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Gorakhpur News: गोरखपुर में झोलाछाप कर रहा था एईएस मरीज का इलाज, मुकदमा दर्ज

Tue, 18 Apr 2023 10:52 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 18 Apr 2023 10:52 AM IST
सार

जेई, एईएस पर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने देवरिया जिले के गौरी बाजार ब्लाॅक के कर्माजीतपुर गांव की ग्राम प्रधान मीना और पाली ब्लाॅक के गोविंदपुर गांव की आशा बहू गीता शाह को प्रशस्तिपत्र और दो-दो हजार रुपये देकर सम्मानित किया है।

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AES treating patient by quack in Gorakhpur
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गोरखपुर में झोलाछाप एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से पीड़ित 13 वर्षीय बालिका का इलाज कर रहा था। दो दिनों तक इलाज किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इस पर परिजन क्षेत्र के ग्राम प्रधान के संपर्क में आएं। प्रधान ने तत्काल मरीज को 108 नंबर एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज के लिए भेजवाया।

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मामले की जानकारी होने पर एसीएमओ ने आरोपी झोलाछाप के खिलाफ धोखाधड़ी से इलाज करने और बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल और मेडिकल स्टोर चलाने का केस दर्ज कराया है। मामले की जानकारी कमिश्नर को हुई तो उन्होंने प्रधान को सम्मानित किया है। जानकारी के मुताबिक, देवरिया के पिपराधनी गांव के रहने वाले राजन प्रसाद की बेटी आराधना (13) की तबीयत खराब हुई।
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परिजन तबीयत खराब होने पर गौरीबाजार के बखरा चौराहे पर अरविंद कुमार के मेडिकल स्टोर पर गए। जहां पर उसने दवा दी। दवा का असर नहीं हुआ तो उसने आराधना को भर्ती करने की सलाह दी। उसने दो दिनों तक भर्ती किया। लेकिन, दवा का कोई असर नहीं हुआ।
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इस पर परिजन गांव की प्रधान मीना से संपर्क किए। मीना ने मरीज को इलाज के लिए तत्काल एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजवाया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब मेडिकल स्टोर की जांच की तो पता चला कि कोई भी कागजात नहीं है।

मेडिकल स्टोर की आड़ में अरविंद अस्पताल चला रहा था। वहां से चार बेड, दो ऑक्सीजन सिलिंडर एक नेबुलाइजर मशीन बरामद हुई। मौके पर एक मरीज को भर्ती कर इलाज भी किया जा रहा था। टीम ने उसे सरकारी अस्पताल भेजा। बिना किसी डिग्री के वह मरीजों का भी इलाज कर रहा था। एसीएमओ की तहरीर पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

एईएस मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए कमिश्नर ने किया सम्मानित

जेई, एईएस पर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने देवरिया जिले के गौरी बाजार ब्लाॅक के कर्माजीतपुर गांव की ग्राम प्रधान मीना और पाली ब्लाॅक के गोविंदपुर गांव की आशा बहू गीता शाह को प्रशस्तिपत्र और दो-दो हजार रुपये देकर सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें एईएस से प्रभावित बच्ची को तत्काल 108 एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने पर दिया गया है।

इसे लेकर कमिश्नर सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने जेई, एईएस बीमारी से बचाव की जानकारी भी दी। कमिश्नर ने निर्देश दिया है कि जेई, एईएस से प्रभावित बच्चों को एंबुलेंस के माध्यम से ही पहुंचाया जाए। साथ ही झोलाछाप पर नजर रखी जाए।
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