शाम चार बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही छोटे-छोटे बच्चों ने सीएम योगी का स्वागत किया। बच्चों ने अपने हाथ में चित्र और गुलाब के फूल ले रखे थे। ये बच्चे एम्स परिसर में रहने वाले डॉक्टर के थे। सीएम ने बड़े आत्मीय भाव से बच्चों के हाथ से फूल लिए और सिर पर हाथ फेरकर आशीर्वाद दिया। शिलान्यास के बाद सीएम योगी ने विश्राम सदन के मैप और ले आउट को देखकर प्रोजेक्ट की जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए।


एम्स की स्थापना के लिए सीएम योगी ने बहाया पसीना: रवि किशन
सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि एम्स गोरखपुर की स्थापना का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को है। उन्होंने इस संस्थान के लिए अपना पसीना बहाया है। जनता को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना हमेशा से उनकी उच्च प्राथमिकता रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौनिहालों के लिए त्रासदी रही इंसेफेलाइटिस पर पूर्ण नियंत्रण इसका प्रमाण है।



गोरखपुर का एम्स उम्मीदों पर उतरा खरा

शिलान्यास समारोह में एम्स गोरखपुर की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन देशदीपक वर्मा ने कहा कि कम समय में ही गोरखपुर एम्स की उपलब्धियां मौन क्रांति की तरह है। वर्तमान में यहां पांच सुपर स्पेशियलिटी डिपार्टमेंट संचालित हो चुके हैं। गोरखपुर का एम्स देश के प्रथम श्रेणी वाले संस्थानों की कतार में तेजी से शामिल हो रहा है। कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि विश्राम सदन सिर्फ एक भवन नहीं है बल्कि रोगियों के परिजनों को आश्रय और बुनियादी सुविधाएं सुविधा दिलाने का संवेदनशील कदम है। पावरग्रिड के निदेशक (कार्मिक) यतींद्र द्विवेदी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि विश्राम सदन के निर्माण को 31 मार्च 2027 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है।


इस अवसर पर मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एम्स के मीडिया सेल की प्रभारी डॉ. आराधना सिंह, डॉ. मुकुल सिंह, डॉ. अरुप मोहंती समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
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